उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से नीलू , मोबाइल वाणी के माध्यम से यहाँ बताना चाहती है कि हमें शुद्ध जल पीना चाहिए। अशुद्ध जल पिने के कारण लोग बीमार पड़ सकते है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा , मोबाइल वाणी के माध्यम से अपने बचपन की यादें बता रही है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सरकार द्वारा लाया गया बेटी बचाओ बेटी का प्रभाव पी. आर. ए. डब्ल्यू. ए. वाई. योजना का निश्चित रूप से सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार बेटियों के विकास और शिक्षा के लिए इस अभियान के तहत लगातार कई योजनाएं ला रही थी। जिसकी वजह से आज गरीब परिवार की बेटियों को पढ़ाई के लिए सरकार की तरफ से कई सुविधाएं दी जा रही हैं। इस अभियान के कारण आज समाज में बेटियों की आबादी संतुलित हुई है। ऐसा हो रहा है और बेटियों की स्थिति में भी पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। इस अभियान के कारण समाज में सदियों से दहेज प्रथा चली आ रही है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से अंकिता मिश्रा , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का मुख्य उद्देश्य भारत में निरंतर घट रही महिलाओं की जन सँख्या का अनुपात संतुलित करना है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जल है तो कल है, लेकिन इसके बावजूद पानी बिना किसी कारण के बर्बाद हो जाता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जल संकट का समाधान जल संरक्षण में निहित है। हमने हमेशा सुना है कि जल ही जीवन है। जल एक बहुमूल्य संसाधन है। यह सभी जीवित प्राणियों के लिए जीवन का आधार है। पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा जल है। जिसमे 97 प्रतिशत पानी खारा है जो पीने योग्य नहीं है। सिर्फ तीन प्रतिशत पीने योग्य पानी है।उसमे भी दो प्रतिशत हिमनद जल के रूप में है।सिर्फ एक प्रतिशत पानी ही मानव उपयोग के लिए उपलब्ध है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि शारीरिक और मानसिक विकास को ध्वनि प्रदुषण हानि पहुंचाती है। तेज आवाज के कारण उच्च रक्तचाप,दिल की बीमारी,तनाव इत्यादि रोग हो सकते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उच्च वर्ग में बेरोजगारी और शिक्षा की समस्या नही है। इस वर्ग में नैतिक मूल्य भ्रष्ट हैं। परिवार में बच्चों की परवरिश करना आज की समस्या है। इस वर्ग के लोग पैसों के द्वारा अपनी हर समस्या का समाधान ढूंढना चाहते हैं। इससे समस्या घटती नही है बल्कि और विकराल रूप धारण करती है। शिक्षित वर्ग में बेरोजगारी की समस्या है और यह अपराध का कारण है। पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार नही मिलता है और वे अपना शौक पूरा करने के लिए साइबर अपराध,लूट,इत्यादि अपराध करने लगते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सभी मनुष्यों को इस समाज में रहने और जीवित रहने का समान अधिकार है, हालांकि कुछ समाजों ने महिलाओं के खिलाफ उनके अस्तित्व को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग तरीकों से कुछ बाधाएं बनाई हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा समाज द्वारा की जाने वाली क्रूरताओं में से एक है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कई कृत्य किए जा रहे हैं, उनमें से भ्रूण हत्या एक क्रूर घटना है। भ्रूण हत्या इस दुनिया में होने वाले सबसे अमानवीय गतिविधि है जिसे लिंक के आधार पर लोगों के साथ उच्च भेदभाव के रूप में देखा जा सकता है।कन्या भ्रूण हत्या से निपटने और भारत में कन्या शिशु हत्या की गहरी जड़ों वाली प्रथा को समाप्त करने के लिए नागरिक समाज, सरकारी एजेंसी और व्यक्तिगत नागरिक की ओर से सामूहिक प्रयास किया जाना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला आरक्षण विधेयक सदन में पेश किया जाना , भारत के संसदीय इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण था। यह विधेयक निर्णय लेने वाले निकायों में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने का एक असाधारण प्रयास था। इस विधेयक में संसद और राज्य विधानसभाओं, विशेष रूप से लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रस्ताव किया गया है। महिला आरक्षण विधेयक को हमेशा पार्टी से भारी समर्थन मिला । पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने इस विधेयक को जरुरी और ऐतिहासिक बताया था। मगर दुर्भाग्यवश यह विधेयक 15वीं लोकसभा के भंग होने के साथ ही समाप्त हो गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, साहित्य, सिनेमा जैसे कई क्षेत्रों में सफलता के शिखर पर पहुंच गया है, लेकिन कुछ मुद्दे अभी भी देश में और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त हैं। ग्रामीण भारतीय महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एस. आई. आर. की रिपोर्ट दो हजार चौदह के अनुसार, ग्रामीण भारत में सौ में से केवल एक लड़की को कॉलेज में प्रवेश मिलता है। ये संख्या चौंकाने वाली और निराशाजनक है, क्योंकि महिलाएं हमारी आबादी का लगभग आधा हिस्सा हैं। ग्रामीण भारत में उनकी भूमिका घर-परिवार की देखभाल करने तक ही सिमित रहता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
