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छिंदवाड़ा मे आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री यज्ञ मे स्थापित किये जाने वाले दिव्य शक्ति कलश की यात्रा का आगमन आज अमरवाड़ा की धरती मे हुआ जिसका नगर मे भिन्न भिन्न स्थानों पर गायत्री परिजनों एवं श्रद्धांलुओं द्वारा पूजन अर्चन किया गया l
कंधों के सूक्ष्म व्यायाम
आज 15 जनवरी 2023 मे भारतीय थल सेना दिवस की 75वी वर्षगांठ मना रहे हैं। जिसमें देश के वीर रणबांकुरो की शहादत पर गर्व करने का एक विशेष दिवस है। इस देश की रक्षा मे अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के प्रति श्रद्धाजंलिदी जाती है। 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश सेना से पूरी तरह मुक्त हुई थी। और पहले फील्ड मार्शल एम. करियप्पा पहले कमांडर इन चीफ के रूप में पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य मे भारतीय थल सेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन सेना प्रमुख सेना के वीर जाबांजो ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले वीर सपूतों और देश के सर्वस्व बलिदान शहीद हुए उनकी विधवाओ को सेना पदक और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। आज हमारे साथ (पूर्व वायुसैनिक) के. एस. सिगोतिया सर के साथ मोबाइलवाणी के माध्यम से विशेष बातचीत की।
आज 15 जनवरी 2023 मे भारतीय थल सेना दिवस की 75वी वर्षगांठ मना रहे हैं। जिसमें देश के वीर रणबांकुरो की शहादत पर गर्व करने का एक विशेष दिवस है। इस देश की रक्षा मे अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के प्रति श्रद्धाजंलिदी जाती है। 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश सेना से पूरी तरह मुक्त हुई थी। और पहले फील्ड मार्शल एम. करियप्पा पहले कमांडर इन चीफ के रूप में पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य मे भारतीय थल सेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन सेना प्रमुख सेना के वीर जाबांजो ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले वीर सपूतों और देश के सर्वस्व बलिदान शहीद हुए उनकी विधवाओ को सेना पदक और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। आज हमारे साथ (पूर्वसैनिक) प्रदीप कलसकर व गांधीवादी व लोहिया वादी विचारक डा अनुप सिंह से विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।
मकर संक्रांति पर्व पर अधिवक्ता मधुकर गायकवाड़ सर के साथ विशेष बातचीत
"खुशियों की दास्तां" पीएम स्ट्रीट वेंण्डर योजना से श्रीमती आशा दास का जैविक सब्जियों का व्यवसाय फिर से चल पड़ा जैविक सब्जियों के व्यवसाय में घर पहुंच सेवा भी दे रही हैं =========================================================== श्रीमती आशा दास पति श्री दिगम्बर दास का परिवार छिंदवाड़ा शहर के वार्ड नंबर 39 शुक्ला ग्राउंड के सामने रहता है। श्रीमती आशा दास ने बताया कि उनका सब्जी का व्यवसाय कोरोना काल में पूरी तरह बंद पड गया था। जिसके कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई थी । दुकान व मकान का किराया देने में बहुत ही परेशानियां हुईं। जैविक सब्जी के व्यवसाय की जमा पूंजी परिवार को चलाने व किराया देने में समाप्त हो गई। इस दौरान नगरपालिक निगम के एक अधिकारी जो कि पूर्व से मेरे ग्राहक हैं, के माध्यम से पता चला कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट योजना के अंतर्गत 10000 रुपए की कार्यशील पूंजी ऋण के माध्यम से बिना ब्याज के प्राप्त हो रही है। इस जानकारी पर मैंने नगरपालिक निगम के माध्यम से ऑनलाईन पंजीयन कराकर बैंक में अपना ऋण प्रकरण जमा कराया। सैंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की चन्दनगांव शाखा द्वारा मुझे 10000 रुपए का ऋण प्राप्त हुआ, जिसके बाद व्यवसाय पुनः चल पड़ा। कोरोना महामारी के लॉकडाउन के दौर में ग्राहकों को घर पहुंच सेवा देने के साथ ही मोबाईल के माध्यम से पैसा लेना-देना भी सीख लिया है जिससे अभी भी व्यवसाय में सुविधा हो रही है। इस व्यवसाय से प्रतिदिन लगभग 500 रुपए और प्रतिमाह लगभग 30000 रुपए की आमदनी आराम से प्राप्त हो जाती है। बैंक की किश्त भी चुका दी है। इस योजना के माध्यम आज मेरे परिवार का भरण-पोषण पहले से और बेहतर ढंग से हो पा रहा है। श्रीमती आशा दास का कहना है कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंण्डर योजना गरीबों के लिए आर्थिक स्वावलंबन की राह प्रशस्त कर रही है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंण्डर योजना से प्राप्त ऋण की किश्त समय पर वापस करके 50 हजार रूपये तक का ऋण प्राप्त कर अपने रोजगार को और उन्नतशील बना सकते हैं। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंण्डर योजना का लाभ पाकर अपने जैविक सब्जी को पुनः और बेहतर ढंग से संचालित कर श्रीमती आशा दास काफी खुश हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, नगरपालिक निगम छिंदवाड़ा एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया है।
मकर संक्रांति पर्व पर हभप नारायण महाराज शेंडेजी से एक खास मुलाकात
मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, इन दिनों जिले में जैविक खेती को लेकर लोगों में खासी चिट्टियां चाय है जैविक खेती और कम लागत में फसलों के उत्पादन को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जैविक कृषि के क्षेत्र में कार्यरत सृजन संस्था द्वारा जिले के विकासखंड छिंदवाड़ा के 6 ग्रामों मारई, रंगीनखापा, उमरिया ईसरा, बोहनाखैरी, मेघासिवनी और मेढ़कीताल में किसानों को जीवामृत पांचपत्ती काढ़ा का प्रशिक्षण दिया गया । यह प्रशिक्षण महिला समूह के सदस्यों और किसानों को दिया गया । सृजन संस्था के प्रोजेक्ट लीडर संदीप भुजेल ने बताया कि गौ-मूत्र, गोबर, गुड़, बेसन और प्रकृति की पांच पत्तियों को मिलाकर काढ़ा बनाया जाता है। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
