उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि लैंगिक असमानता न केवल महिलाओं के विकास में बाधा डालती है, बल्कि राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी प्रभावित करती है। अगर महिलाओं को समाज में उचित स्थान नहीं दिया जाता है तो देश पिछड़ेपन से ग्रस्त हो जाता है। लैंगिक समानता आज भी वैश्विक समाज के लिए एक चुनौती बनी हुई है। महामारी से पहले भी, लड़कों की तुलना में लड़कियों के कक्षा में कदम नहीं रखने और समान अवसर से वंचित होने की संभावना अधिक थी। शिक्षा में लैंगिक असमानता को बढ़ावा देने में गरीबी भी एक कारण है।लैंगिक असमानता का मुख्य कारण महिलाओं में अपने अधिकारों और समानता के प्रति जागरूकता की कमी है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
