उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से संजू देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो मसाला पैकिंग का काम करना चाहती हैं। इसके लिए इन्हे ट्रेनिंग चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला के मझवां ब्लॉक से 42 वर्षीय संजु देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहती हैं कि महिलाओं को स्वावलंबी बनने के लिए जमीन होना जरुरी है। इससे वो खेती बाड़ी कर सकती हैं और पति का भी हाथ बंटा सकती हैं

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से सुनीता देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि ये नमकीन पैकिंग करने का रोज़गार करना चाहती है। इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग और ट्रेनिंग चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से ललिता देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि ये किराना दूकान खोलना चाहती है। इसके लिए इन्हे पचास हज़ार रूपए की ज़रुरत है

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मंझवा से पिंकी यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि महिलाओं के आगे बढ़ने के लिए जमीन मिलना चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य से जगधारी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि वो मिठाई का दूकान खोलना चाहते है।इसके लिए इन्हे सहयोग चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला से सुरेश मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहते हैं कि महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। जिससे वो भी आगे बढ़ सके। महिलाओं को सरकारी पट्टा या जमीन कैसे मिल सकता है

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 42 वर्षीय सुनीता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि जमीन में महिलाओं का नाम होना चाहिए ताकि आगे चल कर स्वावलम्बी बन सके। पति का साथ दे सके।

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 40 वर्षीय ललिता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि जमीन में महिलाओं का नाम होना चाहिए ताकि आगे चल कर स्वावलम्बी बन सके। पति का साथ दे सके

अधिकांश व्यक्तिगत पट्टे पुरुषों के नाम पर होते हैं. सामुदायिक अधिकारों में भी महिलाओं को भी कम प्रतिनिधित्व दिया जाता है. इसके चलते महिलाएं केवल खेत मजदूर बनकर रह जाती हैं. महिलाओं को इसका नुकसान यह होता है कि बैंक, बीमा तथा दूसरी सरकारी सहायता का लाभ नहीं उठा पाती है, जो उनके लिए चलाई जा रही हैं.