उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि राजनीतिक पार्टियां महिलाओं को उनके हक, अधिकार और सुरक्षा के वादें तो करती हैं, लेकिन धरातल पर आज भी महिलाएं शोषण का शिकार हो रही हैं। महिलाओं व पुरुषों के बीच समानता का अंतराल बढ़ता चला जा रहा है। भारत जैसे पितृसत्तात्मक देश में शिक्षा, मीडिया, कानूनी संस्थाएँ, आर्थिक संस्थाएँ, राजनीतिक संस्थाएँ सभी पूरी तरह से पितृसत्तात्मक हैं। यहाँ तक कि, सभी धर्म भी पितृसत्तात्मक हैं।