उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से श्री देवी सोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से हुई। श्रोता यह बताना चाहती है कि वह पापड़ बनाने का काम करती है। महीना में अच्छा मुनाफा हो जाता है। अगर पैसा मिले तो वो अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाना चाहेंगी।

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से श्री देवी सोनी , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि भारत का राजनीतिक विपक्ष पराजित नहीं हुआ है, हां, यह इतना महत्वपूर्ण है कि इस समय सत्तारूढ़ दल बहुत मजबूत है, लेकिन विपक्ष से बिल्कुल भी इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि विपक्ष अपना काम कर रहा है।

महिलाओं के स्वास्थ्य पर लोगों के विचारों में असमानता, जो दोनों लिंगों को भी प्रभावित करती है, लेकिन आंकड़ों के आधार पर, यदि आंकड़ों से पता चलता है कि विश्व स्तर पर, जन्म के समय लड़कियों की जीवित रहने की दर अधिक है, लेकिन साथ ही उनका विकास भी विषम है। लेकिन भारत एकमात्र बड़ा देश है जहाँ लड़कियों की मृत्यु दर लड़कों की तुलना में अधिक है

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि व्यक्ति के पास मानव अधिकार हैं जो विभिन्न तरीके से उनकी रक्षा करते हैं। शिक्षित होने का अधिकार,वोट देने का अधिकार,वोट देने का अधिकार,इत्यादि। इन अधिकारों के बावजूद, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं और लड़कियों के साथ अभी भी लैंगिग अनुपात के आधार पर भेदभाव किया जाता है।जब संकट आते हैं तो ग्रामीण महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होती हैं।आमतौर पर अवैतनिक देखभाल और घरेलू काम के उच्च बोझ और भेदभावपूर्ण पारंपरिक सामाजिक मानदंडों के कारण, उन्हें जागरूकता नहीं मिलती है और उन्हें जागरूक करना और समाज में महिलाओं को सशक्त बनाना जरुरी है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि अन्य अधिकारों में, महिलाओं के अधिकारों में शामिल हैं। जैसे - शारीरिक अखंडता अधिकार, जैसे हिंसा से मुक्त होना और अपने शरीर पर विकल्प चुनना; सामाजिक अधिकार, जैसे स्कूल जाना और सार्वजनिक जीवन में भाग लेना; आर्थिक अधिकार, जैसे संपत्ति का मालिक होना, अपनी पसंद की नौकरी करना और इसके लिए समान रूप से भुगतान किया जाना,आदि शामिल हैं। महिलाओं के अधिकारों और प्रमुख कानूनी मील के पत्थर का ऐतिहासिक अवलोकन प्रदान करके मताधिकार और नारीवाद जैसे महत्वपूर्ण आंदोलनों पर चर्चा करें। विभिन्न समाजों और संस्कृतियों में महिलाओं के सम्मान के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर विचार करें और देखें कि यह समय के साथ कैसे विकसित हुआ है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि समान अवसर सुनिश्चित करना तथा परिणाम की असमानताएं कम करना. इसमें भेदभावपूर्ण कानूनों, नीतियों और प्रथाओं को मिटाना तथा इस संदर्भ में उपयुक्‍त कानूनों, नीतियों और कार्रवाईयों को प्रोत्‍साहन देना शामिल है। माता-पिता और अन्य शासकों द्वारा लड़कियों और लड़कों को पारम्परिक लिंग भूमिका में समाजीकृत करने की प्रक्रिया को काम करें। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लैंगिक असमानता न केवल महिलाओं के विकास में बाधा डालती है, बल्कि राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी प्रभावित करती है। अगर महिलाओं को समाज में उचित स्थान नहीं दिया जाता है तो देश पिछड़ेपन से ग्रस्त हो जाता है। लैंगिक समानता आज भी वैश्विक समाज के लिए एक चुनौती बनी हुई है। महामारी से पहले भी, लड़कों की तुलना में लड़कियों के कक्षा में कदम नहीं रखने और समान अवसर से वंचित होने की संभावना अधिक थी। शिक्षा में लैंगिक असमानता को बढ़ावा देने में गरीबी भी एक कारण है।लैंगिक असमानता का मुख्य कारण महिलाओं में अपने अधिकारों और समानता के प्रति जागरूकता की कमी है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लैंगिक असमानता न केवल महिलाओं के विकास में बाधा डालती है, बल्कि राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी प्रभावित करती है।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा किसान भाइयों को खरीफ धान के नर्सरी हेतु खेत की तैयारी की जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से पूजा यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ज्यादातर महिलाएं बिना अपने पति से बात किये हुए अपने लिए बोलना नहीं चाहती हैं