उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला आरक्षण विधेयक सदन में पेश किया जाना , भारत के संसदीय इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण था। यह विधेयक निर्णय लेने वाले निकायों में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने का एक असाधारण प्रयास था। इस विधेयक में संसद और राज्य विधानसभाओं, विशेष रूप से लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का प्रस्ताव किया गया है। महिला आरक्षण विधेयक को हमेशा पार्टी से भारी समर्थन मिला । पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने इस विधेयक को जरुरी और ऐतिहासिक बताया था। मगर दुर्भाग्यवश यह विधेयक 15वीं लोकसभा के भंग होने के साथ ही समाप्त हो गया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
