मधु झारखंड से बोल रही हूँ और मैं आपको बताउंगी अरबी पत्ते के पतौड़ेकैसे बनाते हैं , आपको सामग्री की आवश्यकता होगीः अरबी के पत्ते, हरी मिर्च , अदरक , लहसुन , लहसुन , मिर्च , लहसुन । एक चुटकी हल्दी , गरम मसाला , गोल मेज का चूर्ण , छोटी इलायची , बड़ी इलायची , आम का अचार खट्टा करने के लिए या नींबू का रस और नमक , स्वादानुसार तलने के लिए सरसों लें । अरबी के पत्तों का तेल बनाने के लिए अरबी के पत्तों की पकौड़ी , पहले सभी मसालों को पीस लें , फिर अरबी के पत्तों को अच्छी तरह से धो लें और पत्तियों को सुखा लें । अब एक कटोरी में बेसन लें और सभी मसाले , अचार का पेस्ट , चावल का आटा और नमक मिलाएं । पान के पत्तों का एक मसालेदार गाढ़ा पेस्ट तैयार करें । घोल को पत्तियों पर फैलाएँ , फिर पत्तियों को घुमाएँ , उन्हें अच्छी तरह से चिपकाएँ और उन्हें एक पतले कपड़े से बांध दें । पत्तियों के तैयार रोल को एक कुकर में दस से बारह लीटर पानी के साथ तब तक उबालें। अब कुकर से पत्तियों का रोल निकालें और इसे ठंडा होने दें । जब यह ठंडा हो जाए तो पत्ते के मिश्रण को गोल टुकड़ों में काट लें । अब एक पैन में सरसों का तेल गर्म करें और उसमें पचपोरन डालें । इससे पकौड़े सुगंधित हो जाते हैं । सभी टुकड़ों को बारी - बारी से तलें । अरबी पत्ती के पकौड़े तैयार होते हैं और वांछित धनिया या इमली की चटनी या टमाटर की चटनी के साथ गर्मागर्म परोसे जाते हैं

नमस्कार दोस्तों, मोबाइल वाणी पर आपका स्वागत है। तेज़ रफ्तार वक्त और इस मशीनी युग में जब हर वस्तु और सेवा ऑनलाइन जा रही हो उस समय हमारे समाज के पारंपरिक सदस्य जैसे पिछड़ और कई बार बिछड़ जाते हैं। ये सदस्य हैं हमारे बढ़ई, मिस्त्री, शिल्पकार और कारीगर। जिन्हें आजकल जीवन यापन करने में बहुत परेशानी हो रही है। ऐसे में भारत सरकार इन नागरिकों के लिए एक अहम योजना लेकर आई है ताकि ये अपने हुनर को और तराश सकें, अपने काम के लिए इस्तेमाल होने वाले ज़रूरी सामान और औजार ले सकें। आज हम आपको भारत सरकार की विश्वकर्मा योजना के बारे में बताने जा रहे हैं। तो हमें बताइए कि आपको कैसी लगी ये योजना और क्या आप इसका लाभ उठाना चाहते हैं। मोबाइल वाणी पर आकर कहिए अगर आप इस बारे में कोई और जानकारी भी चाहते हैं। हम आपका मार्गदर्शन जरूर करेंगे। ऐसी ही और जानकारियों के लिए सुनते रहिए मोबाइल वाणी,

सबसे पहले एक बड़ा कटोरा में तेल और चीनी अच्छे से मिक्स कर लें। अगर आपको अपने डाइट का ध्यान रखना है तो आप चीनी की जगह गुड़ का भी इस्तेमाल कर सकते है। चीनी और तेल अच्छे से फेंट लेने के बाद इसमें दही और वनीला एसेंस डाल कर अच्छे से मिला लें। अब सूखा मिक्सचर के लिए अलग से एक बड़ा कटोरा ले और उसके ऊपर छलनी रख कर मड़वा आटा ,गेहूँ का आटा ,बेकिंग पाउडर ,बेकिंग सोडा डाल कर एक साथ छान लीजिये। छानने से आटा में कोई गांठ नहीं रहता है और केक भी नरम और गुदगुदा बनता है। अब इस बीच आप ओवन को 180 डिग्री सेंटीग्रेट पर प्री हीट के लिए 10 मिनट के लिए रख दें। अब सूखा मिक्सचर को चीनी ,तेल और दही के घोल में डाल कर अच्छे से फेंटे। ध्यान रहे फेंटते समय एक ही तरफ से फेंटे। बैटर में गांठ नहीं रहना चाहिए।अच्छे से फेंटने के बाद आपका बैटर तैयार है। अब चाहे तो आप इसमें ड्राई फ्रूट्स मिला सकते है या फिर बिना ड्राई फ्रूट्स का भी केक बना सकते है। अब हमे लेना है एक केक टिन और इसे थोड़ा सा तेल या बटर से ग्रीस कर लीजिये या फिर आप बटर पेपर का इस्तेमाल भी कर सकती है,इससे केक पकने के बाद टिन से नहीं चिपकता है और अच्छे से टिन से बाहर आ जाता है । अब आपके तैयार बैटर को टिन में डालकर दो से तीन बार टेबल में झटकिये ,इससे बैटर में बुलबुले नहीं बनते है। अब आपके प्री हीटेड ओवन मे तैयार टिन डालकर 180 डिग्री सेंटीग्रेट पर 30 से 40 मिनट तक बेक होने के लिए छोड़ दीजिये।अब आपका केक बनकर तैयार है। केक ठंडा होने के बाद ही टिन से केक को अलग करे ताकि केक टूटे नहीं। 

