वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे के अवसर पर भारतीय रेड-क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी के सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्वी चम्पारण के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार सहित- डॉ अतुल कुमार, डॉ संगीता सिंह, डॉ विनीता वर्मा द्वारा हेपेटाइटिस के विभिन्न स्वरूपों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को हेपेटाइटिस से बचाव के तौर तरीके भी बताये गये। सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस बी दिवस मनाया जाता है। इसका टीका नवजात शिशुओं के जन्म के समय ही नियमित रूप से सभी टीकाकरण केंद्रों पर लगाया जाता हैं। हेपेटाइटिस बी का संक्रमण सबसे ज्यादा प्रसूता से नवजात शिशुओं में फैलता है। हेपेटाइटिस का संक्रमण खून चढ़ाने, इस्तेमाल की गई सूई का प्रयोग करने, दाढ़ी बनाने वाले रेजर, दूसरे के टूथब्रश का इस्तेमाल करने, असुरक्षित यौन संबंध से फैलता है। उन्होंने बताया कि 1 लाख 76 हजार लोगों की मौत हर वर्ष अपने देश में हेपेटाइटिस बी व सी से हो जाती है । चार करोड़ से ज्यादा लोग अपने देश में हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हैं।