बिहार राज्य के सुपौल जिला ,प्रखंड मरौना ,थाना मरौना से बिनोद यादव साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रधान मंत्री आवासीय योजना की दूसरी क़िस्त लेने के लिए क्या करना होगा? जिनके माकन तैयार हो गए है और जिन्होंने अपने घर के छत में एस्बेस्टस शीट डलवाये हैं ,क्या उन लोगों को सरकार की ओर से दी जाने वाली तीनो क़िस्त दी गई है या नहीं और यदि नहीं दी गयी है तो घर के छत को ढलाई करवाने पर ही तीनों क़िस्त दी जाएगी ,इसकी जानकारी दें।

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में गरीब लोगों को आवास बनाने के लिए सरकार एक लाख 20 हजार रुपए का अनुदान देती है। यह अनुदान चार किस्तों में दिया जाता है, पहली किस्त नीव डालते वक्त, दूसरी किस्त निर्माण 50 फीसदी होने पर, तीसरी किस्त निर्माण 80 फीसदी होने पर और चौथी किस्त निर्माण पूरा करने के बाद मिलती है। अगर लाभार्थी स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर में शौचालय का निर्माण भी करता है तो उसे इसके लिए अलग से 12000 रुपए दिए जाते हैं।
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April 15, 2019, 4:11 p.m. | Tags: int-PAJ  

साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से सतेंदर कुमार जानना चाहते हैं, कि अभी जो प्रधान मंत्री आवास योजना आया है। 2018 का इसके तहत अभी कितना पैसा दिया जा रहा है। और कितने समय में ये पैसा मिल पायेगा जानकारी दें

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बताना चाहेंगे कि पीएम आवास योजना के अंतरगत ग़रीबी रेखा से नीचे रह रहे और आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को घर दिेए जाते हैं, इसमें किसी भी तरह से कोई राशि नहीं दी जाती।
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Aug. 24, 2018, 1:35 p.m. | Tags: int-PAJ  

बिहार राज्य के सुपौल जिला से कार्तिक कामठ साझ मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं, कि वे नौतम बुद्ध नगर आम फार्मा सिटी कल दिल्ली लिमिटेड में काम करते थे। करीब 12 वर्ष पहले कम्पनी के मालिकों ने कम्पनी में गैर क़ानूनी ढंग से ताला बंदी कर मजदूरों को वेतन का भुगतान ना करके काम से निकाल दिया। इसका विवाद कोर्ट में चला और कोर्ट से तरफ से आदेश आया जो मजदूरों के पक्ष में था।और सभी मजदूरों को जल्द से जल्द वेतन देने के लिए जिला अधिकारी नोयडा को निर्देश दिया गया। लेकिन 10-12 साल हो जाने के बाद भी मजदूरों को उनका हक़ नहीं मिला। मजबूरन आज भी मजदूरों को अपने हक़ के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पड़ रहें हैं। काम करने के दौरान कई मजदूरों की जान भी चली गई थी। परन्तु उन मृत मजदूरों के परिवार वालों के लिए कम्पनी ने कोई सहयोग नहीं किया। अतः साझा मंच के माध्यम से यह अनुरोध करते हैं, कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का निदान किया जाए।