कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉक डाउन ने दैनिक मजदूरी से जीवन यापन करने वाले कई लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। वे लोग करीब करीब भुखमरी की नौबत का सामना कर रहे हैं। लॉक डाउन से प्रभावितों में महादलित समुदाय का एक वर्ग मोची समुदाय का है, जो बाजार में सड़क किनारे, चौक चौराहों पर, रेलवे स्टेशन के निकट एक छोटे से बक्से में सिमटी दुकान लगाते हैं और जूते - चप्पल, साइकिल के टायर आदि की मरम्मत और जूता चप्पल में पॉलिश कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। इस लॉक डाउन ने उनके जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसा ही हाल रेलवे स्टेशन पर लोगों का बोझ उठाते कुली भाइयों और स्टेशन के निकट स्थित पान, पाव रोटी, बिस्किट, टॉफी आदि बेचने वाले दर्जनों छोटे एवं मध्यम दर्जे के दुकानदारों की भी है। पूछे जाने पर इन लोगों ने बताया कि आमदनी बंद है, अनुदानित मूल्य पर मिलने वाला राशन भी दो महीने से नहीं मिला है। और अपनी परेशानी क्या बताएं आप समझ सकते हैं। सरकार ने लॉक डाउन लगाया तो उन्हे हमारी मुश्किलों को भी समझना चाहिए। हमारी आमदनी शून्य हो गई है, खर्च तो रुकता नही, ऐसे में कर्ज लेने की नौबत आ गई है। इसलिए राशन के साथ कुछ आर्थिक सहायता भी करना चाहिए। हम अपनी व्यथा किससे कहें हमारी सुध लेने भी कोई नही आता।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
समस्तीपुर शिवाजी नगर प्रखंड के जदयू के वरिष्ठ नेता समस्तीपुर विधानसभा के प्रभारी वारिसनगर प्रखंड के पूर्व अध्यक्ष जदयू के रामसागर महतो का आकाश मिक मृत्यु हो गया जिस पर शिवाजी नगर के जदयू प्रखंड अध्यक्ष सतनारायण सिंह पूर्व अध्यक्ष देव नारायण सिंह आदि समस्त कार्यकर्ता शोक जताया
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समस्तीपुर जिले के दरियापुर गांव के निवासी प्रयाग साह ठेले पर घूपचुप चार् वगैरह बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे परंतु लॉकडाउन की वजह से अब दुकान नहीं चल रहा है और इस वजह से इनके परिवार को भूख का सामना करना पड़ रहा है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के दरियारपुर से रेखा देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रही है कि उनके पति दो साल पहले गुजर गए, 04 बच्चे के साथ अपना गुजर बसर करने के लिए मदद चाहती है। बच्चों की दवा आदि के लिए
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता दीपक कुमार ने संभु साह से साक्षात्कार लिया। जिसमें उन्होंने जानकारी दी की उनकी उम्र 50 वर्ष है। लेकिन जब कोरोना का टीका लेने केंद्र पर गए,तो उन्हें रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा। जब उन्होनें कहा की मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है की कैसे और कहाँ रजिस्ट्रेशन होता है,तो केंद्र पर उपस्थित लोगों ने उनसे कहा की पता करते रहिये। हम कोई मदद नहीं कर सकते जबकि इनकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है। इसलिए इन्हें निःशुल्क टीका का लाभ प्राप्त होना चाहिए। शंभू सा चाय का दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे परंतु लॉक डाउन की वजह से अब इनकी आमदनी बंद है और इनके पास राशन कार्ड भी नहीं है तो यह खाने के अनाज के लिए दूसरे लोगों द्वारा दिए गए अनाज और कर्ज पर लिए गए पैसे से सब्जी और अन्य जरूरतों को पूरा कर पा रहे हैं।
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता दीपक कुमार ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग की तैयारी की खुली पोल टीकाकरण की थम सी गई रफ्तार, करीबन 5000 से 7000 की जगह मात्र 450 टीका के लिए स्थान व समय आरक्षित करने के लिए खुला पोर्टल। 6 मई को हीं तो ज़िला प्रशासन ने बड़े ही जोश और जज्बे के साथ घोषणा की थी समस्तीपुर जिले के शहरी क्षेत्रों में टीका लेने वाले लोगों की संख्या अधिक होने के कारण छह नए सेंटर बनाए जा रहे हैं और इस तरीके से समस्तीपुर जिले में दिनांक 17 तारीख के लिए 23 से भी ज्यादा टीकाकरण स्थलों के लिए आम जन कोविड पोर्टल पर स्थान व समय आरक्षित करा पाए थे। पर ज़िला प्रशासन की यह व्यवस्था अगले हीं दिन टांय टांय फीस हो गई और 18 तारीख के समस्तिपुर ज़िला मुख्यालय के मात्र दो टीकाकरण केंद्रोंबेक लिए मात्र 450 टिके के डोज के लिए हीं कोविन पोर्टल पर लोग अपना समय आरक्षित करा पाएं हैं। कोविड के संक्रमण की लगातार बढ़ती हुई स्थिति के मद्देनजर टीकाकरण की रफ्तार बिल्कुल ही आम जनों के लिए खतरनाक है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के पूसा वैणी से कुमार विकाश मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहते है कि कोरोना वैक्सीन 1 महिना पहले बुक करवाया था और टीकाकरण केंद्र में पहुँचने के बाद वह कोई कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है की वह स्लॉट बुकिंग कराना चाहते है परन्तु स्लॉट बुकिंग नहीं हो रहा है।
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड से कुमार रौशन मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बताना चाहते है कि कोरोना वैक्सीन केंद्रों में कुव्यवस्था के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है लोग रजिस्ट्रेशन कराने के बाद वापस आ जा रहे है।उन्होंने बताया की उनकी भी यही समस्या है की रजिस्ट्रेशन करा लिया है परन्तु अभी तक टीकाकरण नहीं कर पाए है। टीकाकरण कराने में हो रही है परेशानी