दोस्तों, हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार चुटकुला, तो रिकॉर्ड करें मोबाइल वाणी पर, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

नमस्कार , मैं झारखंड के रांची जिले से बोल रहा हूँ । अगर आप जानना चाहते हैं कि झारखंड की प्रसिद्ध रेसिपी दिपकी कैसे बनाई जाती है , तो हमें बताएं कि हम दिपकी की सचजी कैसे बनाते हैं , हमें इसे बनाने के लिए किंगक सामग्री की आवश्यकता होती है । तो डक्की की सब्जी बनाने के लिए , हमें एक कप उड़द की दाल दें जिसे अच्छी तरह से धोया गया है , तीन टमाटर , एक प्याज , आधा इंच अदरक का टुकड़ा । हरी मिर्च पांच से छह लहसुन की कलियां दो चुटकी हींग आधा चम्मच जीरा आधा चम्मच लच्छ मच आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर आधा चम्मच हल्दी पाउडर एक चम्मच धनिया पाउडर और आधा चम्मच गरम मसाला नमक स्वाद के लिए सातवें बारीक कटा हुआ हरा धनिया आवश्यकता के अनुसार दो चम्मच सरसों के बीज ये सामग्री , जिन्हें इकट्ठा करने में हमें कम से कम दस से पंद्रह मिनट लगेंगे , फिर हम आगे बढ़ते हैं कि दुखी की सब्जी कैसे तैयार की जाती है । हम दाल को छह से सात घंटे तक पानी में भिगो देंगे , फिर दाल से अतिरिक्त पानी निकाल देंगे और दाल को एक गाढ़ा पेस्ट बनाने के लिए मिक्सर जार में डाल देंगे । फिर , एक मिक्सिंग जार में , एक चुटकी हल्दी और लहसुन के पाउडर के साथ टमाटर डालें और इसका एक गाढ़ा पेस्ट बनाएं । और थोड़ा नमक डालें और इसे मिलाएं , फिर एक कटोरे में थोड़ा पानी लें और उसमें थोड़ा दाल का पेस्ट डालें और देखें कि दाल पानी के अंदर पानी के ऊपर तैरने लगती है या नहीं । इसका मतलब है कि हमारा पेस्ट डुबाने के लिए तैयार है , अब हम एक कड़ाही में तेल गर्म करेंगे , उसमें जीरा और प्याज का पेस्ट डालेंगे और इसे अच्छी तरह भूनेंगे । पास्ता और सभी मसालों को डालें और इसे तब तक भूनें जब तक कि मसाला तेल के साथ बहने लगे । मसाला में आवश्यक पानी डालें और इसे उबलने दें । स्वाद के अनुसार नमक डालें , इसे दस मिनट के लिए ढक दें और उस पर पकाएं , फिर इसमें गरम मसाला और हरा धनिया डालें और इसे एक बर्तन में निकाल लें । हमारी सद्दी की सब्जी चावल या रोटी के साथ खाने के लिए तैयार है और यह खाने में बहुत स्वादिष्ट है , इसलिए इस रेसिपी को अपने घर पर आजमाएं और इसे अपने परिवार को खिलाएं ।

