उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर ज़िला से 30 वर्षीय हरिकेश मोबाइल वाणी के माध्यम से यह जानकारी चाहते है कि सौर ऊर्जा कैसे मिलता है ?कहाँ मिलता है ?

उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के औराई प्रखंड से गोविन्द प्रसाद की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से विजय कुमार से हुई। विजय कहते है कि ये लेबर का काम करते है। ये व्यापार करना चाहते है जिसमें बकरी पालन करना चाहते है। लेकिन इन्हे इसकी जानकारी नहीं है। गोविन्द ने विजय को बकरी पालन से जुड़ी प्रशिक्षण की जानकारी दी

उत्तर प्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के डीग से रीता देवी ने सीमा से बातचीत की जिसमें सीमा ने कहा की महिलाओं को जमीनी अधिकार मिलना चाहिए।

उत्तरप्रदेश राज्य से सनी यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि ये लाइब्रेरी चलाते है। इनका पहले बिजली का बिल बहुत ज़्यादा आता था।एक दिन इनकी मुलाकात ग्राम वाणी संवाददाता शिवधनी से हुई। शिवधनी ने इन्हे सौर ऊर्जा के बारे में बताया। सौर ऊर्जा से बिजली बिल में काफी हद तक कमी हो सकती है। इसके बाद इन्होने सौर ऊर्जा लगवाया और अब लाइब्रेरी में इनका बिजली बिल काफी कम आने लगा है। ये काफी खुश है और इस कार्य हेतु ये ग्राम वाणी को धन्यवाद दे रहे है।

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से संध्या देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि जमीन में महिलाओं का नाम होना चाहिए

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला के मझवां ब्लॉक से 27 वर्षीय श्री देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहती हैं कि महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। ताकि भविष्य में महिला को किसी तरह की समस्या ना हो

उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के औराई प्रखंड से गोविन्द प्रसाद की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राजकुमार से हुई। राजकुमार कहते है कि ये घूम घूम कर कैलेंडर वाला फोटो बेचते है।इनका स्थायी दूकान नहीं है। इनके पास पैसे नहीं है कि स्थीयी व्यापार करें। गोविन्द ने इन्हे मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की जानकारी दी

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के कोण प्रखंड से रीता यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि इनका कपड़े का दूकान है। पहले ये कारोबार का लेखा जोखा रेजिस्टर में करती थी। एक दिन इनकी मुलाकात ग्राम वाणी संवाददाता शिवधनी से हुई। शिवधनी ने इनके मोबाइल में मेरा बिल्स एप्प डाउनलोड करा दिया। जिसके बाद से ये मोबाइल में ही एप्प के माध्यम से लेखा जोखा रखती है। पहले जो दूकान में उधारी चलता था तो ग्राहक से उधारी का रकम लिए बोलने संकोच होता था पर अब मैसेज के द्वारा ग्राहकों को उनके उधारी का रकम भेज देती है। इस मेरा बिल्स एप्प से इन्हे लाभ हुआ है।इन्हे लगभग दस हज़ार सात सौ पचास रूपए उधारी का रकम वापस मिला है।इस सराहनीय सहयोग के लिए ग्राम वाणी को बहुत बहुत धन्यवाद

उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला से गोविन्द प्रसाद की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे एक श्रोता से हुई। ये कहते है कि ये कंपनी में कालीन का काम करते है। इनके निचे कई वर्कर है। इन्होने अपने से कालीन का काम सीखा और दूसरों को भी काम दे रहे है। अगर घर में कालीन का कार्य करना चाहते है तो इसके लिए आर्थिक सहयोग चाहिए। जिसके लिए गोविन्द ने इन्हें मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की जानकारी दी गई

पति की मृत्यु के बाद विधवा का उसकी ज़मीन पर अधिकार कोई दया नहीं, बल्कि उसका कानूनी हक़ है। ज़रूरत इस बात की है कि क़ानून की जानकारी, प्रशासनिक सहयोग और सामाजिक समर्थन तीनों एक साथ मिलें। तभी विधवाओं के लिए “क़ानून में अधिकार” वास्तव में “ज़मीन पर अधिकार” बन पाएगा। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- क्या आपके गांव/मोहल्ले में विधवाओं के नाम ज़मीन का म्यूटेशन आसानी से होता है? *--- पंचायत या स्थानीय नेता विधवा अधिकारों की रक्षा में किस तरह की भूमिका निभा रहे हैं? *--- बेदखली के मामलों में प्रशासन कितनी जल्दी कार्रवाई करता है? *--- और क्या कानूनी सहायता केंद्र गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुँच पा रहे हैं?