बिहार राज्य के सुपौल जिला के मरौना प्रखंड से सुबोध साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से पूछ रहे है कि यदि लाभार्थी को मनरेगा के तहत पैसा नहीं आया तो ऐसे समाये में उन्हें क्या करना चाहिए।
हमारे श्रोता सुबोध साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से पूछ रहे है कि यदि अकाउंट वेरीफाई नहीं होने के कारण पीएफ का पैसा नहीं निकल रहा है तो ऐसी अवस्था में वो क्या करें?
Comments
हम बताना चाहते हैं कि हमने आपके इस सवाल का जवाब पहले भी दिया है। अगर आप अपना जवाब सही और स्पष्ट तरीके से पूछेंगे तो हम आपके सवाल का जवाब और बेहतर तरीके से देपाएगे। लेकिन अभी केलिए आपके सवाल के अनुसार हम आपको वही जवाब दे रहे हैं। ऑफलाइन के.वाई.सी अप्प्रूव होने में दो हफ्ते का समय लग सकता है, और ऑनलाइन में इसे 7 से 10 दिन लग सकते हैं। यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर अपने अपना आधार, पैन, और बैंक डिटेल्स के.वाई.सी के तोर पर दी है तो अप्प्रूव होने के बाद सिर्फ आधार और पैन के सामने हरे रंग से वेरिफिड करके दिखेगा और बैंक से सामने सिर्फ N/A करके दिखेगा। मगर इसका मतलब ये नहीं है कि आपका बैंक डिटेल्स अप्प्रूव नहीं हुआ है, अगर आपकी कंपनी इसे उनकी ओर से डिजिटली अप्प्रूव कर देते हैं तो आपका बैंक डिटेल्स भी वेरिफय हो जायेगा। अगर आपका नियोक्ता इसे स्वीकार नहीं करता है, तो आप अपने नियोक्ता के खिलाफ पी.एफ कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि आप अपने शिकायत-पत्र के साथ कंपनी का पहचान पत्र, या नियुक्ति पत्र जैसे प्रमाण भी संलग्न करें, जिससे यह साबित हो कि आप उस कंपनी में काम कर रहें हैं या काम कर चुके हैं और अपने संदर्भ के लिए शिकायत पत्र का ज़ेरॉक्स भी ले लें।
Sept. 26, 2020, 10:54 a.m. | Tags: govt entitlements int-PAJ workplace entitlements
बिहार राज्य के सुपौल ज़िला से हमारे एक श्रोता,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानना चाहते है कि श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना व अटल पेंशन योजना ,दोनों का लाभ एक साथ ले सकते है ?
Comments
आपको बताना चाहते हैं कि इस योजना का सही नाम “प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना” है। श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय के अनुसार असंगठित क्षेत्रों (जैसे- दिहाड़ी मज़दूर, घरेलू नौकर, वाहन चालक, बिजली-सफ़ाई का काम करने वाले आदि) में कार्यरत कम आयवर्ग के व्यक्तियों, जिनकी मासिक आय पंद्रह हज़ार रुपए से कम हो, की बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत की गयी है। इस योजना में अट्ठारह से चालीस वर्ष के आयुवर्ग का कोई भी भारतीय नागरिक जुड़ सकता है और हर महीने एक आंशिक योगदान के जरिए वह आजीवन तीन हज़ार रुपये पेंशन का हकदार बन सकता है। इस योजना के तहत खाता खोलने के लिए सिर्फ दो प्रमाण पत्रों और मोबाईल नम्बर की ही जरूरत होगी। इसके तहत साथ वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद हर महीने तीन हज़ार रुपए की पेंशन मिलेगी। अट्ठारह वर्ष की उम्र में इस योजना से जुड़ने पर पचपन रुपए, उनतीस वर्ष की उम्र में जुड़ने पर सौ रुपए और चालीस वर्ष की उम्र में जुड़ने पर दो सौ रुपए मासिक साठ वर्ष की उम्र तक योगदान करना होगा। मुख्य बात यह कि आपके योगदान के बराबर की राशि का योगदान सरकार भी करेगी। इसके लिए सिर्फ़ आधार कार्ड और बचत खाता या जनधन खाता और मोबाईल नम्बर चाहिए। यहाँ यह बात मुख्य रूप से ध्यान देने वाली है कि अगर आप पहले से किसी भी ऐसी पेंशन योजना के सदस्य हैं, जिसमें सरकार का भी योगदान है, तो फिर आप इस योजना का लाभ लेने के पात्र नहीं हैं।
Sept. 4, 2020, 6:12 p.m. | Tags: govt entitlements int-PAJ pension
बिहार राज्य के सुपौल ज़िला से सतीश ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पीएफ में उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड तो वेरीफाई हो गया है परन्तु बैंक खाता अब तक नहीं हो पाया है। अभी भी पेंडिंग बता रहा है और इस पर कंपनी के एच आर भी सहायता नहीं कर रहे है। इस बारे में जानकारी चाहते है
Comments