पंजी 2 में प्लॉट चढ़ाने के नाम पर घूस लेते सीआई और अमीन को एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है, रांची एसीबी की टीम ने मंगलवार को अंगना अंचल के की कुलदीप साहू और प्राइवेट अमीन प्रभु पवन को गिरफ्तार किया है। वादी मनोज मुंडा की शिकायत पर एसीबी ने यह कार्रवाई की है ,मनोज मुंडा ने ऐसीबी से शिकायत कर कहा था कि 26 एकड़ 52 डिसमिल जमीन जिसका पंजी -।। में प्लॉट चढ़ाने के लिए 16 सितंबर 2023 को ऑनलाइन आवेदन अनगड़ा अंचल में दिया गया था. प्रति डिसमिल के हिसाब से सिआई ने मांगा खर्चा ,सिआई कुलदीप साहू अनगड़ा अंचल से काम के लिए मन मनोज मिलते रहे तो कुलदीप साहू के द्वारा बोला गया की एक हजार रुपएया प्रति डिसमिल के हिसाब से खर्चा लगता है, ऐसा करो कि जो जरूरी प्लॉट है उसी का काम करवा लो इस पर दो प्लॉट ऑनलाइन चढ़ाने के बारे में बोलने पर सिआई ने 800 प्रति डिसमिल के हिसाब से एक लाख चालीस हजार होता है तो तुम एक लाख रुपया दे दो कुछ समय चाहिए तो दे रहे हैं, और 20 से 25 हजार में काम नहीं होगा, जबकि मनोज मुंडा रिश्वत देखकर काम नहीं करना चाहते थे. इसके बाद इसकी शिकायत मनोज मुंडा ने एसीबी से किया, एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया और सत्यापन में घूस मांगे जाने की बात सही पाई गई, इसके बाद एसीबी ने मंगलवार को कुलदीप साहू और प्राइवेट अमीन प्रभु पाहन को घूस लेते गिरफ्तार कर लिया।

बुढ़मू : बुढ़मू सीओ सचिदानंद वर्मा एवं बुढ़मू बीडीओ धीरज कुमार ने मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता का अनुपालन को लेकर दौरा किया। इस क्रम में अधिकारियों ने पीडीएस दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों,स्कूलों,सामुदायिक भवनों से फोटोयुक्त बैनर व पोस्टरों को हटाने का निर्देश दिया। मौके पर बीडीओ व सीओ ने बंसरी,बरौदी, खखरा,ठाकुरगांव,सोबा,सुरीद आदि गांवों में पीडीएस दुकानदारों से दुकानों में राजनेताओं के फोटो लगे पोस्टरों को हटवाया। सीओ सचिदानंद वर्मा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देश के तहत प्रखंड क्षेत्र में आचार संहिता का पालन किया जाएगा। वहीं बीडीओ धीरज कुमार ने कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कारवाई किया जाएगा। मौके पर ठाकुरगांव थाना प्रभारी विनीत कुमार समेत अन्य मौजूद थे।

बुढ़मू : एसएसपी रांची को गुप्त सूचना मिली थी की प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी के लोग अपने दस्ते के साथ बुढ़मू और ठाकुरगांव इलाके में कई उग्रवादी घटना को अंजाम देने के लिए पहुँचा हैं। एसएसपी के निर्देश पर खलारी डीएसपी के नेतृत्व में बुढ़मू और ठाकुरगांव थाना पुलिस एवं एसएसपी की स्पेशल टीम ने छापेमारी कर ,सीरम जंगल से प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी दस्ते के एक उग्रवादी सिरम निवशी दिलेश्वर गंझु (25)वर्ष को गिरफ्तार करने मे सफल हुए, इस दौरान दो अन्य भागने मे सफल रहे। बुढ़मू थाना प्रभारी रामजी कुमार ने बताया की छापेमारी के दौरान चोरी के अपाचे बाईक मे सवार तीन उग्रवादी पुलिस को देख भागने लगे जिसे पीछा कर एक उग्रवादी को धर दबोच गया, वहीं दो अन्य जंगल का लाभ उठाकर भाग निकले, अन्य उग्रवादियों की गिरफ्तारी को लेकर खबर लिखें जाने तक छापेमारी अभियान जारी था.उग्रवादी के साथ चोरी का एक अपाचे बाईक बरामद की गई है। छापेमारी मे खलारी डीएसपी आर एन चौधरी, बुढ़मू थाना प्रभारी रामजी कुमार, ठाकुरगांव थाना प्रभारी विनीत कुमार सहित थाना के जवान शामिल थे।

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा मिर्च की फसल में लगने वाले थ्रिप्स कीट के बारे में बता रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें