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मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सारंग जी से बातचीत किया। बातचीत में उन्होंने बताया कि ग्रीष्म काल में निरंतर भूगर्भीय जलस्तर में कमी आ रही है और लोगों को प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। साथ ही सारंग जी ने बताया कि पानी के न होने किसान की समस्या काफी बढ़ चुकी है। क्योंकि सिचाई के लिए पर्याप्त जल नहीं मिल पा रह है। उन्होंने बताया कि हमें पानी को बचने के लिए सभी लोगों को जागरूक करना होगा और हर जगह पेड़ लगाना। होगा

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मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से दिनकर पातुलकर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से निरज वानखेड़े के साथ जल संरक्षण क्योंकी जिंदगी है विषय पर विशेष बातचीत की। बातचीत के दौरान नीरज जी ने बताया कि जल संरक्षण बहुत जरूरी है। आज तक हमने पानी बचाने की कोशिश नहीं की, इसलिए आज हमें जल संकट से जूझना पड़ा है। साथ ही उन्होंने कहा की जल संरक्षण के लिए हमें वातावरण का भी ख्याल रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि जल संरक्षण नहीं करने का कारण हम सभी हैं क्योकि जिस तरह से पेड़ को कटा जा रहा है और जल को प्रदूषित किया जा रहा है। जिसके चलते स्वच्छ पानी मिलना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। इसलिए हमें जल को बचने के लिए हर जगह पेड़ लगाने की जरुरत है और जल को दूषित होने से बचाना होगा

मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, जल संरक्षण को लेकर पांढुर्ना श्री वानखेड़े ने जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए रथ यात्रा निकाली गए। जिला कलेक्टर कार्यालय के प्रांगण में जलाभिषेक अभियान के अंतर्गत जल एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता के लिए जल संरक्षण रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। लोगों को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण लोगों को जागरूकता किया जा रहा है। श्रद्धा सबुरी समाज सेवा संस्थान की ओर से जिला मुख्यालय जिला पंचायत,जनपद ,पंचायत और ग्राम पंचायत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ लोगों को जल संरक्षण को लेकर जानकारी देना है। और लोगों को जल संरक्षण का महत्व समझाना है ।लिखकर ऑडियो सुन सकते हैं।

मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कुमार रोशन गायकवाड़ से साक्षात्कार किया। जिसमे कुमार रोशन गायकवाड़ ने बताया कि जल का स्त्रोत दो प्रकार से है, पहला है प्राकृतिक और दूसरा है भूमिगत। उन्होंने बताया कि अगर हम भूमिगत जल स्त्रोत का ज्यादातर प्रयोग न करते हुए प्राकृतिक जल का प्रयोग किया जाए तो हम जल की आपूर्ति को बहुत ही कम कर सकते है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस तरह से हमारे देश की जनसंख्या बढ़ती जा रही वहीं दूसरी ओर जनसंख्या को देखते हुए जल की आपूर्ति बहुत ही कम होती नजर आ रही है। इसके लिए सरकार को पानी संरक्षण करने के लिए ठोस कदम उठानी चाहिए और हमें भी सरकार के साथ कदम से कदम मिलकर जल संरक्षण के लिए सहयोग देनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जल के खत्म होने का कारण प्रकृत्यों के साथ छेड़ छाड़ कर जिस तरह से पेड़ों की कटाई की जा रही है, उसके दोषी भी हम सभी है। क्योकि पेड़ के होने से मिट्टी का स्तर ज्यादा रहता है और पानी की उम्मीद ज्यादा होती है। रोशन गायकवाड़ ने बताया कि जिस तरह से बांध बनाई गई है वह खेती करने में सहायक हो रही है। कभी कभी पानी को लेकर गाँव में बहुत ही समस्या हो रही है, क्योकि कभी कभी ऐसा होता है की बिजली के न होने से पानी नहीं मिल पता है। इसलिए सरकार को पानी की समस्या को लेकर हर छोटी से छोटी बातों पर ध्यान देते हुए समस्या का हल करना चाहिए, जिससे की लोगों को पानी की समस्याओं का सामना न करना पड़े

मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कुमारी आरुषि राय से साक्षात्कार किया। जिसमे कुमारी आरुषि राय ने बताया कि जल के प्रदूषित होने से जल की आपूर्ति बहुत ही कम होती नजर आ रही है। जिस तरह से सरकार लोगों को पानी संरक्षण और जल को प्रदूषित न करने के लिए जागरूक कर रही, हमें भी सरकार के साथ कदम से कदम मिलकर जल संरक्षण जागरूकता में सहयोग देनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जल के खत्म होने का कारण प्रकृत्यों के साथ छेड़ छाड़ कर जिस तरह से पेड़ों की कटाई की जा रही है, उसके दोषी भी हम सभी है। क्योकि पेड़ के होने से मिट्टी का स्तर ज्यादा रहता है और पानी की उम्मीद ज्यादा होती है। आरुषि राय ने बताया कि जिस तरह से बांध बनाई गई है वह खेती करने में सहायक हो रही है। कभी कभी पानी को लेकर गाँव में बहुत ही समस्या हो रही है, क्योकि कभी कभी ऐसा होता है की बिजली के न होने से पानी नहीं मिल पता है। इसलिए सरकार को पानी की समस्या को लेकर हर छोटी से छोटी बातों पर ध्यान देते हुए समस्या का हल करना चाहिए, जिससे की लोगों को पानी की समस्याओं का सामना न करना पड़े