दोस्तों, राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार एक महिला अभी भी 2.5 किमी तक पैदल चलकर जाती हैं ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अपने परिवार के लिए पीने का पानी लाने में औसतन दिन में 3-4 घंटे खर्च करती हैं, यानि अपने पूरे जीवन काल में 20 लाख घंटों से भी ज्यादा. क्या आपको ये बातें पता है ?और ज्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें.
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
ये रेशम का धागा नहीं बहन का प्यार है यही तो खट्टे-मीठे रिश्तों की तकरार हैं भाई की कलाई की शोभा जिससे होती है वो और कुछ नहीं रक्षा बंधन का त्यौहार है नमस्कार /आदाब, दोस्तों ,सावन पूर्णिमा के दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन मनाया जाता है, रक्षाबंधन का त्योहार भाई और बहन के लिए बेहद ही खास दिन होता है। भाई की कलाई पर राखी बांधना बहन की ओर से स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक है, और परिणामस्वरूप, भाई उसकी रक्षा करने का वचन देता है। भाई अक्सर अपनी बहनों को पैसे या उपहार देकर उनके प्रति अपना प्यार दिखाते हैं। रक्षाबंधन का पर्व न सिर्फ भाई -बहन के प्यार को दर्शाता है बल्कि यह पर्व पारिवारिक सुरक्षा का प्रतिक भी है साथ ही यह पर्व एकजुटता और जिम्मेदारी की भावना की सराहना करता है। श्रोताओ मोबाइल वाणी परिवार की और से आप सभी को भाई-बहन की पावन पर्व रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं !
झारखण्ड राज्य के देवघर जिला से शशि भूषण राय मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की कम बारिश होने की वजह से किसानो को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है
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"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री अशोक झा जीवामृत और घनामृत खाद बनाने के बारे में जानकारी दे रहें हैं। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
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सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा धान की खेती में अजोला की भूमिका के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .
झारखण्ड राज्य के देवघर जिले के हरदकुर गाँव से शशिभूषण राय मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि इन दिनों सूखे के कारण किसान निराश हैं और किसी तरह अपना पैसा खर्च करके पटवन कर के फसल लगाए हैं। बारिश न होने के कारण जो धान का खेत लगाया था, वह सूखने लगा है, इससे किसान बहुत गुस्से में हैं और इंद्र देव से काश लगाए हैं कि ना जाने बारिश कब होगी पांचवें दिन लगभग आधे घंटे तक बारिश हुई, उस समय जो फसल मरने के कगार पर थे, उन्हें थोड़ी राहत मिली, लेकिन फिर से वे सूख गए हैं। इससे किसानों में काफी चिंता है कि इन दिनों गिरिडीह जिले में भारी बारिश हो रही है, जबकि पड़ोसी राज्य बिहार के जमुई जिले में सूखे की स्थिति है।
