दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रशाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लॉक डाउन से हो रही परेशानियों के कारण प्रवासी मजदुर अपने घर वापस लौटना चाहते हैं। कोरोना का डर बहुत है। श्रमिकों की सोच है कि कोरोना की बीमारी शहरों में ही ज़्यादा देखना पड़ रहा है। वहीं कुछ श्रमिकों का कहना है कि गाँव में मनरेगा और अन्य कार्य भी नहीं मिल रहा है

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दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कोरोना काल में दोबारा श्रमिक अपने घरों की ओर पलायन कर रहे है। श्रमिक बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए और पिछले साल की तकलीफ़ों को याद करते हुए पलायन कर रहे है। साथ ही कंपनियों में काम भी नहीं मिल रहा है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर ...

राशन हुआ महंगा

दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रशाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना महामारी के कारण छात्र -छात्राओं की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। कोरोना के कारण सबसे बुरा प्रभाव छात्र -छात्रों को उनके पढाई पर पड़ा है। देश जिस तरह कोरोना संकट से जूझ रहा है। एक वर्ष से अधिक समय बिट जाने के बाद भी कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के बजाय दोगुनी तेज़ी से बढ़ रहा है। इससे जीवन की गति थम ही गयी है। इस संक्रमण ने देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया ही है साथ ही छात्रों का भविष्य भी अधर में लटका रखा है।

दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रशाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना महामारी की वापसी हो रही है

दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रशाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना के बढ़ते हालातों के कारण गलियाँ सूनसान हो गयी है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों में सक्रमण का भय बना हुआ है। सरकार द्वारा लगाए गए लॉक डाउन का लोग पालन भी कर रहे हैं। बेवजह घूम रहे लोगो पर पुलिस सख्ती भी दिखा रही है। लॉक डाउन लगने के बाद लोग केवल जरुरी सामान खरीदने के लिए बाहर निकल रहे हैं।कोरोना से बचने के लिए लोग सामाजिक दुरी का पालन कर रहे हिअ और साथ है मास्क का भी इस्तेमाल कर रहे हैं

दिल्ली के गुरुग्राम हरियाणा से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना महामारी का प्रकोप दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है। संक्रमण की दूसरी लहार अपने चरम पर है। इससे पता चल रहा है कि प्रतिदिन होने वाले मौत का आंकड़ा पिछले साल के आंकड़ों से पार करता दिख रहा है।

दिल्ली के गुरुग्राम हरियाणा से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना महामारी का प्रकोप को देखते हुए रात्रि कर्फ्यू के अनुमान लगाए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों की सरकारों की ओर से रात के कर्फ्यू का सहारा लेना यही बताता है कि कोरोना संक्रमण की लहर को रोकने का कोई ठोस उपाय सामने नहीं आ रहा था