सारण मोबाइल वाणी से अजय कुमार की रिपोर्ट अधिक जानकारी के लिए सारण मोबाइल वाणी पर आप ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और पूर्ण रूप से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।जनगणना कार्य की निगरानी, सत्यापन और ट्रबल शूटिंग है महत्वपूर्ण कार्य:-सारण डीडीसी जिला स्तरीय प्रशिक्षण: प्रथम बैच का समापन, ।।। सारण में इस बार की जनगणना तकनीक के उपयोग के कारण पिछली बार से काफी अलग और आधुनिक होगी. उक्त बातें उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने चार्ज, सहायक चार्ज और अन्य अधिकारियों के प्रशिक्षण के तीसरे दिन सत्र प्रारम्भ होने पर कहीं. उन्होंने कहा कि जनगणना में आपकी भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है. आप ही फिल्ड में आने वाली किसी भी समस्या के ट्रबल शूटर होंगे. साथ ही आपको ही कार्य की निगरानी और डाटा को सत्यापित करना होगा. इस लिए यह प्रशिक्षण बहुत ही महत्त्वपूर्ण है. इसे पूरी सजगता और सूक्ष्मता के साथ ग्रहण करें. प्रगणक, सुपरवाइजर से लेकर चार्ज हेडक्वार्टर समेत हर स्तर के कार्य को बारीकी से समझें. आने वाली समस्याओं का पूर्व आंकलन कर अभी डाऊट क्लियर करें. बाद में कोई भी चूक अक्षम्य होगी. जनगणना के नाम पर कोई ओटीपी न करें शेयर अपर जिला जनगणना पदाधिकारी सह डीआईआई ने दो दिन में हुए प्रशिक्षण के टॉपिक को बिन्दुवार रिकैप किया. उन्होंने बताया कि केवल ऐप में लॉगिन के समय ओटीपी का प्रावधान है. लोगों को व्यापक तौर पर जागरूक करें कि किसी अन्य के साथ जनगणना के नाम पर कोई ओटीपी शेयर न करें. कहा कि जनगणना में एकत्र की जाने वाली सूचनाएं अति गोपनीय डाक्यूमेंट हैं. ऐप के स्तर पर इसे अति सुरक्षित बनाया गया है. प्रगणक से लेकर सुपरवाइजर या आपके स्तर पर भी इसका ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने बताया कि गणना या सर्वे पूर्णतः मोबाइल एप के माध्यम से होगा. आम नागरिक भी मोबाइल एप के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज (स्व-गणना) कर सकेंगे. इस अवसर पर जिला जनसंख्या अधिकारी सह अपर समाहर्ता मुकेश कुमार, निदेशक डीआरडीए शिव कुमार पंडित, स्थापना प्रभारी पदाधिकारी मो गुलाब, स्टेट ट्रेनर सह डीसीएलआर आलोक राज, जिला कल्याण पदाधिकारी सुरेश कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी शशि कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी रविन्द्र कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अंजनी कुमार लाल, ओएसडी मिंटू चौधरी आदि उपस्थित थे. विभिन्न बिंदुओं पर हुई गहन चर्चा स्टेट मास्टर ट्रेनर आदिति आनंद और जुली कुमारी ने राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किए गए मॉड्यूल के आधार पर ट्रेनिंग को कुशलता पूर्वक संपन्न कराया. उन्होंने एचएलओ मोबाइल ऐप का अवलोकन और इसकी विशेषताएं, एचएलओ प्रश्न 1 से 34 भरने की विधि, एचएलओ सुपरवाइजर ऐप का उपयोग करके डेटा सत्यापन में पर्यवेक्षक की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने डेटा प्रविष्टि को सुगम बनाने, डेटा नैतिकता, गोपनीयता, सुरक्षा मोबाइल और वेब ऐप संबंधी समस्याओं का निवारण, ऐप के उपयोग और डेटा सुरक्षा