बिहार बोर्ड द्वारा बिहार राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा एस टी ई टी 2019 रद्द करने का फैसला लिया गया है। इस परीक्षा के लिए बनाई गई जांच कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने एसटीईटी 2019 को रद्द करने का निर्णय लिया।ये परीक्षा 28 जनवरी को राज्य के 300 से ज्यादा केंद्रों पर दो शिफ्ट में आयोजित की गई थी। इसमें शिक्षक बनने की उम्मीद रखने वाले कुल 2,47,241 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रश्न पत्र लीक होने का मामला उठा। जिसके बाद बिहार बोर्ड ने जांच कमिटी गठित की थी।चार सदस्यीय कमिटी की अध्यक्षता बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के मुख्य निगरानी अधिकारी नीलकमल ने की। इनके अलावा प्रशासनिक पदाधिकारी संजय प्रियदर्शी, संयुक्त सचिव निकुंज प्रकाश नारायण और निगरानी पदाधिकारी राजीव कुमार कमिटी के सदस्य थे। अब इस कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन से प्रश्न पत्र की फोटो वायरल की गई। इस बीच राज्य के कई परीक्षा केंद्रों पर तोड़-फोड़ और हंगामा भी हुआ था। कई परीक्षार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।जांच कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में परीक्षा रद्द करने की अनुशंसा की थी। साथ ही इस परीक्षा के दोबारा आयोजन कराए जाने की भी सिफारिश की गई है। इसके लिए बिहार शिक्षा विभाग के पास अनुशंसा भेजी जा चुकी है। इस संबंध में बिहार बोर्ड ने नोटिस जारी कर पूरी सूचना दी है। विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
बालू लदा हुआ ट्रैक्टर जप्त किया गया सुनने के लिए क्लिक करें
• राज्य स्वास्थ्य विभाग ने भारतीय चिकित्सक संघ से की अनुरोध • भारतीय चिकित्सक संघ को सुरक्षा उपकरणों की खरीद के लिए विवरण करायी गयी उपलब्ध प्रबंधकों को उनके स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा पूर्व से उपलब्ध करायी जा रही सामान्य एवं आपातकालीन सेवाओं को बहाल करने के निर्देश दिए गए थे. विस्तृत रिपोर्ट के लिए ऑडियो पर करें क्लिक। श्रोताओं 9266673888 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
मुंगेर जिलावासियों के लिए खुशी की बात है कि आज 22 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए।वहीं आज कोरोना पॉजिटिव एक केश मिला। इस प्रकार अब तक कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 123 हुईं जिसमें शुरुआत में ही एक की मौत हुई है।अब तक कुल 90 मरीज ठीक हुए और मात्र 32 मरीज ही संक्रमित है।आशा है वो भी जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे।विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
धरहरा दुसरे राज्यो से अपने प्रखंड आकर कस्तुरबा गाँधी आवासीय विधालय धरहरा मे रह रहे एक 24 वर्षीय महिला के साथ उसके दो वर्ष के पुत्र भी पाँजिटिव पाए जाने की सूचना शनिवार को मिलते ही क्वारेंटाइन सेन्टर मे रह रहे लोगो मे दहशत व्याप्त है। विदित हो कि 9 म ई को यूपी राज्य से परिवार सहित मजदुरी कर लौटे जगदीशपुर के पाँच सदस्यो को कस्तुरवा गाँधी बालिका आवासीय विधालय धरहरा के क्वारेंटीन सेन्टर मे रखा गया।क्वारेंटीन सेन्टर मे रह रहे प्रवासी मजदुरो का कोरोना जाँच हेतु सैम्पल लिया गया।जाँच मे जगदीशपुर की एक महिला की कोरोना पाँजिटिव की पुष्टि की गई थी,जिसे सुरक्षा व्यवस्था के साथ 13 मई को बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ सदर अस्पताल भेजा था एवं कोरोना पाँजिटिव महिला के संर्पक मे आऐ महिला के सभी परिवार व महिला के दो वर्ष के बच्चे का सैम्पल लिया था जिसमे स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारीयो ने जाँच क्रम मे दो वर्ष का दुधमुहा बच्चा को भी कोरोना पाँजिटिव बताया है । सनद रहे कि धरहरा प्रखंड के क्वारेंटाइन सेन्टर मे दो सौ से अधिक प्रवासी मजदुर अपने राज्य के प्रखंड पहुँचे।