राॅंची। स्वतंत्रता दिवस को लेकर राॅंची के मोरहाबादी मैदान में आज बुधवार को पुलिसकर्मियों ने रिहर्सल शुरू कर दिया है। इस बार यूपी पुलिस भी परेड में हिस्सा लेगी। स्वतंत्रता दिवस पर मोरहाबादी मैदान में मंच सहित दर्शकों के बैठने के लिए दीर्घा का निर्माण भी किया जा रहा है।

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राज्य के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निकला आवेदन अब 16 अगस्त से भरे जाएंगे। जेएसएससी ने देर शाम इसे लेकर नोटिस जारी किया। पूर्व में जारी सूचना के मुताबिक आठ अगस्त यानी मंगलवार से फॉर्म भरे जानें थे, लेकिन तकनीकी कारणों से ऐसा संभव नहीं हो सका। जिसके बाद जेएसएससी ने नोटिस जारी कर उम्मीदवारों को बताया कि अब 16 अगस्त से आवेदन भरे जाएंगे। आवेदन को इच्छुक उम्मीदवार मंगलवार को पूरे दिन आवेदन का लिंक तलाशते रहे।

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झारखण्ड मे रघुवर सरकार के ने कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लडने के लिए छः जिलों मे पोषण परामर्शी उर्फ पोषण सखी की बहाली की थी जिसमे योगदान देकर पोषण सखियों ने कोरोना काल जैसे महामारी मे भी अपने जान की परवाह ना करते हुए कुपोषण से लेकर कोरोना वैकसीनेशन तक सेवा भाव से अपनी सेवा प्रदान की लेकिन वर्तमान सरकार ने सता मे आते ही केन्द्र का हवाला देते हुए पोषण सखियों की बहाली को निरस्त कर दिया था, तब से लगातार पोषण सखी संघ चरणबद्ध आंदोलन पर हैं लेकिन सरकार कोई संज्ञान नही ले रही है । आज पोषण सखियों की स्थिति ठिक इस प्रकार हो गई है की धोबी का कुता न घर का न घाट का पोषण सखी बाट जोह रही है झारखंड सरकार का। अब इनके लिए उम्र सीमा भी निकल चुका है कि कहीं और योगदान की अपील की जाय। दरअसल देखा जाए तो झारखण्ड काले सोने समेत कई खनिजों और संपदाओं से युक्त है और बात करें यहाँ के नेताओं और विधानसभा सदस्यों की जिन्हें वी आई पी सुख सुविधाओं के साथ वेतनमान दिया जाता है तब सरकार का बजट नही गडबड होती लेकिन पोषण क्षेत्र मे आमलोगों की सेवा हित कार्य मे हाथ बटा रही पोषण सखी सरकार पर भारी पड़ी। बात कुछ भी हो घिसना तो आम इंसान को ही पडता है। एक ओर जहां सरकार महिलाओं को समृद्ध और सुदृढ करने की बात करती हैं वहीं दूसरी ओर इनके मुँह से निवाला छिना जा रहा है।पारिवारिक समस्या और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही पोषण सखियों का जीवन असमंजस मे है न आगे नाथ न पिछे पगहा,आकर अटके ऐसी जगहा। यह कहावत सटीक जान पड़ता है।

फलों के राजा आम के बाद जिस प्रकार से आलु को सब्जियों के राजा की उपाधि दी गई है ठीक उसी प्रकार टमाटर भी फिलहाल रानी से कम नहीं जो अभी परदे मे नजर आ रही है साथ ही रानी के दीदार को गरीब की थाली तरस रही है। टमाटर का नाम अभी बड़े सम्मान और अदब के साथ लिया जा रहा है। टमाटर के इन दिनों भाव चढ़े हुए हैं। 200 रुपये किलो टमाटर बिक रहा है। लेकिन वहीं टमाटर लोगों के किचन में पहुंचने से पहले सड़क बिखर गया। दरअसल हुआ यूं कि टमाटर भरकर बिहार से रांची आ रहा पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गया। पिकअप के पलटते ही पूरा टमाटर सड़क पर बिखर गया। इधर लोगों को जैसे ही मालूम पड़ा की टमाटर से भरा पिकअप पलट गया है, लोग लूटने के इरादे से निकल पड़े, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस की मुस्तैदी से लोगों का मंसूबा नाकाम हो गया। घटना चरही थाना क्षेत्र के चरही घाटी के यूपी मोड़ के पास की है। बिहार से रांची टमाटर लेकर आ रहा पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गया। जानकारी के मुताबिक पिकअप के पलटने से कुछ घण्टों तक सड़क का एक लेन जाम हो गया। पुलिस मौके पर पहुंचकर बिखरे हुए टमाटर को एकत्रित कर किनारे कराई। पलटे हुए वाहन को क्रेन के माध्यम से उठाया गया। इधर टमाटर को एकत्रित कर पुलिस ने दूसरे वाहन से रांची के लिए भेजवाया। इधर टमाटर महंगा होने के कारण लोगों में टमाटर साथ ले जाने केलिए काफी लोग में ताक में थे, लेकिन चरही पुलिस की मुस्तैदी की वजह से लोगों को मन मसोसकर लौटना पड़ा।

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