प0 चंपारण बेतिया जिला मोहम्मद मंजर आलम अतिथि भवन का निर्माण बाबा विश्वम्भरनाथ मन्दिर समिति ने बगहा बाजार स्थित आर्य समाज मंदिर के समीप कराया।

प0 चंपारण बेतिया जिला मोहम्मद मंजर आलम अनुमंडल प्रशासन के नेतृत्व में बगहा नगर के अस्थायी अतिक्रमण को किया सफाया।

प0 चंपारण बेतिया जिला मोहम्मद मंजर आलम कोविन्ड19 कोरोना वायरस का टीका सभी को मुफ्त में देने की सुरैया सहाब ने की मांग।

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सुगौली। 90 लीटर शराब के साथ तीन गिरफ्तार शराब तस्कर को पुलिस ने भेजा जेल।

प0 चंपारण बेतिया जिला मोहम्मद मंजर आलम राशन उठावा करने के लिए दियारावर्ती क्षेत्र के लोगो को हो रही परेशानी।

प0 चंपारन बेतिया जिला मोहम्मद मंजर आलम टाट काट कर चोरी की घटना को चोरों ने दिया अंजाम

जिल शिवहर शांति आपके अंदर है उसे बाहर ना तलासे,सफलता की इस सफर में चलते हम लोग इतने आगे निकल आए हैं कि मन की शांति और सौहार्द कहीं खो गया है उक्त संबोधन मंडल कारा शिवहर में 4 दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन प्रजापति ईश्वरीय विश्वविद्यालय कहतरवा सेंटर शिवहर के संचालिका बहन बी के सुनीता दीदी तथा कुनौली नेपाल बॉर्डर से बहन मनीषा दीदी आई थी तथा रामाधार भाई वीरेंद्र भाई आदि ने कैदियों को अपने संदेश में बताया है।इससे पूर्व जेल सुपरिटेंडेंट सुजीत कुमार झा ,सहायक जेलर आलोक कुमार सिंह के द्वारा जेल परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित कर कैदियों को इकट्ठा कराया गया था जहां पर प्रजापति ईश्वरीय विश्वविद्यालय कहतरवा सेंटर के संचालिका बहन बीके मनीषा दीदी ने कहा है कि इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के पास सब कुछ है धन, दौलत, रिश्ते, शोहरत ,नाम बस एक चीज नहीं है वह है शांति।कैदियों को परमात्मा परिचय देकर सकारात्मक बनाने का मूल मंत्र सिखाया है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

जिला शिवहर केंद्र की वर्तमान मोदी सरकार देश के चंद बड़े पूंजीपतियों और विदेशी उद्योगपतियों की कठपुतली की सरकार है।जिसमें बीमा कंपनियों, टेलीकॉम ,एयरपोर्ट ,रेलवे ,भवन निर्माण, खाद्यान्न, पावर सेक्टर, कमाऊ कल कारखानों को बीमारू बताकर अपने खास पूजी पतियों ,उद्योगपतियों के हाथ बेचने के बाद अब हमारे जल, जमीन और जंगल बेचने की तैयारी में है। उक्त संवाद प्रेस वार्ता के दौरान विधायक चेतन आनंद ने बताया है।विधायक ने बताया है कि केंद्र का नया कृषि कानून इसी का नमूना है।गांव गरीब मजदूर किसान भाजपा नीत केंद्र सरकार के एजेंडे में शामिल नहीं है ।इन सब के लिए इनके पास कोई कल्याणकारी योजनाएं नहीं है, यही कारण है कि गांव और गरीब उजडता जा रहा है और देश का पेट पालने वाला अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर है।विधायक चेतन आनंद ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया है कि स्थिति यह है कि कल कारखानों से उत्पादित वस्तुओं के लागत खर्च और समर्थन मूल्य तय करने का अधिकार तो उद्योगपतियों को है लेकिन कृषि उत्पादों की लागत खर्च और समर्थन मूल्य तय करने का अधिकार किसानों को नहीं है। कृषि उत्पादन के चीजों के मूल्य भी या तो सरकार तय करती है या फिर बिचौलिए, हम जहां आज उन्नत गांव की बात करते हैं वहीं हुए स्मार्ट सिटी की बात करते हैं। हम मजदूरों किसानों की खुशहाली की बात करते हैं तो अडानी और अंबानी जैसों को खुशहाल करते हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।