जहाँ इन्हे क्वारेंटाइन किया गया।वहीं क्वारेंटीन सेन्टर मे पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था नही रहने के कारण क्वारेंटीन सेन्टर में रह रहे लोग अपने परिवार के संपर्क में आ गये थे।कोरोना पाजिटिव रही माँ के संपर्क मे आऐ दो वर्ष का दुधमुहाँ बच्चा को भी स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पाँजिटिव बताया जिससे जगदीशपुर गाँव मे दहशत व्याप्त है।मुगेंर जिले मे अब कुल मिलाकर कोरोना पाँजिटिव की संख्या 123 पहुँच गई है।जिला प्रशासन अगर धरहरा प्रखंड मे सजग नही हुई तो दुसरे राज्यो से अपने प्रखंड धरहरा पहुँच रहे मजदुर कई गाँव को कोरोना वायरस से संक्रमित कर देगा क्योकि बाहर से आ रहे लोगो को क्वारेंटिन करने मे प्रखंड के पदाधिकारी उदासीन बरत रहे है और मजदूर अपने घर तक पहुँच जाते है।शुक्र है समाज के सभी लोगो का जो प्रखंड से लेकर जिला प्रशासन को आगाह कर रहे है जिससे गाँव आज कुछ सुरक्षित है ।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
प्रवासी मजदूरों के राज्य में लाने के लिए सरकार विशेष ट्रेन की व्यवस्था कर रही है इसके बावजूद हजारों मील को दूरी अपनी व्यवस्था तय कर मजदूरों के अपने गांव पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है शुक्रवार को 10:00 बजे महाराष्ट्र से एक ट्रक पर सवार 24 मजदूर अपने खर्चे से 6 दिन में चलकर संग्रामपुर के बनाए गए चेक पोस्ट पर पहुंचे पुणे महाराष्ट्र से एक दूसरे ट्रक पर सवार करीब 80 की संख्या में मजदूर भी चेक पोस्ट पर पहुंचकर जांच के दौरान मजदूरों ने बताया कि सभी लोग गोड्डा जिले की निवासी होली के बाद सभी मजदूर काम करने को लेकर आए हुए थे इसी बार बदकिस्मती यह रही कि 10 दिन काम करने के बाद देश में लागू हो गया उस समय से भूखे की नौबत आ गई मकान मालिक के द्वारा मकान खाली करने के लिए कह दिया गया ऐसे लोगों ने आपस में ही चंदा इकट्ठा कर किसी तरह ट्रक के भाड़े पर ले कर के अपने गांव की ओर निकल पड़े उनकी यात्रा का दिन था वास्तव में अपने राज पहुंचने पर उन्हें जो खुशी हुई है अधिकारियों ने बताया कि अब वह लोग राज्य में ही रह कर के कोई काम कर लेंगे लेकिन पैसा की लालच में राज्य में जाकर कभी काम नहीं करेंगे। विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
विभिन्न राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों को करंट टाइम नहीं भेजे जाने पर कुछ मार पंचायत के वार्ड नंबर 11 के ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रेम प्रकाश के आवास का किया घेराव कुमार पंचायत के वार्ड नंबर 11 के दर्जनों ग्रामीण संजय शर्मा बालन की ताती विशाल कुमार कुंदन कुमार गुंजन यादव दिलीप कुमार आदि ने कहा कि प्रखंड के विभिन्न गांव संस्थानों से लौट रहे प्रवासी मजदूर को रन सेंटर के बजाए सीधे घर चले जा रहे हैं जिससे गांव के लोगों में भय बना हुआ है इतना ही नहीं जिस दिन गांव में मजदूर आते जाते हैं अगर नहीं जाता है तो वहां के सभी किराना दुकान भी बंद कर देता है इसकी जानकारी प्रखंड विकास पदाधिकारी अंचलाधिकारी को कहते हैं तो सुनता तक नहीं है और फोन काट देते हैं जिससे मजबूर होकर के ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी बाहर निकले कि बाहर से आने वाले मजदूरों का नाम पता बताइए वह भी घर में है जिससे ग्रामीणों में दहशत है उसे ग्रामीणों ने दिया गांव के बाहर ग्रामीण मंडल ने बताया कि पुणे से आया है तो जानकारी दीजिए रखा जाएगा जबकि 2 दिन यादव जाने को तैयार हैं 2 दिन ब्लॉक पंचायत अस्पताल थाना का चक्कर लगा रहा लेकिन कोई नहीं सुन रहा है आने वाले लोगों को रखा जाएगा
