दिल्ली के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जितनी संख्या में प्रतिदिन कोरोना का टीका लगना चाहिए ,उतना नहीं लग पा रहा है। वजह यह है कि पर्याप्त संख्या में टीका उपलब्ध नहीं है। समय रहते ही इसकी उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जा सकी है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर..
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि दिल्ली में कोरोना टीका को लेकर आ रही बाधाएँ चिंता का विषय है। यह न ही केवल वयस्कों के टीकाकरण प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है। दिल्ली में 18 से 44 वर्ष के लोगों के लिए कोवैक्सीन पहले ही ख़त्म हो चुके है जिस कारण 100 से अधिक टीकाकरण केंद्र बंद हो चुके है। अब दिल्ली सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि अब कविशील्ड टीका ही शेष है। अब सरकार को चाहिए कि दिल्ली में पर्याप्त मात्रा में टीका सुनिश्चित करें
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि दिल्ली एनसीआर में सबसे ज़्यादा एक्सपोर्ट गारमेंट्स की फैक्ट्री है जहाँ बड़ी तादाद में नौकरी मिलती है। अभी के समय सबसे ज़्यादा कोरोना महामारी का प्रभाव इन्ही गारमेंट्स फैक्ट्री पर पड़ा है। फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिक वापस अपने गाँव चले गए है ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर.
दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब लोगों के बीच कोरोना की तीसरी लहर चर्चा का विषय है। जिसको लेकर अब इससे निपटने के लिए तैयारियों की सक्रियता बढ़ा देनी चाहिए। अस्पतालों में अब सभी ज़रूरत की चीज़ों की व्यवस्था कर लेनी चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर से हुए नुकसान को देखते हुए अब सरकार को सतर्क हो जाना चाहिए।
दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर प्रसाद ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गावों में टीकाकरण की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए
दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बसों से यात्रा में दिक्कत हो रही है
दिल्ली के गुरुग्राम से नन्द किशोर ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लॉक डाउन के बाद से कुलियों का काम थप हो गया है।
गुड़गांव से मीनू देवी ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो बिहार की रहने वाली है।अभी गुड़गांव में रहती है। रोज़गार नहीं है ,काम बंद है ,उन्हें साझा मंच से मदद चाहिए
गुड़गाँव से रेशमा कुमारी ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पिछले एक महीने से लॉक डाउन के कारण वे घर पर बैठी है। उन्हें मदद की जरूरत है
गुडगाँव से गुलशन कुमार कहते है कि वो लॉक डाउन के कारण गुड़गांव में फँस गए। खाने पीने की समस्या है
