उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला से नीलु मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहती हैं कि महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं के पास जमीन होगा तो अपना रोजगार कर सकती हैं

दोस्तों, गरीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई में महिला भूमि अधिकार एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है। यह केवल संपत्ति का हस्तांतरण नहीं, बल्कि शक्ति का हस्तांतरण है। तब तक आप हमें बताइए कि , *---- क्या आपको लगता है कि महिलाओं के नाम जमीन होने से परिवार की आय बढ़ती है? अपना अनुभव बताएं। *---- आपके गाँव में महिलाओं को जमीन के कागज़ात मिलने से किस तरह के बदलाव आए हैं? *---- क्या आपके परिवार या समुदाय में ऐसी कोई महिला है, जिसकी ज़िंदगी जमीन मिलने के बाद बदली हो?

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के सिटी प्रखंड के ग्राम लेड़ु से पुष्पा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो धान का खेती करती हैं और आलू का भी खेती करना चाहती हैं। इनके नाम से जमीन है और ये उसमें आगे भी खेती करना चाहती है

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"कौन बनेगा बिज़नेस लीडर" एक ऐसा कार्यक्रम है जो महिलाओं को व्यवसाय के क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसमें राखी यादव की कहानी बताई गई - एक युवा महिला जिसने अपने छोटे से सपने को बड़ी सफलता में बदला। 20,000 रुपये से शुरू करके, राखी ने अपना ऑप्टिकल व्यवसाय खड़ा किया और आज वह न केवल खुद सफल है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

रवि सेन जी ने अपनी पूंजी से साड़ी का व्यापार शुरू किया। गाँव-गाँव जाकर साड़ी बेचते हुए उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारी। मेहनत और लगन से उन्होंने सफलता प्राप्त की और अब वो अपने इलाके में प्रेरणा का स्रोत बन गयी हैं।

आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे अपने श्रोताओं की राय

यह एपिसोड काजल परिहार की कहानी बताता है, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में एक डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किया। उनका व्यवसाय गांव वालों को बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे उन्हें दूर जाने की आवश्यकता नहीं होती। काजल का मानना है कि युवाओं को तकनीक का उपयोग करके दूसरों की मदद करनी चाहिए।

आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम जानेंगे एसएचजी यानि की स्वयं सहायता समुह से जुड़ने के क्या फायदे हैं और इससे जुड़ कर कैसे आप अपने जीवन में बदलाव ला सकते हैं।

सीमा की कहानी हौसले और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। एक महिला के रूप में ई-रिक्शा चलाने की चुनौतियों का सामना करते हुए, उन्होंने समाज की परवाह किए बिना अपने सपनों को साकार किया। अपने परिवार के समर्थन और अपनी मेहनत से, सीमा ने न केवल एक सफल व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गईं।