मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, इन दिनों जिले में जैविक खेती को लेकर लोगों में खासी चिट्टियां चाय है जैविक खेती और कम लागत में फसलों के उत्पादन को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जैविक कृषि के क्षेत्र में कार्यरत सृजन संस्था द्वारा जिले के विकासखंड छिंदवाड़ा के 6 ग्रामों मारई, रंगीनखापा, उमरिया ईसरा, बोहनाखैरी, मेघासिवनी और मेढ़कीताल में किसानों को जीवामृत पांचपत्ती काढ़ा का प्रशिक्षण दिया गया । यह प्रशिक्षण महिला समूह के सदस्यों और किसानों को दिया गया । सृजन संस्था के प्रोजेक्ट लीडर संदीप भुजेल ने बताया कि गौ-मूत्र, गोबर, गुड़, बेसन और प्रकृति की पांच पत्तियों को मिलाकर काढ़ा बनाया जाता है। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
