बेजुबान वफादार कुत्ते ने अपने मालिक की मृत्यु पर श्मशान घाट पर जाकर 2 दिन तक रोता रहा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है यह वीडियो

जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वह पूर्व सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव को रिहाई को लेकर दरभंगा में युवाओं ने प्रदर्शन किया दीपक झा के नेतृत्व में युवाओं की टोली ने नग्न बदन होकर रिहाई का मांग किया

* धरना देकर सब्जी व फल उत्पादक किसानों ने फसल क्षति मुआवजे की मांग की * लागत के अनुसार दूध की कीमत नहीं मिलने से पशुपालक भी परेशान- ब्रहमदेव प्रसाद सिंह समस्तीपुर, 22 मई '21 अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने कहा है कि लॉक डाउन के कारण सब्जी व फल उत्पादक किसान बर्बाद हो गए हैं. हालत यह है कि टमाटर, भिंडी 2 रुपए किलो सहित अन्य साग-सब्जी भी उन्हें कौड़ी के मोल बेचनी पड़ रही है. खीरा, तरबुज, लालमी आदि फल भी कोई खरीदने वाला नहीं है. कर्ज लेकर फसल उगाने वाले किसानों की तो और भी बुरी हालत है. लागत और मुनाफा की बात तो छोड़ ही दें, सब्जी तोड़ने और उसे मंडी तक पहुंचाने की मजदूरी नहीं निकल पा रही है. दूध की कीमत नहीं मिलने से पशुपालक किसान भी परेशान है. सरकार से हम मांग करते हैं कि सभी सब्जी-फल उत्पादक किसानों को फसल क्षति का मुआइना करके तत्काल, फसल क्षति मुआवजा देने, केसीसी समेत अन्य सभी लोन माफ करने, रासायनिक खादों की कीमत घटाने, गेहूँ-मकई खरीद की गारंटी करने की मांग की. वे शनिवार को स्थानीय मोतीपुर वार्ड-10 में सब्जी उत्पादक किसानों के एकदिनी धरना को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहे थे. बासुदेव राय, शंकर सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, संजय शर्मा, मोती लाल सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, अनील कुमार राय, ललन दास, समेत अन्य किसान धरना में शामिल थे. उन्होंने आगे कहा कि बिहार सरकार के तमाम दावों के विपरीत गेहूं खरीद की हालत भी बुरी है. सरकारी रेट (1975 रू प्रति क्विंटल) पर कहीं भी गेहूं की खरीद नहीं हो रही है. व्यापारी किसानों को लूटने में लगे हुए हैं. मकई का न्यूनतम समर्थन मूल्य (1850) पर खरीद की घोषणा के बावजूद कहीं क्रय केंद्र नहीं खुला है. सरकार ने इस बार दाल और चना खरीदने की भी घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कहीं आरंभ नहीं हो सका है. निजी व्यापारी छोटा मसूर 7000 रू तो चना 6500 रू प्रति क्विंटल खरीद रहे हैं, वहीं सरकार ने इसकी कीमत महज 5100 रू प्रति क्विंटल तय की है. ऐसी स्थिति में कोई किसान आखिर क्यों अपना दलहन सरकार को बेचने जायेंगे? जाहिर है कि इसमें सरकारी खरीद प्रणाली को खत्म करने की ही मंशा इसमें झलकती है. प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस आशय की जानकारी देते हुए भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यदि किसानों की मांग नहीं मानी जाती है तो लाकडाउन बाद बड़ी गोलबंदी के साथ आंदोलन शुरू किया जाएगा.

छात्रों को लॉकडाउन में पढ़ाई में काफी परेशानी होता है सिलेबस को पूरा नहीं कर पाते हैं वक्त बातें मेडिकल के छात्र आदित्य कुमार ने मोबाइल वाणी के बातचीत के दौरान यह बातें कहीं

रोसरा चेंबर ऑफ कॉमर्स में बिहार सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के कुछ भेदभाव पूर्ण फसलें की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए सभी दुकानों को त्याग समय एवं शर्तों पर खोलने से संबंधित पत्र लिखा अधिकारियों ने कहा है कि सरकार ने कुछ शर्तों के साथ सभी आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के अलावा मकान निर्माण सामग्री हार्डवेयर के साथ ही कई अन्य सामग्री की दुकान को खोलने का आदेश दिया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

समस्तीपुर जिला के प्रमोद कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम बताते है कि वैक्सीन लेना गलत नही है,पर स्वास्थ्य जाँच कर वैक्सीन दिया जाए तो ज्यादा अच्छा होगा। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर प्रखंड निवासी प्रमोद कुमार बताते है कि कोरोना महामारी में जीवन चलाना बहुत मुश्किल हो गया है। जब गावँ के बाजार में जाते है,तो पुलिस के लोग आ कर सब खरीददार को भगा देते है। कुछ सामान बिक्री होता ही नहीं है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

आइसा, इनौस, ऐपवा एवं भाकपा माले द्वारा शहर के विवेक- विहार मुहल्ला में गत 26 अप्रैल से संचालित जिला स्तरीय कोविड हेल्पलाइन सेंटर पीड़ितों की सेवा में लगातार जी जान से लगकर मिशाल कायम किया है.इसके संचालकों में से एक भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि इस सेंटर द्वारा जारी सेवा की चर्चा दूर- दूर तक सुना जा रहा है. उन्होंने बताया कि जब कोविड के डर से लोग मृतक के शव को अंतिम संस्कार करने से डरते थे, वैसे समय में सेंटर के कार्यकर्ता वहाँ पहुचकर शव को कंधा तक देने का काम करते हैं

बिहार के समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड के गांवपुर निवासी स्वर्गीय वीरेन्द्र सिंह के 24 वर्ष पुत्र प्रभात कुमार सिंह का मुंबई में आए चक्रवाती तूफान ताऊ ते से असामयिक निधन हो गया l प्रभात कुमार सिंह समुद्री जहाज में काम कर रहे, उसी समय चक्रवाती तूफान ताऊ ते के कारण जहाज डूब जाने से उनकी मौत हो गई lविस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

समस्तीपुर जिले के अंतर्गत गावपुर निवासी स्वर्गीय विरेंन्द्र सिंह के 24 वर्षीय पुत्र प्रभात कुमार की मुंबई में आये चक्रवाती तुफान में हुईं मौत हो गई । जानकारी के अनुसार प्रभात उस समय जहाज़ में ही काम कर रहे थे । उनके असामयिक हुई मौत से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई ।