बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ग्रुप बी और ग्रुप सी कांस्टेबल, एचसी, एएसआई, एसआई के कुल 144 पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे अनुभवी उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज से न्यूनतम 10वी व अधिकतम स्नातक पास किया हो साथ ही पोस्ट से सम्बंधित अनुभव भी होना अनिवार्य है । इसके साथ ही उम्मीदवार की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष तक होनी चाहिए । इन पदों पर वेतनमान नियम अनुसार दिया जाएगा।ओबीसी व सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 247.20 रुपये व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 47.20 रुपये है, इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://rectt.bsf.gov.in/ योग्य उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण के बाद किया जाएगा।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से नीलू , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि उनको राजीव जी की डायरी सुनकर अच्छा लगता है। डायरी सुनकर बहुत सारी जानकारियाँ मिलती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से नीलू , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बातना चाहते है हमे शुद्ध जल पीना जरूरी है। अगर हम शुद्ध जल नहीं पिएंगे तो हम बीमार पड़ जायेंगे। सरकार सभी जगह टैंक लगवा रहे है।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से नीलू , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि ध्वनि प्रदुषण बहुत बढ़ गया है। प्रदुषण बढ़ने से हमारे स्वास्थय बिगड़ जाता है

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से नीलू , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बातना चाहते है कि हमारी सरकार द्वारा चलाया गया एक मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, जो लड़कियों को उतना ही दर्जा दे रहा है जितना लड़कों को दे रहा है। भ्रूण हत्या नहीं होना चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पानी हमारी मूलभूत आवश्यकता है। यह प्रकृति की अनमोल धरोहर है। पानी के बिना हमारा जीवन असंभव है।पानी बचाने के लिए हमें थोड़ी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। जितना पानी की जरूरत है उतना पानी का उपयोग करना चाहिए। घर में लगे हुए नल,शावर ,आदि ख़राब हो गए हैं तो उन्हें ठीक करवाना चाहिए। पानी के टपकने से बहुत सारा पानी व्यर्थ हो जाता है। ब्रश करते समय नल को खुला न छोड़ें। यदि आपके पास सरकारी नल का पानी आता है, तो काम पूरा होने पर नल बंद कर दें। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से प्रियंका सिंह , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि उनको राजीव स्वर की डायरी बहुत पसंद है और मुझे इसके प्रसारण का बेसब्री से इंतजार रहता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रत्येक श्रमिक का मूल अधिकार है। लेकिन राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो इसका हनन आम बात हो गई है।अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर एक वर्ष में एक सौ पच्चीस मिलियन से अधिक श्रमिक व्यावसायिक दुर्घटनाओं और बीमारियों के शिकार होते हैं।विकास के बावजूद, व्यावसायिक और तकनीकी सुरक्षा को बढ़ावा देने में भारत का रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं है। काम के माहौल को सुरक्षित बनाना नीति निर्माताओं के लिए हमेशा कम प्राथमिकता का विषय रहा है, जबकि इस विषय के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार व्यापक निवेश किया जाए तो उत्पादक लाभ में काफी वृद्धि हो सकती है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि परिवार और समाज में महिलाओं की शिक्षा का बहुत महत्व है। जब महिलाएं पढ़ती हैं, तो उन्हें अधिक जानकारी और समझ मिलती है।शिक्षा से वे अपने परिवार और समाज के लिए बेहतर योजना बना पाएंगी ।यदि एक महिला शिक्षित है, तो वो अपने परिवार में सही और गलत पर अपनी राय देकर महत्वपूर्ण निर्णयों में योगदान कर सकती है। शादी के बाद वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दे सकती है। देश लगातार प्रगति की ओर बढ़ता है जहां पर महिलाएं शिक्षित होती हैं । विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से प्रियंका सिंह , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि आज भी महिलाओं को वह सम्मान नहीं मिल रहा है जिसके वे किसी भी पद को प्राप्त करने के हकदार हैं, लेकिन फिर भी वे वास्तव में उस पद पर काम नहीं कर पा रही हैं, जिसके कारण उनकी पहचान खो जाती है। शैक्षणिक संस्थान में महिलाओं और पुरुषों दोनों को शिक्षक के रूप में देखा जाता है। जन्म के बाद, माँ बच्चे की पहली गुरु शिक्षिका होती है। संस्कार द्वारा कई कार्यक्रम शुरू करने के बावजूद, शिक्षक संस्थानों में महिलाओं की भूमिका को अभी तक मान्यता नहीं मिली है।