उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जल है तो कल है, लेकिन इसके बावजूद पानी बिना किसी कारण के बर्बाद हो जाता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जल संकट का समाधान जल संरक्षण में निहित है। हमने हमेशा सुना है कि जल ही जीवन है। जल एक बहुमूल्य संसाधन है। यह सभी जीवित प्राणियों के लिए जीवन का आधार है। पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा जल है। जिसमे 97 प्रतिशत पानी खारा है जो पीने योग्य नहीं है। सिर्फ तीन प्रतिशत पीने योग्य पानी है।उसमे भी दो प्रतिशत हिमनद जल के रूप में है।सिर्फ एक प्रतिशत पानी ही मानव उपयोग के लिए उपलब्ध है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