ऑफलाइन के.वाई.सी अप्प्रूव होने में दो हफ्ते का समय लग सकता है, और ऑनलाइन में इसे 7 से 10 दिन लग सकते हैं। यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर अपने अपना आधार, पैन, और बैंक डिटेल्स के.वाई.सी के तोर पर दी है तो अप्प्रूव होने के बाद सिर्फ आधार और पैन के सामने हरे रंग से वेरिफिड करके दिखेगा और बैंक से सामने सिर्फ N/A करके दिखेगा। मगर इसका मतलब ये नहीं है कि आपका बैंक डिटेल्स अप्प्रूव नहीं हुआ है, अगर आपकी कंपनी इसे उनकी ओर से डिजिटली अप्प्रूव कर देते हैं तो आपका बैंक डिटेल्स भी वेरिफय हो जायेगा। अगर आपका नियोक्ता इसे स्वीकार नहीं करता है, तो आप अपने नियोक्ता के खिलाफ पीएफ कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि आप अपने शिकायत-पत्र के साथ कंपनी का पहचान पत्र, या नियुक्ति पत्र जैसे प्रमाण भी संलग्न करें, जिससे यह साबित हो कि आप उस कंपनी में काम कर रहें हैं या काम कर चुके हैं और अपने संदर्भ के लिए शिकायत पत्र का ज़ेरॉक्स भी ले लें।
Sept. 7, 2020, 5:39 p.m. | Tags: govt entitlements int-PAJ workplace entitlements
बिहार राज्य के सुपौल ज़िला से शिव,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाला पेंशन पहले इंदिरा पेंशन योजना के नाम से जाना जाता था ,जो बाद में मुख्यमंत्री पेंशन योजना बन गया। अब इसे प्रधानमंत्री पेंशन योजना भी कहा जाता है। तो शिव को यह जानकारी चाहिए कि यह पेंशन योजना केंद्र सरकार की है या राज्य सरकार की
Comments
आपको बताना चाहते हैं कि वृद्धावस्था पेंशन योजना में केंद्र और राज्य सरकारों का संयुक्त योगदान होता है। लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की होती है।
Sept. 1, 2020, 8:58 p.m. | Tags: govt entitlements int-PAJ pension elderly
बिहार राज्य सुपौल जिला से सुबोध साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से पीएफ खाते में कुल राशि सम्बन्धी जानकारी जानना चाहते हैं।
Comments
आपका सवाल अधूरा और स्पष्ट नहीं है, हम जानना चाहते हैं कि क्या आपने दो कम्पनी में काम किया है और या फिर आप ई.पी.एफ और ई.पी.एस की बात कर रहें हैं. अगर अपने दो कम्पनी में काम किया है तो आपको पुराने पीएफ अकाउंट को नए पीएफ अकाउंट में ट्रांसफर करना पड़ेगा, जिसके बाद ही एक व्यक्ति अपना पीएफ निकाल सकता है। हम आपको ये भी बताना चाहते हैं की पीएफ अकाउंट नंबर और यूएएन नंबर अलग-अलग होते हैं, यूएएन नंबर हमेशा एक ही होता है मगर पीएफ अकाउंट नंबर कम्पनी बदलते वक्त बदलता रहता है, पीएफ का पैसा निकलते वक्त आपको अपने पिछले पीएफ अकाउंट का पैसा नए पीएफ अकाउंट में ट्रांसफर करना पड़ता है।
Aug. 18, 2020, 4:32 p.m. | Tags: govt entitlements int-PAJ workplace entitlements
बिहार राज्य के सुपौल जिला से सुबोध जी साझा मंच के माध्यम से बता रहें है कि प्रधान मंत्री मोदी जी ने जो ऐलान किया है कि किसानों को 2-2 हज़ार रु मुहैया कराया जायेगा। तो इनका सवाल है कि जिन्होंने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया है और काफी दिन से आवेदन लंबित है तो इसके लिए क्या किया जाए ताकि लाभार्थी को लाभ मिल सके।
Comments
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने घोषणा की है कि प्रधान मंत्री किसान सम्मान के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये 2000-2000 रुपये के तीन किस्तों में मिलते हैं। अगर आपको इस स्कीम के तहत पैसा न मिले तो अपने लेखपाल, और जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें। वहां से बात न बने तो केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से जारी हेल्पलाइन (PM-Kisan Helpline 155261 या 1800115526 (Toll Free) पर संपर्क करें। वहां से भी बात न बने तो मंत्रालय के दूसरे नंबर (011-23381092) पर बात करें।
April 9, 2020, 4:51 p.m. | Tags: lockdown int-DT coronavirus int-PAJ governance
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.

Comments
आपको बताना चाहते हैं कि हर ब्लॉक में मनरेगा का कार्य ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफ़िसर की देखरेख में होता है, इसलिए मनरेगा की मज़दूरी न मिलने की शिकायत आप ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफ़िसर कार्यालय में करें, आपकी शिकायत का सामाधान वहीं से होगा। अगर किन्ही कारणों से आपकी शिकायत का सामाधान वहाँ से नहीं हो पाता है, तो आप बिहार मनरेगा इंचार्ज प्रणव कुमार चौधरी के मोबाईल नम्बर- 9430059457 या आदित्य कुमार दास के मोबाईल नम्बर- 9431818391 पर कॉल कर अपनी बात रख सकते हैं, धन्यवाद।
Sept. 22, 2020, 3:29 p.m. | Tags: MNREGA govt entitlements int-PAJ wages