जिले में मकर संक्रान्ति का त्योहार रविवार को नगर के मुहल्लों से लेकर गांवों तक उल्लास और भक्तिपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र अवस्थित संगम या नदियों में डुबकी लगायी । नगर के लोगों ने अपने घरों के नलों या चापाकल पर स्नान कर सूर्य को जल अर्पित कर तिल के अन्य वस्तुओं का दान किया। मंदिरों में हुई पूजा अर्चना मकर संक्रांति पर लोगों ने कचहरी चौक स्थित जगदम्बा आनंदधाम मंदिर नरसिंह बाबा मंदिर,चांटी माई मंदिर ,चांदमारी दुर्गा मंदिर,राजा बाजार स्थित राम जानकी सह शाकम्भरी मंदिर, जानपुल शिव मंदिर,श्याम मंदिर, पंचमंदिर तथा भवानीपुर जिरात के कुड़वा देवी मंदिर सहित अनेक मंदिरों में लोगों ने बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना कर परिवार व समाज में सुख-शांति की कामना की। सपरिवार चखा दही-चूड़ा व तिलकुट का स्वाद संक्रांति के मौके पर लोगों ने सपरिवार दही-चूड़ा व तिलकुट का स्वाद चखा।इस भोज में लोगों ने अपने मित्रों व सगे-सम्बंधियों को भी आमंत्रित किया था। नगर सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक विचारधारा के लोगों ने सहभोज का भी आयोजन किया था। संध्या समय घरों में बनी खिचड़ी संक्राति पर खिचड़ी की प्रधानता होने के कारण नगर सहित जिले के सभी घरों में चावल,मूंग दाल,हल्दी,अदरख, मटर व गोभी डालकर लजीज खिचड़ी बनायी गयी थी। मकर संक्रांति के दिन भी लोगों ने बाजारों से चूड़ा, लाई व तिलकुट की खूब खरीदारी की थी। मकर संक्राति के साथ ही खरमास की समाप्ति हो गयी। अब विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य नगर सहित जिले में आरंभ हो जाएंगे।
रघुनाथपुर स्थित दुर्गा मंदिर पर मकर संक्रांति के अवसर पर महाप्रसाद का वितरण किया गया। महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी दिया गया। कार्यक्रम के व्यवस्थापक संदीप सिंह, सुनील स्नेही, बबलू तिवारी, रामबाबू सहनी, पिंटू सिंह थे। कियढाका प्रखंड क्षेत्र में रविवार को मकरसंक्रांति का त्योहार मनाया गया। सुबह में लोगों ने स्नान कर तिलकुट व दही चुड़ा खाया। ढाका नगर परिषद के पूर्व उप सभापति सह वार्ड पार्षद अर्चना पांडेय के निवास पर दही चुड़ा के भोज का आयोजन किया गया।
मकर संक्रांति पर रविवार को बाबा सोमेश्वरनाथ मंदिर अरेराज स्थित पंचमुखी शिवलिंग का जलाभिषेक कर दानपुण्य करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सदा नीरा नारायणी के विभिन्न घाट से जलबोझी कर बाबा दरबार में पहुचे श्रद्धालुओं ने बोल बम का उद्घोष करते हुए बाबा की पूजा अर्चना कर कल्याण की कामना की। महामण्डलेश्वर व सोमेश्वर पीठाधीश्वर स्वामी रविशंकर गिरि जी महाराज ने मन्दिर परिसर में आये 51 आचार्यों को पंचाग व अन्न दान किया।
सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए राजद जिला कार्यालय मे शिक्षक प्रकोष्ठ की जिला कार्यकारिणी की बैठक की गयी। जिसमें कार्यकारिणी के सभी अधिकारियों की उपस्थिति व जिलाध्यक्ष रमाकांत राय की अध्यक्षता मे संगठन को मज़बूत करने के लिए आवश्यक विचार विमर्श किया गया । जिलाध्यक्ष के द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी प्रखंड के अधिकारियों के साथ मिलकर सरकार की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे । बैठक मे मुख्य रूप से अमित कुमार थे।
बिहार राज्य के पूर्वी चम्पारण जिला से राजेश ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि जिले के सरकारी विद्यालयों के बच्चे सहकारी समिति के हरी सब्जी का स्वाद चखेंगे। प्राथमिक विद्यालयों में संचालित मिड डे मील योजना में बच्चों की थाली में समिति की हरी सब्जी परोसी जाएगी। राज्य सरकार ने पूर्वी चम्पारण जिले का चयन करते हुए इस योजना को धरातल पर उतारने का जिम्मा तिरहुत सब्जी प्रसंस्करण व विपणन सहकारी संघ को दिया गया है।सरकारी विद्यालयों के सर्वे का कार्य शुरू करेगी समिति इस योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए सहकारी समिति के द्वारा जिले के वैसे सभी सरकारी विद्यालयों का सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। सर्वे का जिम्मा सभी 27 प्रखंड के प्राइमरी वेजिटेबल को -ऑपरेटिव सोसायटी (पीवीएससी) के अध्यक्ष को दिया जाएगा। स्कूलों में भ्रमण कर मेनू के अनुसार सब्जी का डाटा तैयार होगा। इसको ले तिरहुत सब्जी प्रसंस्करण व विपणन सहकारी संघ द्वारा शीघ्र ही जवाबदेही सौंपी जाएगी।अधिकारी तिरहुत सब्जी प्रसंस्करण व विपणन सहकारी संघ लि. के चेयरमैन अमित कुमार शुक्ला ने बताया कि समिति के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में बच्चों के एमडीएम में हरी सब्जी परोसने को लेकर सरकार ने जिले का चयन किया है। बताया कि जल्द ही सरकारी विद्यालयों का सर्वे किया जाएगा। सर्वे कर इसकी सूची शिक्षा विभाग को स्वीकृति के लिए सौंपी जाएगी। स्वीकृति मिलने पर विद्यालयों को हरी सब्जी की आपूर्ति की जाएगी। पूर्वी चम्पारण जिले में हैं समिति के 3742 सदस्य जिले में सहकारी समिति से जुड़े 3742 सदस्य हैं। समिति आठ जिलों में कार्यरत है। इसमें पूर्वी व पश्चिमी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सिवान, छपरा व गोपालगंज जिला शामिल है। इन आठ जिलों में समिति के 13 हजार 745 सदस्य हैं। सर्वे पूरा कर शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी सूची सरकारी विद्यालयों का सर्वे पूरा कर इसकी सूची शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी। शिक्षा विभाग से हरी झंडी मिलते ही इस योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा। जिले के 3238 प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील संचालित है।
लखौरा के झिटकहिया गांव निवासी नरेश प्रसाद ने चाकूबाजी मामले में स्थानीय थाने में आवेदन देकर हरेन्द्र सहनी के बिरुद्ध एफ आई आर दर्ज करायी है। उन्होंने दिये आवेदन में बताया है कि पिछले दिनों शाम को अपने बैठका भरात चौक पर पंहुचा ही था कि वहा जान मारने की नियत से पूर्व से घात लगाये आरोपी अचानक देशी कट्टा से फायर किया। जो कीच कर गया। फिर चाकू से गर्दन पर प्रहार किया तो बचाव में पीछे हटा तो कंधे पर लगा। जिससे जख्मी होकर गिर गये। अगल बगल के खड़ा लोग पकड़ने के लिये दौडे तो भाग गया। परिजन ने इलाज के लिये मोतिहारी ले गये। आरोपी पूर्व में भी मेरे परिजनों पर हमला कर चूका है। जिसमे भी थाने में एफआईआर दर्ज है। आरोपी अपराधी प्रवृति के है। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने रविवार को बताया कि आवेदन के आलोक में एफ आई आर दर्ज कर ली गयी है।
नेपाल के पोखरा में रविवार सुबह बड़ा विमान हादसा हुआ। हवाईपट्टी पर उतरने से महज 10 सेकंड पहले येती एयरलाइंस का विमान पहाड़ी से टकरा गया जिससे उसमें आग लग गई और वह खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में पांच भारतीयों समेत 68 लोगों की मौत हो गई। मारे गए पांचों भारतीय की पहचान हो गई है। इनमें सीतामढ़ी के बैरगनिया के युवक संजय जायसवाल (28 वर्ष)भी शामिल हैं। संजय पिछले कुछ वर्षों से काठमांडू में ही काम करते थे। वह बहन से मिलने पोखरा जा रहे थे। विमान में चालक दल के चार सदस्यों समेत कुल 72 लोग सवार थे। नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, विमान ने सुबह 1033 बजे काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरी। सुबह करीब 11 बजे पोखरा हवाईअड्डे पर उतरते समय विमान पुराने हवाईअड्डे और नए हवाईअड्डे के बीच अनियंत्रित होकर सेती