मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जिले में मानसून ने एक बार फिर ज्यादा समय बिताया है। मानसून इस साल न केवल समय से पूर्व आया बल्कि विदाई भी 5 दिन देरी से हुई है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में मानसून की विदाई अमुमन 5- 6 अक्टूबर को हो जाती है। लेकिन आगामी 3 से 4 दिन तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई जा रही है। दिन में मौसम साफ रहने से अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंच गया है।

भावेश गुर्वे ने की सफलता अर्जित हुआ नवोदय में चयन ---------------------------------------------------------------------- विगत वर्षों से कोरानाकाल के चलते शालाएं बंद थी । लोगों मन में कोरोना का भय था ।ऐसे समय में ग्राम देवी निवासी सुनील गुर्वे के पुत्र जो एंजिल पब्लिक स्कूल रामाकोना का छात्र है भावेश सुनील गुर्वे का जवाहर नावदोय में कक्षा 6 वी चयन हुआ जिसका श्रय अपने माता- पिता ओर एंजिल स्कूल के सभी टीचर व प्राचार्य श्रीमति रजनी ठाकुर मेडम को दिया इस सम्बंध जब छात्र के पिता सुनील गुर्वे से चर्चा की तो उन्होंने बताया की कोरोना के चलते शालाएं बंद थी । तो हमने आपदा के कठीन दौर को अवसर में बदलना चहा पुत्र की पढ़ाई को लेकर लगन और शाला के शिक्षक गणो का मार्गदर्शन में पुत्र की माता श्रीमती निता गुर्वे ने घर पर ही भावेश की तैयारी सुरु की और सफलता अर्जित हुई।

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मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बताना चाहते है कि भारत सरकार द्वारा ई- श्रम कार्ड इन दिनों असंगठित कामगारों के लिए बनाए जा रहे हैं। जिसमें निर्माण कार्य करने वाले कामगार हो, चाहे प्रवासी कामगार हो या फिर प्लेटफार्म कामगार हो स्ट्रीट वेडर या घरेलू कार्य के साथ-साथ कृषि कार्य भी करते हो उनके लिए भारत सरकार द्वारा ई- श्रम कार्ड लॉन्च किया गया है। जिसके माध्यम से उनको सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके इस हेतु ई-श्रम कार्ड बनाए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रहे हैं कि "बेटियों की पूरी पढ़ाई इसी में सबकी भलाई" इस विषय पर कई लोगों की राय सामने आए हैं। कई लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज करते हैं ।और कई कठिनाई भी सामने आती है ।कई बच्चे के माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहते हैं । उनको भी अपने बच्चों को विद्यालय में भेजना चाहिए। भारत की प्रथम प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, भारत की प्रथम राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटिल या फिर भारत की पहली आईपीएस अधिकारी किरण बेदी इन सभी ने शिक्षा प्राप्त कर यह मुकाम हासिल किया था।

मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से जागेश्वर जी से साक्षात्कार लिया है जिसमें उन्हीने बताया कि इन दिनों कई बच्चियां की पढाई माध्यमिक विद्यालय, हायर सेकंडरी विद्यालय या महाविद्यालय में पढ़ाई से वंचित रह रही है, क्या उनके माता-पिता उन्हें स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं। या और कोई अन्य समस्या है, इसको लेकर जागेश्वर ढोमने ने बताया कि लोगों की मानसिकता है कि कोरोना के इस दौर में ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों में जाने से कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है और महिलाओं एवं लड़कियों के ऊपर जो लड़के निगाह रखते है उनसे भी डर है।कई माता पिता अपने बच्चों को घर के कामों में लगा देते है इससे बच्चो की रूचि पढ़ाई में खत्म हो जाती है इसलिए माता पिता को चाहिए की वे अपने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे