हिन्दी साहित्य सभा महात्मा गांधी केंद्रीय विवि द्वारा गांधी भवन परिसर स्थित नारायणी कक्ष में विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य पर ‘संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया । हिन्दी साहित्य सभा के संरक्षक सह हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अपने देश में हिन्दी को उचित सम्मान मिलना चाहिए। हमें अपनी भाषा से प्रेम होना चाहिए, अनुराग होना चाहिए। हम अगर अपने देश में हिन्दी को सम्मान देंगे तो पूरी दुनिया में इसे सम्मान मिलना स्वाभाविक है। इस बार जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर भारत को मिला है, एक तरह से यह हमें अपने हिन्दी भाषा को समृद्ध करने का एक नया मार्ग मिलना है। हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. गोविन्द प्रसाद वर्मा ने कहा कि हिन्दी भाषा को व्यवहार से रोजगार व रोजगार से व्यवहार की ओर बढ़ाने के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है । हिन्दी विभाग के शोधार्थी- रश्मि सिंह, मनीष ठाकुर, श्री प्रकाश, अशर्फी लाल तथा परास्नातक की आन्वी, नेहा, आदर्श, आनंद, पंकज, पंकज कुमार, चन्द्रप्रकाश, अविनाश, ललन ने भी विचार रखे। संचालन शोधार्थी सुप्रिया कुमारी ने व अतिथियों का स्वागत हिन्दी साहित्य सभा के अध्यक्ष मनीष कुमार भारती ने किया।धन्यवाद ज्ञापन प्रियंका सिंह ने किया।
सभी सरकारी विद्यालयों में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम चलाया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिसके तहत विद्यालयों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सम्बंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। हर हफ्ते एक घंटे रोचक गतिविधियांस्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विद्यालय से दो शिक्षकों (एक महिला व एक पुरूष) को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेस्डर बनाया जाएगा। इन्हें स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देने और रोगों के रोकथाम के लिए प्रशिक्षित भी किया जायेगा। आयोजित होगी यह गतिविधियां प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा व बीमारियों की रोकथाम के लिए आयु विशेष शिक्षा प्रदान करना। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल टीम के माध्यम सेचिह्रित स्वास्थ्य समस्याओं की समाधान करना। कहते हैं बीईओबीईओ सत्यनारायण साहू ने बताया कि उन्हें कोई पत्र नही मिला है। अभी वे बाहर हैं। अगर सरकार का निर्देश आया है तो कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
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बिहार राज्य से मनीष कुमार पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहित से बातचीत की बातचीत में मोहित बता रहे हैं हमारे देश के हर राज्यों में स्कूलों में राशन बाँटने की व्यवस्था शूरू की है लेकिन बहुत सारे स्कूलों में समय से राशन नहीं दिया जाता है बच्चों को कच्चा खाना दिया जाता है जिससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है
जिले में मिट्टी जांच का शुरू है। टारगेट पूरा करने के लिए जिला मिट्टी जांच लैब व छह मिनी लैब को मिट्टी नमूने दिए गए हैं। इसके तहत मिट्टी नमूनों की जांच कर 60 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार होने के साथ इसे किसानों के बीच वितरण करने का काम भी किया जा रहा है। जिले में इस वर्ष 1.25 लाख किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया जाना है। पूर्वी चंपारण जिले को राज्य स्तर पर सर्वाधिक 20 हजार मिट्टी नमूनों के जांच का टारगेट दिया गया है।
बिहार सरकार तो जातिये जनगड़ना करा रही है लेकिन हर घर मे रोजगार नही दे रही है जो पूंजी वाले है अपना जिवन अछा से गुजर करते है जो गरीब है अछा से जिंदगी नही गुजरता ।बिहार से अदर राज्य मे कम्पनी है की हर लोग के पास पूंजी है क्या गरीब- क्या अमीर, सब अपना जिवन अछा से गुजर करते हैं ।जब तक बिहार सरकार कपंनी स्थापित नही करेगी तब- तक बिहार की स्थति खराब रहेगा ही सरकार सूधार करे तत्काल और कपंनी का स्थापना हर जिला मे दस -दस, करे । कपंनी बैठाए तभी सूधार होगा । हर लोग अपना काम कपंनी मे करेंगे अछा से जिंदगी चलेगी ।
