बिहार राज्य के जिला समस्तीपुर के प्रखंड शिवाजीनगर के करीयन पंचायत से एक श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि इनके गाँव में सड़क तथा आवास की कोई सुविधा नहीं है।वही ग्रामीणों को न ही पेंशन का लाभ तथा वृद्धा पेंशन का लाभ मिलता है। इसलिए वह चाहते है कि इसपर विशेष काम किया जाये ताकि जनता के हित हो सके

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता ने शीतल पासवान से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि वो दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्हें ई श्रम कार्ड के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। लेकिन वो इस योजना की पूरी जानकारी चाहते हैं

बिहार राज्य के जिला समस्तीपुर के प्रखंड शिवाजीनगर के शिवनगर से एक श्रोता ,मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रमिक कार्ड बनाने के लिए जानकारी चाहते है

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के अख्तियारपुर के मेजरपुर टोला से राजकुमार चौरसिया मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहते है कि उनकी माता को विधवा पेंशन नहीं मिल रहा है करीब डेढ़ वर्ष से बंद है जिस कारण बहुत परेशानी हो रही है। इसलिए राजकुमार चौरसिया मोबाइल वाणी के माध्यम से इसका कोई हल चाहते है।

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बिहार राज्य के जमुई जिला के खानपुर पंचायत अंतर्गत मोबाइल वाणी संवाददाता नंदकुमार कुमार ने जानकारी दी कि हरिपुरघाट गांव स्थित बागमती नदी में बना आरसीसी पुल के ध्वस्त होने के करीब दो वर्ष बीतने के बाद भी ग्रामवासियों को आवागमन को लेकर जूझना पड़ रहा है।पुल टूटने के बाद नदी में पानी कम होने पर लोगों ने नदी में डायवर्सन बनाया था।लेकिन पिछले चार दिनों से आंधी-तूफान व मुसलाधार बारिश की वजह से रविवार को डायवर्सन पानी की धार में बह गया।लोगों को अब फिर से डायवर्सन बनने के एक साल बाद जर्जर बांस-बल्ले की पुल का ही सहारा लेना पड़ा।रविवार की दोपहर आधे घंटे की तेज बारिश ने बच्ची खुची कसर पूरी कर दी।यह तीसरी बार है, जब आवागमन के लिए स्थानीय लोगों के द्वारा बनाया गया डायवर्सन पानी के तेज धार से बह गया है।लोग डायवर्सन बनाए व बार-बार बारिश की तेज रफ्तार उसे बहा ले गया।पुल टूटने के बाद बांस बल्ले की पुल लोगों ने बनाई थी।जिसके होकर लोग किसी तरह यातायात सुविधा को बहाल रखा।बार-बार बांस बल्ले की पुल टूटने के बाद लोग उसे ठीक कर के पुल को ठीक ठाक रखा था।लेकिन अब पुल पूरी तरह जर्जर हो गया है।जिस कारण नदी में पानी का दवाब कम होने के बाद विधानसभा चुनाव के समय लोगों ने मिट्टी गिराकर नदी में डायवर्सन बनाकर यातायात सुविधा चालू किया था।लेकिन करीब एक साल बाद डायवर्सन तीसरी बार बारिश के साथ बह गया।लोगों को अब फिर उसी जर्जर बांस-बल्ले की पुल का सहारा लेना पड़ा।पुल टूटने के बाद धाईध, हरिपुरघाट, हरिपुर, विशनपुर सहित पांच गांवों के लोगों के आवागमन की सुविधा ठप हो गई है।

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिले से संवादाता दीपक कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि समस्तीपुर जिला के मोरवा प्रखंड के अंतर्गत हलई ओ पी में बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था चाइल्डलाइन समस्तीपुर सब सेंटर पटोरी के समन्वयक के अनुसार दिनांक 07 जून 2021 उन्हें जानकारी मिली कि मोरवा प्रखंड के रारीयाही पंचायत के वार्ड संख्या 02, कूमैया गांव में एक 17 वर्षीय लड़की की शादी होने वाली है। जिस पर कार्य करते हुए चाइल्डलाइन के द्वारा सूचना देने वाले से फोन पर बात की गई फोन पर ही व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायतकर्ता के द्वारा नाबालिग लड़की का आधार का फोटोकॉपी एवं जिस लड़के के साथ शादी होने वाली है उसके एवं उस लड़की के शादी से जुड़े एक शपथ पत्र उपलब्ध कराया गया लड़के के परिवार वालों के द्वारा इस शपथ पत्र को ही निबंधित शादी के समतुल्य प्रस्तुत किया जा रहा था जोकि प्रथम दृष्टया गलत लग रहा था और इस पर कार्य करते हुए चाइल्डलाइन की टीम सुबह से ही हलई ओपी के संपर्क में थी परंतु खबर प्रसारित होने तक चाइल्डलाइन टीम के साथ पुलिस का कोई सहयोग प्राप्त नहीं हुआ है।

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिले से श्रवण कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि इन दिनों किसानों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। जिले के कई प्रखंडों में अब तक किसान के गेहूं की खरीद नहीं की गई है। जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वही उस प्रखंड के जिम्मेदार अधिकारी, पैक्स अध्यक्ष व व्यापार मंडल आपसी मेलजोल कर बिचौलियों से गेहूं खरीद कर सरकारी खानापूर्ति कर रहे हैं। शिकायत करने पर स्थानीय बीडीओ व सम्बंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। 15 जून के बाद सरकारी स्तर पर गेहूँ खरीदने की बात खत्म हो जायेगी । समय रहते किसानों की समस्या को सुना जाना चाहिए।

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला से एक श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहती है कि कोविड-19 के वैक्सीन लेने के लिए पंजीकरण नहीं करा पायी हैं ,इसलिए मोबाइल वाणी के माध्यम से कोरोना वैक्सीन के पंजीकरण में मदद चाहिए

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता दीपक कुमार ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग की तैयारी की खुली पोल टीकाकरण की थम सी गई रफ्तार, करीबन 5000 से 7000 की जगह मात्र 450 टीका के लिए स्थान व समय आरक्षित करने के लिए खुला पोर्टल। 6 मई को हीं तो ज़िला प्रशासन ने बड़े ही जोश और जज्बे के साथ घोषणा की थी समस्तीपुर जिले के शहरी क्षेत्रों में टीका लेने वाले लोगों की संख्या अधिक होने के कारण छह नए सेंटर बनाए जा रहे हैं और इस तरीके से समस्तीपुर जिले में दिनांक 17 तारीख के लिए 23 से भी ज्यादा टीकाकरण स्थलों के लिए आम जन कोविड पोर्टल पर स्थान व समय आरक्षित करा पाए थे। पर ज़िला प्रशासन की यह व्यवस्था अगले हीं दिन टांय टांय फीस हो गई और 18 तारीख के समस्तिपुर ज़िला मुख्यालय के मात्र दो टीकाकरण केंद्रोंबेक लिए मात्र 450 टिके के डोज के लिए हीं कोविन पोर्टल पर लोग अपना समय आरक्षित करा पाएं हैं। कोविड के संक्रमण की लगातार बढ़ती हुई स्थिति के मद्देनजर टीकाकरण की रफ्तार बिल्कुल ही आम जनों के लिए खतरनाक है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।