दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रमिक विनोद से हुई। विनोद कहते है कि अभी दो माह से काम नहीं मिल रहा है। सुबह से शाम लेबर चौक में खड़े रहते है ,एक दो दिन मिल जाता है तो मिल जाता है। कभी कभी कंपनी वाले भी काम के लिए आते है लेकिन रेट कम देते है। विरोध करने पर भी सही रेट नहीं देते है। कंपनी में सुरक्षा के उपकरण नहीं मिलती है। किसी ही कंपनी में हेलमेट वगेरा मिल जाते है। एम्बुलेंस ,सुरक्षा की व्यवस्था नहीं मिलती है। हादसे होने का डर है। काम की बहुत कमी हो गई है। लोग गाँव से आ रहे है ,वो काम का इंतज़ार कर रहे है ,इधर उधर काम के लिए भटक रहे है। कोरोना को लेकर रविवार और शनिवार लॉक डाउन है ,इससे काम में बहुत असर पड़ा है। दो वर्षों से काम की स्थिति सही नहीं है। अगर काम नहीं मिलेगा तो वापस घर चले जाएगी। काम को लेकर कई तबके के लोग परेशान है