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कल के नेता, आज की आवाज़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक आह्वान है—युवाओं के लिए, समाज के लिए और नीति निर्माताओं के लिए। यदि युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर दिए जाएं, तो वे भूमि न्याय के आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। भविष्य का भारत तभी सशक्त और न्यायपूर्ण होगा, जब आज की युवा आवाज़ भूमि पर समान अधिकार की मांग को मजबूती से उठाएगी। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- आपके परिवार में जमीन किसके नाम है? क्या महिलाओं का नाम भी उसमें शामिल है *--- “हम अपने परिवार और समाज में ऐसी कौन-सी पहल कर सकते हैं, जिससे महिलाओं को ज़मीन में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो? *--- “अगर महिलाओं के नाम जमीन हो जाए, तो आपके हिसाब से उनकी ज़िंदगी में क्या-क्या बदल सकता है?”

यह एपिसोड काजल परिहार की कहानी बताता है, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में एक डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किया। उनका व्यवसाय गांव वालों को बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे उन्हें दूर जाने की आवश्यकता नहीं होती। काजल का मानना है कि युवाओं को तकनीक का उपयोग करके दूसरों की मदद करनी चाहिए।

नाम श्यामलाल ,उम्र 40 वर्ष