बिहार राज्य के जमुई जिला के खानपुर पंचायत अंतर्गत मोबाइल वाणी संवाददाता नंदकुमार कुमार ने जानकारी दी कि हरिपुरघाट गांव स्थित बागमती नदी में बना आरसीसी पुल के ध्वस्त होने के करीब दो वर्ष बीतने के बाद भी ग्रामवासियों को आवागमन को लेकर जूझना पड़ रहा है।पुल टूटने के बाद नदी में पानी कम होने पर लोगों ने नदी में डायवर्सन बनाया था।लेकिन पिछले चार दिनों से आंधी-तूफान व मुसलाधार बारिश की वजह से रविवार को डायवर्सन पानी की धार में बह गया।लोगों को अब फिर से डायवर्सन बनने के एक साल बाद जर्जर बांस-बल्ले की पुल का ही सहारा लेना पड़ा।रविवार की दोपहर आधे घंटे की तेज बारिश ने बच्ची खुची कसर पूरी कर दी।यह तीसरी बार है, जब आवागमन के लिए स्थानीय लोगों के द्वारा बनाया गया डायवर्सन पानी के तेज धार से बह गया है।लोग डायवर्सन बनाए व बार-बार बारिश की तेज रफ्तार उसे बहा ले गया।पुल टूटने के बाद बांस बल्ले की पुल लोगों ने बनाई थी।जिसके होकर लोग किसी तरह यातायात सुविधा को बहाल रखा।बार-बार बांस बल्ले की पुल टूटने के बाद लोग उसे ठीक कर के पुल को ठीक ठाक रखा था।लेकिन अब पुल पूरी तरह जर्जर हो गया है।जिस कारण नदी में पानी का दवाब कम होने के बाद विधानसभा चुनाव के समय लोगों ने मिट्टी गिराकर नदी में डायवर्सन बनाकर यातायात सुविधा चालू किया था।लेकिन करीब एक साल बाद डायवर्सन तीसरी बार बारिश के साथ बह गया।लोगों को अब फिर उसी जर्जर बांस-बल्ले की पुल का सहारा लेना पड़ा।पुल टूटने के बाद धाईध, हरिपुरघाट, हरिपुर, विशनपुर सहित पांच गांवों के लोगों के आवागमन की सुविधा ठप हो गई है।