झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के नेतृत्व में तीन महीने से चल रहे किसान भाइयों के आंदोलन के समर्थन में  20 फरवरी को होनेवाले  राज्य स्तरीय किसान ट्रैक्टर रैली को सफल बनाने के लिए एक दिवसीय दौरा करते हुए हजारीबाग के बन्हा ,पेलावल, कटकमसांडी और इचाक में आह्वान किया कि अपने अन्नदाताओं के समर्थन में इस किसान ट्रैक्टर रैली को ऐतिहासिक बनाएं। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास मंत्री  आलमगीर आलम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन ने देश को नई राह दिखाई है। अब तक इस आंदोलन में 200 से अधिक किसान अपनी शहादत हो चुकी हैं। केंद्र सरकार के कृषि मंत्री भी मान चुके हैं कि इस कानून में कई त्रुटियां हैं। यहाँ तक कि मोदी सरकार की मंत्री इस कानून के विरोध में इस्तीफा भी दे चुकी हैं। बावजूद इसके घमंडी मोदी सरकार अपने पूंजीपति दोस्तों के इशारे पर अपने अन्नदाता भाइयों के सामने झुकने को तैयार नहीं है। इस कानून की वजह से देश के किसानों में उत्साह की कमी आ गई है, जिस वजह से आने वाले कुछ ही सालों में अपने देश में खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में भारी बढोतरी होने की नौबत आ खड़ी होगी। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।