नदी की खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सिविल एविएशन अथॉरिटी ऑफ नेपाल ने एक बयान में कहा कि मैकेनिकल खराबी की वजह से यह हादसा हुआ। उड़ान से पहले सभी तकनीकी जांच पूरी की गई थी। आग पर काबू पाने में दिक्कत नेपाली पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दुर्गम स्थल होने के कारण बचाव अभियान में कई दिक्कतें आईं। दुर्घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में लोग भी एकत्रित हो गए थे। इस वजह से एम्बुलेंस और दमकल की गाड़ियों को भी वहां पहुंचने में परेशानी आई। सभी भारतीयों की पहचान मारे गए लोगों में पांच भारतीयों में चार पैराग्लाइडिंग करने के लिए पोखरा जा रहे थे। एक स्थानीय नागरिक ने यह जानकारी दी। भारतीयों की पहचान 35 वर्षीय सोनू जायसवाल, 25 वर्षीय अभिषेक कुशवाहा, 27 वर्षीय अनिल कुमार राजभर, 22 वर्षीय विशाल शर्मा और संजय जायसवाल के रूप में हुई है। इनमें चार शुक्रवार को भारत से काठमांडू पहुंचे थे। पांच सदस्यीय समिति गठित नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने दुर्घटना के बाद मंत्री परिषद की आपात बैठक बुलाई। इसमें दुर्घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित करने का फैसला लिया गया। इसके अलावा सोमवार को नेपाल में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। प्रचंड ने सुरक्षाकर्मियों और सभी सरकारी एजेंसियों को तत्काल बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी -सह- प्रधान गणना पदाधिकारी, शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में नगर भवन, मोतिहारी में बिहार जाति आधारित गणना – 2022 के सफल आयोजन हेतु प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बता दें कि दिनांक 7 जनवरी 2023 से 21 जनवरी 2023 तक बिहार जाति आधारित गणना के तहत प्रथम चरण में मकान नंबरीकारण एवं संक्षिप्त मकान सूची के निर्माण का कार्य किया जाना है. जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि जाति आधारित गणना हेतु सहायक, पर्यवेक्षक एवं अन्य गणना कर्मियों द्वारा जिला स्तर एवं प्रखंड स्तर / नगर निकाय स्तर पर मकान/ भवन का भौतिक सत्यापन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि एक भी घर/ परिवार गणना से वंचित ना रहे । साथ ही प्रविष्टि का दोहरीकरण से बचा जा सके. राज्य भर में सभी व्यक्तियों का जाति आधारित गणना किया जाना है । चाहे वे किसी भी जाति या संप्रदाय का हो। गणना के समय बिहार के वैसे निवासी जो किसी कारणवश राज्य या देश से अस्थाई प्रवास की स्थिति में हों, उनकी भी गणना की जाएगी। वही निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि जाति आधारित गणना के निमित्त अपने कर्तव्य एवं दायित्व का निर्वहन ससमय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि/ वार्ड सदस्य/ मुखिया गण के साथ संपर्क स्थापित कर गणना कार्य को सफल बनाया जाए। निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी संबंधित चार्ज पदाधिकारी प्रतिदिन अपने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के साथ वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से कार्य प्रगति की समीक्षा करे। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सदर मोतिहारी, प्रभारी पदाधिकारी गणना कोषांग, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी चार्ज पदाधिकारी, सहायक चार्ज पदाधिकारी ,प्रगणक एवं पर्यवेक्षक उपस्थित थे।
