उत्तरप्रदेश राज्य के उगापुर से निशा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो सिलाई करना चाहती है। इसके लिए फॉर्म भरना है
उत्तरप्रदेश राज्य के उगापुर से हमारी संवाददाता की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से शीला से हुई। शीला कहती है कि वो खेती बाड़ी करती है और बकरी पालन करती है
कुल मिलाकर, महिलाओं के लिए संयुक्त स्वामित्व सिर्फ़ काग़ज़ी नियम नहीं है, बल्कि समाज को बदलने का एक मज़बूत ज़रिया है। यह महिलाओं को मज़बूत बनाता है, परिवार में संतुलन लाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए बराबरी की एक अच्छी मिसाल पेश करता है। महिलाओं को ज़मीन और संपत्ति में बराबर हक़ देना एक बेहतर और न्यायपूर्ण समाज की ओर बड़ा कदम है। तब तक आप हमें बताइए कि , *--- क्या आपके परिवार की ज़मीन या घर महिलाओं के नाम पर भी संयुक्त रूप से दर्ज है? *--- अगर नहीं, तो क्या आप संपत्ति में बेटियों और बहुओं को बराबर अधिकार देने पर विचार करेंगे? *--- क्या आप मानते हैं कि महिलाओं को ज़मीन का अधिकार मिलने से परिवार ज़्यादा सुरक्षित और मज़बूत होता है? *--- क्या अगली पीढ़ी को बराबरी की सीख देने के लिए आप संयुक्त स्वामित्व अपनाना चाहेंगे?
उत्तरप्रदेश राज्य के उगापुर से रेणु मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि ये सिलाई करना चाहती है
उत्तरप्रदेश राज्य के उगापुर से रेणु मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि इन्हें बकरी पालन करना है लेकिन इनके पास पैसे नहीं है। इन्हे पैसों की ज़रुरत है
उत्तरप्रदेश राज्य के उगापुर से ईश्वरचंद गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि ये एक दो गाय लेकर गाय पालन करना चाहते है
उत्तरप्रदेश राज्य के उगापुर से लक्ष्मी देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो गाय और बकरी पालन करना चाहती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 36 वर्षीय गीता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं के नाम कानूनी तौर पर जमीन होना चाहिए जिससे महिला आत्मनिर्भर बन सके
उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 36 वर्षीय गीता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि भैंस का तबेला खोलना है।
उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 30 वर्षीय आरती मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं के नाम जमीन होना चाहिए जिससे वो आत्मनिर्भर बन सके
