जिला शिवहर केंद्र की वर्तमान मोदी सरकार देश के चंद बड़े पूंजीपतियों और विदेशी उद्योगपतियों की कठपुतली की सरकार है।जिसमें बीमा कंपनियों, टेलीकॉम ,एयरपोर्ट ,रेलवे ,भवन निर्माण, खाद्यान्न, पावर सेक्टर, कमाऊ कल कारखानों को बीमारू बताकर अपने खास पूजी पतियों ,उद्योगपतियों के हाथ बेचने के बाद अब हमारे जल, जमीन और जंगल बेचने की तैयारी में है। उक्त संवाद प्रेस वार्ता के दौरान विधायक चेतन आनंद ने बताया है।विधायक ने बताया है कि केंद्र का नया कृषि कानून इसी का नमूना है।गांव गरीब मजदूर किसान भाजपा नीत केंद्र सरकार के एजेंडे में शामिल नहीं है ।इन सब के लिए इनके पास कोई कल्याणकारी योजनाएं नहीं है, यही कारण है कि गांव और गरीब उजडता जा रहा है और देश का पेट पालने वाला अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर है।विधायक चेतन आनंद ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया है कि स्थिति यह है कि कल कारखानों से उत्पादित वस्तुओं के लागत खर्च और समर्थन मूल्य तय करने का अधिकार तो उद्योगपतियों को है लेकिन कृषि उत्पादों की लागत खर्च और समर्थन मूल्य तय करने का अधिकार किसानों को नहीं है। कृषि उत्पादन के चीजों के मूल्य भी या तो सरकार तय करती है या फिर बिचौलिए, हम जहां आज उन्नत गांव की बात करते हैं वहीं हुए स्मार्ट सिटी की बात करते हैं। हम मजदूरों किसानों की खुशहाली की बात करते हैं तो अडानी और अंबानी जैसों को खुशहाल करते हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
