उत्तरप्रदेश राज्य के बल्लीपरवा से नीतू मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि वो कोई भी व्यवसाय करना चाहती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के सिटी प्रखंड से हमारी श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहती है कि क्या महिलाओं को भी जमीन में अधिकार मिलना चाहिए ?जमीन का पट्टा कैसे मिलेगा ?

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला से सुजीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं के नाम भी जमीन होना चाहिए

आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे और जानेंगे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जुड़ी श्रोताओं के विचार

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के सिटी प्रखंड के ग्राम लेड़ु से नीलू मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो ब्यूटी पार्लर का काम करती हैं। इसके साथ ही समूह की दीदियों को उद्यमिता की जानकारी देती हैं। सभी दीदियों को अपना रोजगार बढ़ाने का भी सलाह देती हैं

आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे और जानेंगे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जुड़ी जानकारी

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला से काजल भारती मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि ये कोई रोज़गार करना चाहती है। इसके लिए क्या करना होगा ?

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला के गाँव हुसैनीपुर कोण ब्लॉक से इंदु देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहती हैं कि वो किराना का दुकान चलाती हैं। और अपना हिसाब किताब करने के लिए रजिस्टर में लिखती थी। लेकिन ग्राम वाणी के शिव धनी सर जी ने हमारे मोबाइल में मेरा बिल ऐप डाउनलोड करवा दिया। अब इस एप्प की सहायता से मुझे बहुत आसानी से उधार वापस मिल जा रहा है। जिसके यहाँ हमारा पैसा बाकी होता है, उनके नंबर पर भेज देते हैं। इस एप्प के द्वारा अभी तक तीन हजार रुपया उधार का बकाया राशि मुझे वापस मिला है।

उत्तर प्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के औराई ब्लॉक से गोविंद प्रसाद ने संत कुमार सरोज से बातचीत की जिसमें संत कुमार सरोज ने जानकारी दी की वो सीएचसी सेंटर चलाते हैं। अपने क्षेत्र के लोगों को योजनाओं की जानकारी देते हैं। एक समाज सेवक की तरह इस काम को करते हैं। लाभार्थी आते हैं तो उन्हें जनाकारी देने और मदद करने में बहुत अच्छा लगता है। ग्रामवाणी चैनल बहुत अच्छा लगता है

दोस्तों, महिलाओं के भूमि अधिकार सुरक्षित करने में स्थानीय शासन की भूमिका केंद्रीय है। यदि ग्राम पंचायतें भूमि अधिकार को प्राथमिकता दें, महिलाओं को लाभार्थी सूचियों में शामिल करें, अधिकारियों को प्रशिक्षण दें और समुदाय संगठनों के साथ मिलकर काम करें, तो ग्रामीण भारत में महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण संभव है। स्पष्ट है कि जमीन पर अधिकार सिर्फ कागज़ी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और स्वतंत्रता का सवाल है — और इसका समाधान गांव से ही शुरू होगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- क्या आपकी पंचायत ने कभी महिलाओं को जमीन के अधिकार के बारे में कोई जानकारी या बैठक रखी है? अगर हाँ, तो उसका असर क्या रहा?” *--- अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”