बिहार राज्य के चम्पारण जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता राजु सिंह ने पंचायत चुनाव के विजेता आशीष से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने जानकारी दी की चुनाव में अयोग्य लोग जब जीत हासिल कर रहे हैं तो मैं क्यों नहीं कर सकता। इसी विश्वास के साथ मैंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। अब जीत के बाद मेरे अधीन जो भी कार्य हैं , उन्हें सही ढ़ंग से करने की कोशिश रहेगी।मैं जनता के विश्वास को पूरा करने का कोशिश जरूर करूँगा। जीत के बाद सबसे पहले हर घर में जा कर उनकी समस्याओं को सुन कर समस्या का निपटारा करने का काम करूँगा। इसके साथ ही सड़क और नालों की मरम्मत करवाने का कार्य किया जाएगा

बिहार राज्य के जमुई जिला के मौरा प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता दीपक पटेल ने जानकारी दी कि चोरोत प्रखंड के 7 पंचायतो के मुखिया प्रत्याशी का रिजल्ट प्राप्त हुआ है l चोरोत उतरी से नीलू सिंह,चौरौत पश्चिमी से विजय कुमार ,चोरोत पूर्वी से प्रमोद हाथी ,परिगामा से संजय कुमार , बर्री बेहटा से कुंदन कुमार , भंटाबरी से शैल देवी ,जादूपट्टी से निशा कुमारी विजय हुई है l सीतामढ़ी के नानपुर प्रखंड में मुखिया पद के लिए विरार पंचायत से शाहीन प्रवीण, भादियन से राजेश कुमार और जानीपुर से अखिलेश कुमार की जीत हुई है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी सुनील कुमार यादव एवम पुलिस अधीक्षक हर किशोर राय शांतिपूर्ण,स्वच्छ, भयमुक्त पंचायत निर्वाचन को लेकर बथनाहा प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों के साथ कर रहे है बैठक। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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जनता बदहाल मुखिया जी मालामाल

साथियों , पंचायत समिति विकास खंड स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है जो ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के बीच एक सम्वन्यक की भूमिका अदा करती है। तो आप हमें बताएं कि - क्या आप अपनी पंचायत समिति के बारे में जानते है? - क्या कभी किसी ग्रामसभा या पंचायत में जन सुनवाई के दौरान आपके पंचायत समिति के प्रमुख भाग लेते है और आप की बातों पर गौर कर पंचायत को निर्देश देते है? - आपके हिसाब से पंचायत समिति या प्रमुख की क्या भूमिका होनी चाहिए ? - और क्या आपकी बात वहां सुनी जाती है ? - और मुखिया या सरपंच पर योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पंचायत समिति किस प्रकार से दबाब बना सकती है .साथ ही प्रखंड के अधिकारी कैसे जिम्मेदारियों को सुनिश्चित कर सकते है इन सवालों के जबाब देने के लिए अभी दबाएं अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन।

तो साथियों , सुना आपने। पंचायतों में समितियों का कितना महत्व व आवश्यकता है। तो आप हमें बताएं कि - क्या आप अपनी पंचायत में होने वाले कार्यो के बारे में जानते है या उसकी योजना बनाते समय आपकी राय ली जाती है? - साथ ही अगर आपके गाँव में तालाब सिचाईं के लिए सुविधा नहीं है तो क्या आपने अपने ग्राम पंचायत से इसकी मांग की ? - और आपके मुखिया में क्या क्या गुण होने चाहिए ? और अगर मुखिया के चुनाव देरी होती है तो आपको कैसी परेशानी होगी ?क्या आप सरकारी बाबुओं के सामने अपनी बात खुल कर रख पाते है ? साथ ऐसा क्या करना चाहिए की पंचायत चुनाव सही समय पर हो ?

बिहार राज्य के जिला सीतामढ़ी के मेजरगंज प्रखंड के पंचायत हिरोलबा से आरुषि मोबाइल वाणी के माध्यम से कैलाश देवी का साक्षात्कार ली जिसमे उन्होंने बताया कि इस बार होनेवाले चुनाव में वे मुखिया को मतदान नहीं करना चाहती है क्योंकि मुखिया जी ने जनता को राशन सामग्री नहीं दिलाई है और ना ही कोई और सुविधा दिलवाते है, जिसकी शिकायत इन्होने क्षेत्र के बीडीओ से कि थी पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

साथियों , गॉँवों में शिक्षा की कमी एवं गरीबी के कारण आये दिन कोई-न-कोई विवाद हुआ करते हैं एवं ग्राम वासी जटिल कानूनी प्रक्रिया के चक्कर मं फॅँस जाते हैं एवं बाद में चाहते हुए भी आपस में समझौता न कर पाते है। इसलिए इन मुद्दों को ध्यान में रखकर सर्वप्रथम यह प्रावधान किया गया कि किसी भी मुद्दे या विवाद को सामने आने पर ग्राम कचहरी का दायित्व होगा कि पक्षकारें के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार कर समझौता कराए ताकि ग्राम वासियों की मेहनत की कमाई का पैसा उनके विकास पर खर्च हो न कि कानून की जटिल प्रक्रियाओं पर। तो आप हमें बताएं कि — आप ग्राम कचहरी के बारे में क्या जानते हैं? — क्या आपके गांव में कचहरी लगती है और आपने उसमें कभी हिस्सा लिया है? — क्या आपने वहां प्रकरणों का निपटारा होते देखा है? अगर हां तो अपना अनुवभ हमारे साथ साझा करें. — अगर आपने ग्राम कचहरी में कोई सवाल पूछा हो और उसका जवाब मिला हो तो उसके बारे में बताएं? — आपके हिसाब से ग्राम कचहरी की जरूरत है या नहीं? क्या इनके होने से ग्रामीणों को फायदा मिलता है? . इन सवालों के जबाब देने के लिए अभी दबाएं अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन।

बिहार राज्य के चंपारण जिला से कुमार गौरव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि पंचायत चुनाव के आते ही मुखिया प्रत्याशी जनता को लुभाने में अपनी पूरी जान लगा दे रहे हैं।लेकिन पंचायतों में कई विकास कार्य अब भी अधूरे हैं।चुनाव के आते ही छिटपुट जगहों पर लाईट की व्यवस्था और ऐसे ही कई काम को अंजाम सिर्फ जनता को लुभाने के लिए दिया जा रहा हैं।