लेबर लॉ में बदलाव को लेकर ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के जिला सचिव लखन कुमार यादव ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया विस्तृत जानकारी के लिए 92787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी-बड़ी खबर सुने और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करें यदि आप स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी-बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकॉर्ड करें।
धरहरा(संवाददाता):राष्ट्रीय जनता दल ने इस कोरोना महामारी से बचाव अभियान मे सेवा दे रहे शिक्षकों को भी सुरक्षा कीट देने के साथ ही अन्य कर्मियों की भांति उनका भी 50 लाख रूपये की बीमा कराने की मांग की है। वहीं पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि अपनी मांगो को लेकर एक लम्बी अवधि तक हङताल पर रहे शिक्षकों ने इस कोरोना जैसी महामारी को देखते हुए जो एक मानवीय संकट के रूप मे हमारे सामने उभरा है विगत 4 मई को अपना हङताल स्थगित कर महामारी से निपटने के सरकार के अभियान में अपनी सेवा दें रहे है। इस क्रम में उन्हे भी स्वास्थ्य कर्मी और पुलिस की भांति संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहना पङ रहा है,जिससे इनलोगो को भी संक्रमित होने का खतरा सताता रहता है।ऐसे में बिना सुरक्षा कीट, बिना बीमा के और न ही संक्रमण के कारण मृत्यु होने पर सरकार के द्वारा मुआवजा देने का कोई संकल्प ही है। राजद नेता ने कहा कि शिक्षकों को हङताल अवधि का वेतन नही मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई है इसके बावजूद कार्यस्थल तक आने-जाने से लेकर उनकी सुरक्षा की कोई ब्यवस्था नही है।शिक्षकों को खाने और नाश्ता के नाम पर जो राशि का प्रावधान किया गया है वह भी उन्हे नही मिल रहा है।राजद नेता ने सरकार से आग्रह किया है कि वह नियोजित शिक्षकों के प्रति अपनी दोहरी मानसिकता का त्याग कर दूसरे राज्यों की तरह इन्हे भी अन्य कर्मियों की तरह सभी सुविधाएं उपलब्ध करायें।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
राष्ट्रीय विधवा दिव्यांग सशक्तिकरण संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह ट्रस्टी राजेश वर्मा ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस पर अपनी गंभीर चिंता जताई है साथ ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से बेरोजगारी की मार झेल रहे बिहार के युवाओं पर अपना दुख व्यक्त किए हैं उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना के अभाव में कल कारखाने नहीं होने के कारण बिहार के युवा या तो प्लान कर रहे हैं या अपराध की तरफ मुखर हो रहे हैं राजेश वर्मा ने प्राथमिकता के आधार पर रोजगार की मांग बिहार सरकार के साथ ही केंद्र सरकार से अपील की है जो वैश्विक महामारी कोरोनावायरस की तरह अति संवेदनशील मुद्दा है विस्तृत जानकारी के लिए 92787 01369 पर मिस कॉल कर जिले का हर छोटी-बड़ी खबर सुने और तीन नंबर का बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे यदि आप स्मार्टफोन उपयोग करता है तो मोबाइल वाणी ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को ऐप पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबाकर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकॉर्ड करें
