मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाले के माध्यम से बता रहे हैं कि, आगामी दिनों में 17 अगस्त को होने वाले गोटमार मेले के आयोजन की तैयारी को लेकर शुक्रवार को पुलिस थाना परिसर में शांति समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में पांढुर्णा और सावरगांव दोनों पक्षों को आमंत्रित कर मेला आयोजन के संबंध में सुझाव मांगे गए। बैठक में पुलिस प्रशासन एसडीएम तहसीलदार सहित सावरगांव और पाढुर्णा के जनप्रतिनिधि व नागरिक मौजूद होकर अपनी राय रखकर चिकित्सा सुविधा पुख्ता करने की मांग की गई। इसी के साथ नागरिकों की राय लेकर मेला आयोजन की कार्य योजना बनाने का भरोसा दिलाया है। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
गौरव दिवस के रूप में 21 अगस्त को मनाई जायेगी जंगल सत्याग्रह की वर्षगांठ स्वतंत्रता आंदोलन में रामाकोना क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास में 21अगस्त का दिन जिले का ऐतिहासिक दिवस है। इस वर्ष जंगल सत्याग्रह लाखनवाडी की वर्षगांठ गौरव दिवस के रूप मनाने का निर्णय जंगल सत्याग्रह स्थल विकास एवं सरंक्षण समिति द्वारा लिया गया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से समविचारी स्वयंसेवी कार्यकर्ता संघ के कार्यकर्ता उपस्थित रहेगे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा को माल्यार्पण कर रामाकोना से ग्राम पंचायत खुटांबा के लिए रवाना होंगे। ग्राम पंचायत भवन खुटांबा मे मुख्य कार्यक्रम में उपस्थित होने के पश्चात जंगल सत्याग्रह स्थल लाखनवाडी में घोषित-अघोषित जंगल सत्याग्रहीयों को याद करते हुए उन्हे पुष्पांजलि अर्पित करेगे। उपेक्षित जंगल सत्याग्रह के विकास हेतु शासन-प्रशासन का ध्यानाकर्षक हेतू चर्चा कर आगामी रणनीति बनाई जायेगी।
मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, जिले में बारिश का दौर निरंतर जारी है, अधिक बारिश के कारण खेत तालाब बन गए हैं। और यहां पर खेतों में किसानों द्वारा बोई गई फसल पूर्ण तरीके से सूख चुकी है, या वे पीली पड़ चुके हैं। खेतों में अभी पानी जमा है। जिसके कारण अब किसानों ने यहां पर फसल से उम्मीदें छोड़ दी गई है ।और अब किसानों के लिए सरकार क्षतिपूर्ति के रूप से उन्हें आर्थिक सहायता की जाए। जिला मे अधिक बारिश से किसान मांग कर रहे हैं। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, छिंदवाड़ा से इतवारी तक चलने वाली ट्रेन यदि 122 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, तो यह सफर महज 2 घंटे में पूरा हो जाएगा। छिंदवाड़ा से इतवारी तक का सफर तकरीबन 2 घंटे में पूरा होता है। वर्तमान में छिंदवाड़ा से इतवारी के बीच तकरीबन साढे 4:30 घंटे का सफर तय करने में लगते हैं। गुरुवार को इतवारी से छिंदवाड़ा के बीच स्पीड डायल के माध्यम से 122 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ गई। अगर इसी स्पीड से ट्रेन चलाई जाती है, तो छिंदवाड़ा से 2 घंटे में पूरा हो सकेगा ।क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वन के माध्यम से बता रहे हैं कि, जिले में भारी बारिश के बाद बीते 2 दिनों से मौसम ने थोड़ी करवट लेकर किसानों के लिए राहत की सांस ली है। 2 दिनों से बारिश ने विराम देकर किसानों को कामकाज के लिए थोड़ा समय दिया है। लेकिन मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में फिर से मौसम बदलने की संभावनाएं जताई है। इसके चलते जिले में कहीं मध्य तो कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
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मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, छिंदवाड़ा से इतवारी के बीच चलने वाली ट्रेन की स्पीड बढ़ाए जाने की तैयारियां की जा रही है। इसके लिए गुरुवार को छिंदवाड़ा से भंडारकुड और भीमालगोंडी से इतवारी के बीच स्पेशल ट्रेन से ट्रायल होगा। जानकारी के अनुसार वह ओएमएस ट्रायल रन स्पेशल ट्रेन से होगा। इसमें गुरुवार को सुबह 9 बजे से इतवारी से भीमालगोंडी के बीच सुबह 9 बजे स्पेशल ट्रेन 121 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी । क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, छिंदवाड़ा जिले के चौराहे के चंदनवाडा स्थित ओपन कैप में रखे रखे गए 26 करोड के गेहूं को अब तक कोई खरीददार नहीं मिला है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा निकाले गए टेंडर में खरीददारों के रुचि नहीं दिखाई हैं। हालात यह है कि अब तो यह अनाज पशु पक्षियों के खाने लायक भी नहीं बचा है ।सिवनी जिले में वर्ष 2020-21 में उपार्जित किए गए 46337.10 मैट्रिक टन गेहूं का भंडारण जून 2020 में चंदनवाड़ा के ओपन कैंप में किया था। जुलाई से नवंबर 2020 तक 31922.83 मैट्रिक टन गेहूं का उठाओ सिविल सप्लाई कर काॅरर्पोरेशन कर चुका था। 14414.27 मैट्रिक टन गेहूं ओपन कैप मे रखे-रखे सड गया। जिला कलेक्टर के निर्देश पर गठित की गई जांच दल ने 26 करोड़ की कीमत के इस अनाज को खाने योग्य नहीं पाया गया। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने इसे पोल्ट्री केटेगरी घोषित कर दिया घोषित कर बेचने के लिए टेंडर जारी किए थे। लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
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