मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कुमार रोशन गायकवाड़ से साक्षात्कार किया। जिसमे कुमार रोशन गायकवाड़ ने बताया कि जल का स्त्रोत दो प्रकार से है, पहला है प्राकृतिक और दूसरा है भूमिगत। उन्होंने बताया कि अगर हम भूमिगत जल स्त्रोत का ज्यादातर प्रयोग न करते हुए प्राकृतिक जल का प्रयोग किया जाए तो हम जल की आपूर्ति को बहुत ही कम कर सकते है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस तरह से हमारे देश की जनसंख्या बढ़ती जा रही वहीं दूसरी ओर जनसंख्या को देखते हुए जल की आपूर्ति बहुत ही कम होती नजर आ रही है। इसके लिए सरकार को पानी संरक्षण करने के लिए ठोस कदम उठानी चाहिए और हमें भी सरकार के साथ कदम से कदम मिलकर जल संरक्षण के लिए सहयोग देनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जल के खत्म होने का कारण प्रकृत्यों के साथ छेड़ छाड़ कर जिस तरह से पेड़ों की कटाई की जा रही है, उसके दोषी भी हम सभी है। क्योकि पेड़ के होने से मिट्टी का स्तर ज्यादा रहता है और पानी की उम्मीद ज्यादा होती है। रोशन गायकवाड़ ने बताया कि जिस तरह से बांध बनाई गई है वह खेती करने में सहायक हो रही है। कभी कभी पानी को लेकर गाँव में बहुत ही समस्या हो रही है, क्योकि कभी कभी ऐसा होता है की बिजली के न होने से पानी नहीं मिल पता है। इसलिए सरकार को पानी की समस्या को लेकर हर छोटी से छोटी बातों पर ध्यान देते हुए समस्या का हल करना चाहिए, जिससे की लोगों को पानी की समस्याओं का सामना न करना पड़े