पाटलिपुत्र रक्सौल इंटरसिटी एक्सप्रेस परिचालन की कवायद शुरू सामुदायिक संवाददाता रेयाज आलम रामगढ़वा। पाटलिपुत्र रक्सौल इंटरसिटी एक्सप्रेस को फिर से चालू किये जाने के संबंध में पूर्व मध्य रेलवे ने कुछ ढांचागत बदलाव किया जाना जरूरी बताया है। यह बात शिक्षाविद डाo स्वयंभू शलभ द्वारा उठायी गई इस मांग पर पूर्व मध्य रेलवे के प्रिंसिपल चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर मनोज सिंह ने बीते 5 जनवरी को बताया है कि इस मांग को संज्ञान में लिया गया है। ढांचागत बदलाव के बाद इसकी जाँच की जाएगी। स्लिप कोच को हटाने की अवधारणा के कारण एक कनेक्टिंग ट्रेन नं. 15515/15516 परिचालन फिजिबिलिटी के अनुसार व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किया गया है। इससे पूर्व 12 सितंबर 2022 को इस ट्रेन के पुनर्परिचालन को लेकर पूर्व मध्य रेलवे ने प्रतिवेदन को रेलवे बोर्ड में भी भेजा जा चुका है। डाo शलभ ने स्पष्ट करते हुए बताया कि यहाँ स्लिप कोच का आशय उन कोचों से है जिन्हें ट्रेन से अलग कर पीछे छोड़ दिया जाता है और दूसरी ट्रेन से आगे ले जाया जाता है। अपने प्रतिवेदन में शलभ ने बताया है कि पूर्व मध्य रेलवे द्वारा पाटलिपुत्र-रक्सौल इंटरसिटी एक्सप्रेस 15202/01 जो रक्सौल और सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए एक अनिवार्य सेवा के रूप में उपलब्ध रही है। उसे फिर से बहाल किया जाना आवश्यक है। इस ट्रेन का परिचालन बंद किये जाने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते 24 मार्च 2020 से इस ट्रेन का परिचालन बंद है जिसे अभी तक बहाल नहीं किया जा सका है। यह इंटरसिटी एक्सप्रेस रक्सौल को राजधानी पटना से जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन है जो इस रूट की लाइफलाइन मानी जाती है। यह ट्रेन रक्सौल से सुबह 5 बजे और वापसी में पाटलिपुत्र से शाम 5 बजे खुलती रही है। लोग इस ट्रेन से सुबह पटना जाकर अपना जरूरी काम निपटाकर फिर इसी ट्रेन से वापस रक्सौल आ जाते हैं। पूरे देश में दो शहरों के बीच चलने वाली इंटरसिटी का मूल उद्देश्य भी यही है। रोजमर्रा के कामों को लेकर इस क्षेत्र के लोगों के लिए एक अनिवार्य सेवा के रूप में यह ट्रेन उपलब्ध रही है। पाटलिपुत्र नरकटियागंज इंटरसिटी भाया सुगौली पूर्ववत चल रही है। केवल रक्सौल का लिंक बंद कर दिया गया है। जबकि रक्सौल व रामगढ़वा से जिला मुख्यालय मोतिहारी आने जाने के लिए पाटलिपुत्र रक्सौल इंटरसिटी एक्सप्रेस एक प्रमुख साधन है। इस क्षेत्र के ज्यादातर छात्रों का परीक्षा केंद्र भी मोतिहारी में रहता है। इसके अतिरिक्त मोतिहारी में सिविल कोर्ट होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में इस क्षेत्र के लोगों का इस ट्रेन से आना जाना होता है। पटना और मुजफ्फरपुर से अन्य लंबी रूट की ट्रेन पकड़ने के लिए पड़ोसी देश नेपाल के लोग भी इस ट्रेन से लाभान्वित होते हैं
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दरौदा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पैक्स द्वारा सरकारी दरों पर किसानों से धान की खरीदारी की गई इस संबंध में बताया गया विभिन्न पैक्स द्वारा सरकारी दरों पर धान की खरीदारी करने से किसानों को भी मुनाफा हो रहा है तथा किसान अपनी धान औने पौने दाम पर बाजार में नहीं बेचकर बल्कि पैक्स में ले जाकर बेच रहे हैं जिसे किसानों को फायदा हो रहा है
दारौंदा स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम ने शेरही गांव में छापेमारी कर नौ लीटर देसी शराब बरामद की। वहीं पुलिस को देख धंधेबाज भागने में सफल रहा है। वही इस संबंध में सूत्रों का कहना था इस मामले में थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रभाकर ने बताया कि इस मामले में शेरही निवासी धर्मेंद्र साह के विरुद्ध प्राथमिकी कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
