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बिहार राज्य के जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि तेल की बढ़ती कीमतें अर्थव्यवस्था पर प्रतिगामी असर डालती है। ईंधन की ऊँची कीमतें बढ़ती मुद्रास्फीति का कारण बनता है और परिवार की लागत बढ़ने के साथ-साथ आम आदमी की रोज़मर्रा की जिंदगी पर असर डालती है। जायज है कि तेल की कीमतों में वृद्धि से पिछले कुछ सालों में छोटी किसानों की खेती की लागत भी बढ़ गयी है। इस पर सरकार को गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है।
बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की विश्व में प्राकृतिक संसाधन बहुत ही सिमित मात्रा में उपलब्ध है।हम सबको इसका इस्तेमाल बहुत ही सोच-समझ कर आवश्यकता अनुरूप ही करना चाहिए।अगर हमने पेट्रोलियम,खनिज संपदा,जल,विद्धुत का इस्तेमाल अंधाधुन तरिके से किया तो हमारी आने वाली पीढ़ी इन सुविधाओं से वंचित रह जायेगी।वृक्षों की कटाई से दिनों-दिन वातावरण में प्रदुषण बढ़ रहा है,गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है।अगर इन सब पर रोक नहीं लगा तो भविष्य में हमारा जीवन बहुत कष्टदायक हो सकता है।
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बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की निरनतर हो रहे पेट्रोलियम संसाधनों में वृद्धि से आम जनता बेहद परेशान है।लेकिन इससे केंद्र और राज्य सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।आम जनता अब पहले की तुलना में काफी हद तक समझदार हो गई है।इसे बहलाना इतना आसान नहीं है।जनता अब हर पहलु से विचार करने के बाद ही कोई फैसला लेती है।देश में सरकार कोई भी रही हो सब विकास की सिर्फ बातें करती है।धरातल पर काम नहीं दिखता।कागजी खाना पुर्ति के साथ हर समय नौकरशाहों के वेतन भत्ते में बढ़ोत्तरी की जाती है।लेकिन जनता की परेशानियों से किसी को कोई मतलब नहीं रहता।देश में बढ़ती बेरोजगारी घटती सरकारी नौकरियाँ और महँगाई अगर सरकार ने इन सब पर ध्यान नहीं दिया तो इसका नतीजा बहुत गलत निकलेगा।
बिहार राज्य के जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि सिकंदरा प्रखंड सहित कई जिलों में पर्याप्त वर्षा ससमय नहीं होने के कारण खरीफ फसल की बुआई नहीं हो पा रही है। जिससे प्रखंड के किसानों के सामने भारी परेशानी देखी जा रही है।डीजल की महंगाई के कारण आर्थिक रूप से कमजोर किसान अपने खेत में मर रहे धान को भी बचा नहीं पा रहे है।सरकार डीजल अनुदान की बात तो करती है लेकिन मिल नहीं पाता है। सरकार को किसानों के लिए सिंचाई का साधन और उचित कीमत मुहैया करने की ज़रूरत है।
बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार सिकंदरा मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी साझा करते हुए कहते हैं कि पुरे जिला में वर्षा नहीं होने से किसान खरीफ फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।आर्थिक रूप से कमजोर किसान डीजल खरीदने में भी सक्षम नहीं है, सिंचाई के अभाव में किसान धान के बिचड़े तक को भी बचाने में असमर्थ हैं।सरकार किसानों के लिए कई योजनाओ की घोषणा तो करती है।लेकिन समय पर कभी भी किसानों योजनाओं का लाभ नहीं प्राप्त होता है।वर्षा के अभाव में किसानों के बीज जल रहे हैं,लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर है ही नहीं।जब बिचड़ा जल कर समाप्त होगा तब कुछ किसानो को डीजल अनुदान मिलेगी। किसानों के लिए कृषि रोड मैप लागु हुई है, जिसके लिए करोड़ो रूपये का भी आबंटन हुआ है। लेकिन अब तक इससे किसानों को कोई लाभ नहीं मिला है।इससे किसानों को लाभ हुआ हो या नहीं पर यह बात तय है कि इससे बिचौलियों सहित,सरकारी कर्मचारी एवं मंत्री पद तक को काफी फायदा हुआ है।किसानों के लिए जो सबसे जरुरी है सिंचाई और फसल का उचित मूल्य इस पर भी सरकार आज तक कुछ नहीं कर पायी है।सरकार द्वारा इतनी योजनाओं का निर्माण केवल इसलिए किया जाता है की किसानों के नाम पर एक अच्छी रकम अपने खाते में जमा कर सके।
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