उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से श्रीदेवी सोनी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लैंगिक असामनता महिलाओं के ऊपर एक बहुत बड़ी चुनौती है। ई कारण हैं कि जिन महिलाओं को आज भी जिम्मेदारी दी जाती है, उन्हें सामाजिक और पारिवारिक रूढ़ियों के कारण विकास का अवसर नहीं मिलता है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जल जीवन का अनिवार्य हिस्सा है और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। शरीर को विशिष्ट पाचन कार्यों को करने में मदद करता है और हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। जल अद्वितीय है, क्योंकि इसका घनत्व स्तर प्रोटोप्लाज्मा जैसा दिखता है। हमारे आहार में पानी का महत्व स्पष्ट है। पानी हर जगह है और हमारी पृथ्वी और वहां रहने वाले जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। जल कैलोरी का उत्पादन नहीं करता है। वजन घटाने का प्रमुख कारक है
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भविष्य में पानी की कमी की समस्या को हल करने के लिए जल संरक्षण जरुरी है। पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। पानी की कमी वाले क्षेत्रों में बच्चे अपने मूल शिक्षा का अधिकार और खुशहाल जीवन जीने का अधिकार प्राप्त नहीं कर पाते हैं। कचरे के कारण हर दिन पानी के बड़े स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। अधिकांश विकासशील देश पानी की कमी और गंदे पानी के कारण होने वाली बीमारियों से पीड़ित हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं और पुरुषों के बीच जो असमानता की खाई है वो अभी भी काफी गहरी है, जिसे भरने के लिए एक लम्बा रास्ता तय करना होगा, जो चुनौतियों से भरा होगा। भले ही हमने विकास के कितने ही पायदान चढ़ लिए हों लेकिन आज भी महिलाओं को पुरुषों के बराबर दर्जा नहीं मिला है।दुनिया में आज भी केवल काम करने योग्य आयु की केवल 61.8 फीसदी महिलाएं श्रम बल का हिस्सा हैं। यह आंकड़ा पिछले तीन दशकों में नहीं बदला है वहीं पुरुषों की बात करें तो 90 फीसदी काम कर रहे है। इतना ही नहीं पारिवारिक जिम्मेवारियां और बिना वेतन के घंटों किया जाने वाला काम उनके पुरुषों की तरह श्रम बल में शामिल होने की क्षमता को बाधित करता है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लड़कियों की शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लैंगिक भेदभाव को दूर करने के लिए 2015 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान का सकारात्मक प्रभाव पड़ा लेकिन अभी भी कमियाँ हैं। लैंगिक असमानता भी गरीबी का एक मुख्य कारण है और महिलाओं के अधिकारों का मौलिक हनन भी है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लैंगिक असमानता और महिला नेतृत्व के लिए स्कूल या विश्वविद्यालय में शामिल हों या उनकी स्थापना करें। संख्या में ताकत होती है। किसी विशेष मुद्दे से निपटने के लिए जितनी अधिक आवाजें उठेंगी, उनकी सुनने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।अन्य हाशिए पर पड़े समूहों द्वारा अभियान की रूपरेखा को बढ़ाने में मदद करना भेदभाव को समाप्त करना एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षा में लैंगिक असमानता का आर्थिक और सामाजिक विकास पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। लड़कियों की शिक्षा में निवेश करके और शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करके, समाज असमानता के चक्र को तोड़ सकते हैं महिलाओं को सशक्त बना सकते हैं और सभी के लिए सतत विकास को बढ़ावा दे सकते हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाएं एक साथ आ कर के अनुभवों को साझा करके और एक-दूसरे का समर्थन करके सबसे चुनौतीपूर्ण बाधाओं को दूर कर सकती हैं। इसलिए यदि आप कठिनाइयों का सामना करती हैं तो महिला सहायता समूह में शामिल हों। और मदद मांगने में संकोच न करें। उन्हें सच बताएं और अपनी भावनाओं को खुले तौर पर व्यक्त करें ताकि महिलाओं को किसी भी हिंसा या कई समस्याओं का सामना न करना पड़े। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि राजनीतिक पार्टियां महिलाओं को उनके हक, अधिकार और सुरक्षा के वादें तो करती हैं, लेकिन धरातल पर आज भी महिलाएं शोषण का शिकार हो रही हैं। महिलाओं व पुरुषों के बीच समानता का अंतराल बढ़ता चला जा रहा है। भारत जैसे पितृसत्तात्मक देश में शिक्षा, मीडिया, कानूनी संस्थाएँ, आर्थिक संस्थाएँ, राजनीतिक संस्थाएँ सभी पूरी तरह से पितृसत्तात्मक हैं। यहाँ तक कि, सभी धर्म भी पितृसत्तात्मक हैं।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से नीलू ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल रहा है। सरकार द्वारा चलाया जा रहा बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ मिशन का कोई पालन नहीं कर रहा है। महिलाओं को उनके हक़ के लिए आगे बढ़ना होगा और आवाज़ उठानी पड़ेगी
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि शिक्षा से लोग साक्षर होते हैं और यह रोजगार के लिए आवश्यक है। अच्छी शिक्षा जीने का एक शानदार तरीका है क्योंकि यह आपको उच्च वेतन वाली नौकरी प्राप्त करने का कौशल देती है। शिक्षा एक महत्वपूर्ण साधन है जो सभी के पास होना चाहिए।
