बरसात के मौसम में वेक्टर जनित रोगों जैसे- डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया, कालाजार आदि का प्रकोप बढ़ने लगता है। इससे बचाव के लिए सावधानी आवश्यक है। उपरोक्त बातें पूर्वी चम्पारण के जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. शरत चंद्र शर्मा ने बताई।

इस दौरान केएचपीटी के राज्य एडमिन एवं फाइनेंस पदाधिकारी विवेक कुमार ने बिल, वाउचर आदि को ससमय जमा करने एवं बिल संबंधित समस्याओं पर चर्चा की। जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी सुमित कुमार ने डेटा के माध्यम से टारगेट एवं अचीवमेंट के बारे में चर्चा की। बैठक में कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर अनु कुमारी, नीलम पांडेय, मनोज कुमार ओझा, अनिल कुमार यादव, जितेंद्र कुमार, विकास कुमार ठाकुर, नीरज कुमार, रमेश कुमार, डॉ घनश्याम, दीपेश कुमार राय उपस्थित थे।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लिखा गया स्लोगन, चिपकाया गया फोटोयुक्त पोस्टर - सिविल सर्जन ने बैरिया सीएचसी का किया निरीक्षण - नर्सिंग स्टाफ एवम सभी अस्पताल कर्मियों को अस्पताल आनेवाली प्रसूति महिलाओं को जागरूक करने के लिए किया गया प्रेरित

एनीमिया से जच्चा-बच्चा की जान को हो सकता है खतरा - समय पर जाँच कराएँ, खुशहाल जिंदगी पायें 

जिला यक्ष्मा केंद्र में लैब टेक्नीशियन के पद पर हैं कार्यरत - गांव में टीबी पर लोगों को करते है सचेत

जिले के चकिया, मधुबन, ढ़ाका, घोड़ासहन सहित कई प्रखंडों की सेविकाओं एवं सीडीपीओ ने गलियों मुहल्लों में घूमकर, रैली व बैठक के माध्यम से महिलाओं को स्तनपान का महत्व बताया। इस दौरान प्रखंड समन्वयक चकिया द्वारा केंद्र संख्या 14 ग्राम पंचायत राज चकबरा में स्तनपान संबंधी बैठक कर परिचर्चा की गई।

बिहार राज्य के चम्पारण जिला से सहिस्ता मोबाइल वाणी के माध्यम से कोरोना की ख़बरों को जानकारी देते हुए कहती हैं कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोरोना के खतरों को देखते हुए तैयारी जोर सोर से शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए अमृतमहोत्सव में शिविर लगाकर लोगों को टीकाकरण किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि युवक और युवतियों को लक्षित करते हुए इस अभियान को जोर से चलाया जाएगा। जिससे की कोई भी छूट न पाए

रेडक्रॉस सोसाइटी मोतिहारी में बुधवार को गुर्दा और मूत्र रोग से संबंधित रोगियों को डॉ. अंशुमन आशु व डॉ. संतोष कुमार द्वारा नि:शुल्क परामर्श दिया गया। इस दौरान रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा बताया गया कि पैथोलॉजिकल जांच भी किफायती दर पर मरीजों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। बताया गया कि पेशाब से जुडी समस्या होने पर अपनी गुर्दा की जांच अवश्य कराएं। चिकित्सकों ने बताया कि असामान्य खान-पान के कारण लोगों में गुर्दे की बीमारी बढ़ रही है। इसकी समय से जांच की जानी जरूरी है। आज मौके पर लगभग 40 मरीजों की जाँच की गई। किडनी के रोगियों को तनाव से बचना चाहिए। उन्हें शराब व धूम्रपान से परहेज करना चाहिए। साथ ही भोजन में ज्यादा नमक का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। डायबिटीज व हाई बीपी से ग्रसित लोगों की किडनी की सेहत का विशेष ध्यान रखनी चाहिए।

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वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे के अवसर पर भारतीय रेड-क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी के सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्वी चम्पारण के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार सहित- डॉ अतुल कुमार, डॉ संगीता सिंह, डॉ विनीता वर्मा द्वारा हेपेटाइटिस के विभिन्न स्वरूपों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को हेपेटाइटिस से बचाव के तौर तरीके भी बताये गये। सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस बी दिवस मनाया जाता है। इसका टीका नवजात शिशुओं के जन्म के समय ही नियमित रूप से सभी टीकाकरण केंद्रों पर लगाया जाता हैं। हेपेटाइटिस बी का संक्रमण सबसे ज्यादा प्रसूता से नवजात शिशुओं में फैलता है। हेपेटाइटिस का संक्रमण खून चढ़ाने, इस्तेमाल की गई सूई का प्रयोग करने, दाढ़ी बनाने वाले रेजर, दूसरे के टूथब्रश का इस्तेमाल करने, असुरक्षित यौन संबंध से फैलता है। उन्होंने बताया कि 1 लाख 76 हजार लोगों की मौत हर वर्ष अपने देश में हेपेटाइटिस बी व सी से हो जाती है । चार करोड़ से ज्यादा लोग अपने देश में हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हैं।