विद्यापतिनगर चीन और कोरिया में कोविड-19 के बेतहाशा मामलों की बढ़ोतरी के बाद भारत में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। राष्ट्रीय स्तर से चली सतर्कता मुहिम के तहत अब जिले और प्रखंड स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग कोरोना से निपटने को तैयारियों में जुट गया है। बिहार के गया और दरभंगा में कोरोना पोजेटिव मरीज को देखते हुए विद्यापतिनगर पीएचसी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी व्यवस्थाएं जल्द चाक-चौबंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिनमें अस्पतालों में बिस्तर उपलब्धता ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता ऑक्सीजन प्लांटस को पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त करने सहित अन्य एहतियाती कदम शामिल है।
कोविड का तीसरा टीका मतलब ज्यादा सुरक्षा, सभी 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्ति कोविड के दूसरे टीके के 9 महीने बाद तीसरा टीका जरूर लगवायें।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से बचने के लिए जरुरी है की हम सरकार द्वारा जारी सभी गाइडलाइन का सजगता से पालन करें। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
मास्क लगाना शारीरिक दूरी का पालन करना जरूरी
बिहार राज्य के जिला मुज़फरपुर से जुल्फिकार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि यह सत्य है कि अपने अच्छे या बुरे के लिए हम खुद जिम्मेवार होते हैं। कुछ एसा ही कोरोना संक्रमण के संबंध में भी कह सकते हैं। हम जानते हैं कि कोरोना की न तो दवा आयी है और न ही टीका। अगर हम सरकार के बताए नियमों का पालन करें तो निश्चित तौर पर हम कोरोना संक्रमण के बच सकते हैं। ऐसा ही संदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक पोस्टर से दिया है। इस पोस्टर के माध्यम से दिखाया गया है कि अगर एक व्यक्ति बैग लेकर बाहर तो जा रहा है पर साथ में मास्क और सैनिटाइजर भी रखे है। जिसके इस्तेमाल से बाहर जाने के क्रम में कोरोना वायरस से उसकी सुरक्षा होगी।
सीतामढ़ी : जिले में जिस तत्परता से कोरोना की रोकथाम को लेकर समेकित प्रयास से काम किया गया, अब उसी तत्परता के साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को पटरी पर लाने की कवायद तेज हो गई है। 'मास्क पहनिए, काम पर चलिए' के नारे के साथ नए रूप में पटरी पर जिंदगी लौटती नजर आने लगी है। दिहाड़ी मजदूर, कारीगर मास्क पहनकर काम पर जाते नजर आने लगे हैं। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
कोरोना संक्रमण काल ने हमें रोग प्रतिरोधक क्षमता और उसे बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों से युक्त आहार की जरूरत से पूरी तरह अवगत करा दिया है। इन पोषक तत्वों का महत्व गर्भवती और धात्री माताओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में और बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ़ जैसी संस्थाओं के अनुसार विश्व में प्रतिदिन लगभग 810 महिलाओं की मृत्यु गर्भावस्था या प्रसव के दौरान हो जाती है जिसका एक प्रमुख कारण उनमें पोषण की कमी है।
मास्क और शारीरिक दूरी, संक्रमण के खिलाफ है सबसे जरूरी डरने की नहीं नियमों का सख्ती से पालन करने की है जरूरत सोशल डिस्टेन्सिंग और मास्क का रहेगा साथ, संक्रमण खुद हीं जाएगा भाग पटना/ 6 अगस्त -एक बार फिर से लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाकर 16 अगस्त तक कर दिया गया है क्योंकि सरकार के अथक प्रयास के बावजूद कोविड-19 वायरस का प्रसार थमने का नाम हीं नहीं ले रहा है। कई स्वास्थ्य संबंधी शोधों ने प्रमाणित किया है कि यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खाँसने या छीकने से हवा में फैल कर काफी समय तक जीवित रहता है और उसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति को संक्रमित कर देता है। इस लिए समुदाय में कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ने और इस चिंताजंक हालात से उबरने के लिए सबसे महत्वपूर्ण और कारगर उपाय है कोरोना अनुरूप आचरण का सख्ती से पालन। इसके लिए सरकार द्वारा दिये गए सामाजिक दूरी के गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन करना, साथ ही इस कठिन परिस्थिति में अपना मनोबल बनाए रखना जरूरी है। ऑडियो पर क्लिक कर प्राप्त करें पूरी जानकारी। श्रोताओं 8800984861पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
• हर बच्चे के साथ अलग से समय बिताएं • अपने बच्चे की जरूरतों को सुनें • अच्छा व्यवहार करने पर बच्चे की करें प्रशंसा • किशोर-किशोरियों की पसंद का रखें ख्याल दिन व् दिन कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है. इसको लेकर लोगों के मन में डर भी बढ़ता जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में बच्चे एवं किशोर भी मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। बच्चों एवं किशोरों के स्कूल एवं कॉलेज बंद हों के कारण वे घर पर बैठने को मजबूर हैं। बाल्यवस्था एवं किशोरवस्था उत्साह एवं उर्जा का समय होता है। ऐसे में यदि उन्हें अचानक घर पर बैठना पड़ जाए तो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर यह प्रतिकूल असर भी डालता है। इसलिए ऐसे समय में जरुरी है कि घर के माता-पिता बच्चों एवं किशोरों को अधिक समय दें। उनकी समस्या सुनें एवं उनके साथ गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत करें ताकि उनके ऊपर संक्रमण का डर हावी ना हो सके. इसको लेकर पेरेंटिंग फॉर लाइफ लॉन्ग हेल्थ, द यूरोपियन रिसर्च काउंसिल, यूनिसेफ,सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, द लीवरहुलम ट्रस्ट, द इकोनॉमिक एंड सोशल रिसर्च काउंसिल एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी अन्य संस्थाओं के सहयोग से दिशा-निर्देश जारी किया गया है। ऑडियो पर क्लिक कर सुने विस्तृत रिपोर्ट। श्रोताओं 9278701369 पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
• स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइलाइंस जारी कर की अपील • संक्रमण की रोकथाम संबंधी सावधानियों को नज़रअंदाज़ करना घातक पटना, 26 जून: कोरोना संक्रमण को लेकर बहुत एहतियात बरते जाने की जरूरत है. सावधानी से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन कर इसकी रोकथाम की जा सकती है. कोविड 19 संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है. कई जगहों में लोग नियमों की अनदेखी कर रहें हैं जो पूरे समुदाय के लिए खतरा है. इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, ने कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन की है, जिसमें कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए 15 विशेष वचनों या प्रतिज्ञाओं के पालन करने की अपील की गयी है. विस्तृत रिपोर्ट सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। श्रोताओं 8800984861पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
