झारखण्ड राज्य से डौली देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण खेती पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।अनियमित वर्षा, भीषण गर्मी, बाढ़ और सूखे जैसी स्थितियों देखने को मिल रही है।फसलें समय से पहले पक रही हैं।इससे उत्पादन और गुणवत्ता में भारी कमी आ रही है।कीटों का प्रकोप,सिंचाई की समस्या,खाद्य सुरक्षा,इत्यादि का खतरा बढ़ गया है।
निकिता बुनकर बोमिया बस्ती से साँझा कर रही है की उनकी बस्ती में कचरे की गाड़ी नहीं आरही है कृपया कचरे की गाड़ी भेजे
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झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के कसमार से प्रकाश कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय में बहुत बड़ी समस्या है।आय दिन बारिश,गर्मी ,ओला गिरना,अधिक ठंड,इत्यादि जलवायु परिवर्तन का चिंताजनक रूप है। विकास के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई ,नदियों के पानी का बहाव रोकना,वायु प्रदूषण,जल प्रदुषण,आदि महत्वपूर्ण कारक हैं,जिसके वजह से साँस लेने की समस्या,अशुद्ध पानी और हवा की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के प्रति एक जुट होकर आवाज उठाना होगा। वार्ना भविष्य में मानव समाज के लिए बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी।ज्यादा से ज्यादा पेड़ - पौधे लगाकर हम पर्यावरण को बचा सकते हैं।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को अधिकार न मिलने से कई समस्याएं उत्पन्न हो रही है। सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं बनाती है और फंड जारी कर देती है।मगर महिलाओं तक वह राशि नही पहुंच पाता है।पंचायत के मुखिया,सरपंच और सचिव का दायित्व होता है सरकारी योजनाओं का लाभ लाभुक तक पहुंचना और जानकारी देना।पंचायत के सदस्य महिलाओं को ना जानकारी देते हैं और ना ही योजनाओं का लाभ लेने में मदद करते हैं।इस प्रकार महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है
झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से जमुना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से आम जन - जीवन का बुरा हाल है। बहुत गर्मी बढ़ गया है। इससे रेजा,कुली,किसान को बाहर काम करने में बहुत दिक्कत होता है। हमेशा सुनने को मिलता है कि काम करते करते मजदूर और किसान का मौत हो जाता है।गरीब का कोई नही होता है। सरकार कहती है कि गरीब के लिए काम कर रही है। योजना बना रही है। लेकिन जब योजना लेने जाओ तो ये कागज लाओ,वो कागज लाओ,बोल कर नही दिया जाता है।गांव में किसान और शहर में गरीब मजदुर बदलते मौसम की मार झेल रहा है।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को भूमि में अधिकार नहीं मिलनसे से कई तरह समस्या होती है। भारत में महिलाओं को भूमि अधिकार ना मिलने के यह कारण हैं कि पारम्परिक पित्रसतात्मक, सामाजिक रीति रिवाज और कानूनी जागरूकता की कमी है। जमीन अमूमन पिता से पुत्र को दिया जाता है जिससे अस्सी प्रतिशत से अधिक कृषि का कार्यो में योगदान के बावजूद महिलाएं भूमिहीन रहती हैं। इससे उन्हें आर्थिक संतरता, ऋण और सरकारी कृषि सब्सिडी से वंचित होना पड़ता है। जिससे वे अधिक असुरक्षित है। अभी लगभग अस्सी प्रतिशत महिलाएं खेती पर निर्भर रहती हैं फिर भी उन लोगों को भूमि का अधिकार नहीं मिलता है। इसलिए उन लोगों को भूमिहीन माना जाता है। इसके कारण महिलाओं को लोन ,योजनाओं का लाभ और सब्सिडी भी नहीं मिल पाता है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राजकुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद भूमि पर मुख्य रूप से अधिकार पुरुषों के पास ही हैं ।जिससे सरकारी योजनाओं और आर्थिक सशक्तिकरण तक महिलाओं की पहुँच सिमित हो जाती है
