प्रवासी मजदूरों के राज्य में लाने के लिए सरकार विशेष ट्रेन की व्यवस्था कर रही है इसके बावजूद हजारों मील को दूरी अपनी व्यवस्था तय कर मजदूरों के अपने गांव पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है शुक्रवार को 10:00 बजे महाराष्ट्र से एक ट्रक पर सवार 24 मजदूर अपने खर्चे से 6 दिन में चलकर संग्रामपुर के बनाए गए चेक पोस्ट पर पहुंचे पुणे महाराष्ट्र से एक दूसरे ट्रक पर सवार करीब 80 की संख्या में मजदूर भी चेक पोस्ट पर पहुंचकर जांच के दौरान मजदूरों ने बताया कि सभी लोग गोड्डा जिले की निवासी होली के बाद सभी मजदूर काम करने को लेकर आए हुए थे इसी बार बदकिस्मती यह रही कि 10 दिन काम करने के बाद देश में लागू हो गया उस समय से भूखे की नौबत आ गई मकान मालिक के द्वारा मकान खाली करने के लिए कह दिया गया ऐसे लोगों ने आपस में ही चंदा इकट्ठा कर किसी तरह ट्रक के भाड़े पर ले कर के अपने गांव की ओर निकल पड़े उनकी यात्रा का दिन था वास्तव में अपने राज पहुंचने पर उन्हें जो खुशी हुई है अधिकारियों ने बताया कि अब वह लोग राज्य में ही रह कर के कोई काम कर लेंगे लेकिन पैसा की लालच में राज्य में जाकर कभी काम नहीं करेंगे। विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
