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बगोदर। विगत 9 फरवरी से विभिन्न मांगो क़ो लेकर बगोदर बस स्टैंड मे खुले आसमान के निचे बेमियादी धरने पर बैठे समाजसेवी कुंजलाल साव का धरना शुक्रवार क़ो समाप्त हुवा l बतातें चलें की कुंजलाल साव के द्वारा निजी विद्यालयों मे गरीब बच्चों को 25% गरीब बच्चों का निः शुल्क नामांकन किया जाय,प्रवेश कच्छा के अलावे अन्य कक्षाओं में नामांकन पर प्रतिबंध लगाया जाए, प्रत्येक मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं को प्राथमिक शिक्षा में प्री मैट्रिक परीक्षा 2020 21 से वंचित करने वाले स्कूल प्रबंधकों के स्कूल की मान्यता रद्द किया जाए तथा देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए, योग्य अध्यापकों से ही शिक्षण कार्य करवाने की गारंटी सुनिश्चित की जाए, वह ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल मे उपरोक्त नियमो हो रहे उल्लंघन पर भी जांच की आदि मांगों को लेकर कुंज लाल साव के द्वारा विगत 1O दिन से धरने पर बैठे थे, 11वें दिन जिला शिक्षा अधिकारी का नींद खुला और बगोदर पहुंचकर सामाजिक कार्यकर्ता कुंजलाल साव की सुध ली और उपरोक्त मांगों पर लिखित आश्वासन देकर धरना क़ो समाप्त करवाया इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

बगोदर थाना क्षेत्र में बगोदर पुलिस पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे हैं वाहन जांच अभियान में दीपक पूजा घी नामक मार्का के टीने मे शराब भरकर पिकअप वैन को दबोचा, मामले पर बगोदर थाना कांड सांख्य 36/21 दर्ज़ कर विभिन्न धारावो के तहत शुक्रवार क़ो न्यायिक हिरासत मे गिरिडीह भेज दी गई lविस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

किसानों एवं सब्जी विक्रेताओं की समस्याओं से अवगत होने के लिए झारखंड सरकार के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सुबह कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ सब्जी मंडी पहुंचे। अपने कृषि मंत्री को सब्जी मंडी पर देखकर किसानों काफी उत्साहित हुए। किसानों ने एक-एक कर अपनी समस्याओं से अपने लोकप्रिय कृषि मंत्री को अवगत कराया। उन लोगों ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वजह से किसान अपने भविष्य को लेकर काफी सशंकित हैं। अगर यह कानून लागू होगा, तो देश के किसान मजदूर बन जाएंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि मैं खुद किसान का बेटा हूं और किसानों की पीड़ा को समझता हूं। अभी झारखंड सरकार के कृषि मंत्री होने की हैसियत से मेरी पूरी कोशिश है कि आपकी सारी समस्याओं का हल हम बहुत जल्द निकाल लें। मोदी सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर किसानों के साथ जो राजनीति कर रही है या अपने देश के किसानों की उत्साह मारने की कोशिश कर रही हैं, उस कोशिश को हम किसान और कांग्रेसी कार्यकर्ता कभी कामयाब नहीं होने देंगे। आज पूरा देश में किसान आंदोलन फैल चुका है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

गर्मियों में पानी की किल्ल्त हो जाने से मवेशियों को काफी समस्या होती है। इसलिए ग्रामीणों ने मिल कर जलाशय गहरीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और समस्याओं के निदान के लिए 20 फरवरी को जनता दरबार का आयोजन किया गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

हजारीबाग बुधवार को कर्पूरी चौक नूरा में जननायक कर्पूरी ठाकुर का पुण्यतिथि मनाया गया इस समारोह में इनके सम्मान में भजन कीर्तन का प्रस्तुति डॉ प्रल्हाद डॉ सुरेश और इनके ग्रुप के द्वारा किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव सुरेश ठाकुर ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए सामाजिक न्याय के लोगों ने 16 और 17 फरवरी को जंतर मंतर पर धरना दिए हुए हैं इसके बाद राष्ट्रपति को इस संबंध में ज्ञापन सौंपेंगे।झारखंड कुशवाहा महासभा के संगठन मंत्री बटेश्वर प्रसाद मेहता अल्पसंख्यक मोर्चा झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष रुचि कुजूर राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के जिला संरक्षक डॉ हीरालाल साहा सीताराम ठाकुर प्रहलाद ठाकुर फिल्म जगत से धर्मेंद्र ठाकुर, सभी लोगों ने अपने संबोधन में कहा कि इस महान समाजिक योद्धा को भारत रत्न से  विभूषित किया जाए तभी इनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के नेतृत्व में तीन महीने से चल रहे किसान भाइयों के आंदोलन के समर्थन में  20 फरवरी को होनेवाले  राज्य स्तरीय किसान ट्रैक्टर रैली को सफल बनाने के लिए एक दिवसीय दौरा करते हुए हजारीबाग के बन्हा ,पेलावल, कटकमसांडी और इचाक में आह्वान किया कि अपने अन्नदाताओं के समर्थन में इस किसान ट्रैक्टर रैली को ऐतिहासिक बनाएं। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री  आलमगीर आलम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन ने देश को नई राह दिखाई है। अब तक इस आंदोलन में 200 से अधिक किसान अपनी शहादत हो चुकी हैं। केंद्र सरकार के कृषि मंत्री भी मान चुके हैं कि इस कानून में कई त्रुटियां हैं। यहाँ तक कि मोदी सरकार की मंत्री इस कानून के विरोध में इस्तीफा भी दे चुकी हैं। बावजूद इसके घमंडी मोदी सरकार अपने पूंजीपति दोस्तों के इशारे पर अपने अन्नदाता भाइयों के सामने झुकने को तैयार नहीं है। इस कानून की वजह से देश के किसानों में उत्साह की कमी आ गई है, जिस वजह से आने वाले कुछ ही सालों में अपने देश में खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में भारी बढोतरी होने की नौबत आ खड़ी होगी। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

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