जिले में स्टार्टअप के लिए पोर्टल 24 घंटे काम करेगा। नये स्टार्टअप के लिए नये बिजनेस आइडिया के साथ कोई भी युवा, नौकरीपेशा या बुजुर्ग आवेदन कर सकेंगे। उद्योग विभाग ने ट्रायल रन भी कर लिया है। बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के तहत आवेदकों को कभी भी किसी भी दिन ऑनलाइन आवेदन देने की सुविधा प्रदान की गयी है। पूर्व में पोर्टल खुला रहने पर ही नये स्टार्टअप के लिए आवेदन लिए जाते थे। ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर दाखिल किए जाने के बाद प्रत्येक सप्ताह सक्षम अधिकारी द्वारा आवेदन की जांच की जाएगी। वहीं, प्रत्येक 15-30 दिनों के अंदर नयी नीति के तहत विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक कर नये स्टार्टअप के आवेदन को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पूर्व में आवेदनकर्ता नये स्टार्टअप की शुरुआत को लेकर बिजनेस आइडिया देने के बाद उसकी मंजूरी के लिए इंतजार करते रहते थे। बिहार स्टार्टअप नीति-2022 में किए गए प्रमुख प्रावधान ● स्टार्टअप को 10 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में प्रति स्टार्टअप 10 लाख रुपये तक का बीज अनुदान (सीड फंड) दिया जाएगा। ● महिला उद्यमियों को पांच प्रतिशत अधिक तथा एससी-एसटी व दिव्यांग उद्यमियों को 15 प्रतिशत अधिक राशि उपलब्ध करायी जाएगी। ● स्टार्टअप के लिए सामान्य आधारभूत संरचना के निर्माण की सुविधा प्रदान की जाएगी। ● स्केल अप फंडिंग सपोर्ट व पेटेंट आवेदनों को लेकर भी सुविधा दी जाएगी। आवेदन करने की प्रक्रिया ● आइडिया को पोर्टल के माध्यम से निर्धारित फॉर्मेट में भरकर ऑनलाइन आवेदन जमा करें। ● स्टार्टअप सपोर्ट यूनिट (एसएसयू) द्वारा जांच की जाएगी। योग्य स्टार्टअप का चयन कर सूचीबद्ध किया जाएग। ● गठित प्रारंभिक जांच समिति द्वारा सूचीबद्ध आवेदन का अनुमोदन कर इन्क्यूबेटर आवंटित किया जाएगा। ● चयनित आवेदनों को इन्क्यूबेटर्स अपने स्टार्टअप को सहयोग करेंगे और स्टार्टअप के लिए एक प्रस्ताव तैयार करेंगे।
राज्यभर का मौसम 16 जनवरी से फिर करवट लेगा। कृषि विज्ञान केंद्र पीपराकोठी ने पूर्वानुमान कर कहा कि 16 से 18 जनवरी तक सूबे में कड़ाके की ठंड का अलर्ट है। राज्यभर में दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट आ सकती है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में संभावित बड़ी गिरावट से राज्य के कई जिले 20 जनवरी तक शीतलहर के प्रभाव में रह सकते हैं। कहीं-कहीं ठंड का प्रभाव उसके बाद भी बना रहेगा। मध्य बिहार और दक्षिण बिहार में हवा का प्रवाह अधिक रहने से कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। इस बार ठंड की अनुभूति दर्ज तापमान से भी अधिक हो सकती है। इससे पहले 15 जनवरी को कुछ जगहों पर मध्यम से घने कोहरे की स्थिति रह सकती है। केविके ने विशेष मौसम परामर्श जारी कर कहा है कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में औसत न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट होगी। न्यूनतम तापमान चार से छह डिग्री के बीच आ सकता है। वहीं मौजूदा अधिकतम तापमान गिरकर 14 से 20 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम में आने वाले बदलावों का असर मनुष्य के साथ पशु और फसलों पर भी पड़ सकता है। अभी राज्य भर में दिन का औसत तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच है, जबकि रात का तापमान आठ से 12 डिग्री के बीच है। बिहार के तीन जिलों में रहा शीत दिवस पर कोहरे से मिली राहत पिछले दो दिनों में राज्य के आधा दर्जन शहरों को शीत दिवस से निजात मिली है, लेकिन तीन शहर शनिवार को भी शीत दिवस की चपेट में रहे। यहां न्यूनतम तापमान मानक से काफी कम रहा। भागलपुर, छपरा और सबौर में सामान्य से कम न्यूनतम तापमान की वजह से शीत दिवस की स्थिति रही। पूर्णिया में घना कोहरा रहा जबकि पटना और गया में मध्यम दर्ज का कोहरा रहा। 5.7 डिग्री सेल्सियस के सात राज्य भर में सबसे सर्द सुबह किशनगंज में रही।