के लिए क्या करें और क्या न करें को समझाया. साथ ही सीएमएमएस डैशबोर्ड के माध्यम से क्षेत्रीय चुनौतियों, उत्तरदाताओं और गणनाकर्ताओं के व्यवहार, डेटा गुणवत्ता और निगरानी को समझाया. वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप में जिला व प्रभारी अधिकारियों के लिए डीसीएचबी प्रक्रिया पर दो भाग में चर्चा की गई. अंत में तीस मिनट तीस प्रश्न के आधार ऑनलाईन क्विज आयोजित कर प्रतिभागियों क्षमतावर्द्धन का आंकलन किया गया ।।
बिहार राज्य के सोनपुर जिले के सोनपुर मेले में पुलिस प्रदर्शनी में पटना मुख्यालय से आई दर्जनों श्वान दस्ता के डॉग ने अपनी कलाओं का प्रदर्शन कर मेलार्थियों को हैरान कर दिया। पटना से आए लेब्राडोर शेरु , रिंगो, प्वजी, सिमया ,लियो, हीरा जैसे आधे दर्जन से ऊपर स्वान दस्ते के डॉग ने आतंकवादी उग्रवादी हमले को रोकने के अलावे संदिग्ध वस्तुओं की खोज करने सहित अपराधियों द्वारा अपराध की घटना के अंजाम देने के बाद किस तरह से प्रशिक्षण ग्रहण प्राप्त डॉग उस घटना तक पहुंच कर अपराधियों को पकड़ने या संदिग्ध वस्तुओं को खोजती है इसकी भी जानकारी डॉग ने मेलार्थी को दी । डॉग ने अनेक बैग में रखें में से एक बैग से शास्त्र को पहचान की । वही दूसरी ओर मालवे में दबे एक व्यक्ति को डॉग ने किस तरह से खोज कर पुलिस को बताती हैं यह भी मेलार्थी ने देखा । यह कोई मामूली डॉग नहीं बल्कि प्रशासन के द्वारा प्रशिक्षण दी गई डॉग होते हैं जो अपराधी कितना भी बड़ा क्यों ना हो या छुपाए गए कोई भी सामान क्यों ना कहीं से उसे खोज कर निकालने में डॉग कामयाब हो जाते हैं । डॉग पुलिस पदाधिकारी को उस कांड का उद्वेदन करने में सहयोग करते हैं। अपराध प्रवृति के वैसे लोग कितनी भी काली करतूतें कर ले लेकिन उनकी पर्दाफाश पुलिस किसी ने किसी के सहयोग से उसके काले करतूत के पर्दाफाश करने में कोई कसर नहीं छोड़ती है बशर्ते नेक पुलिस पदाधिकारी हो ।
सीमावर्ती महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु 56वीं वाहिनी द्वारा जोगबनी में किया गया 20 दिवसीय निःशुल्क ब्यूटीशियन कोर्स का शुभारंभ
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फारबिसगंज : जीविका ने दिया हेल्थ किट का प्रशिक्षण
आज chc रानीपूर में hbyc प्रशिक्षण चतुर्थ बैच की समाप्ति पर आशा एवं संगीनी को अधीक्षक dr अशोक कुमार चौहान ,चिकित्सा अधिकारी dr धीरेंद्र यादव जी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया व ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक हुमैरा ख़ातून प्रशिक्षक सौरभ कुमार बृजेश कुमार सिंह ,ममता जी द्वारा प्रशिक्षण उपरांत दिए गए कार्यों को और बेहतर करने के लिए आशा आंगन वाड़ी व संगिनि को प्रेरित किया गया संगिनि रीना देवी ,सुनीता देवी, एवं खुरहट, मनाजीत,कामरवा उपकेंद्र की 60आशा, अनगांवड़ी द्वारा सफलता पूर्वक 5 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा किया गया
जीविका परियोजना से जुड़े करीब दो दर्जन सामूदायिक उत्प्रेरक दीदीयों को सी.एल.एफ. सभागार बैशखवा में मोबाईल वाणी के 9711757589 का उपयोग विधि सहित जुड़ने हेतू दी गई प्रशिक्षण.
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मंगलवार को कार्यस्थल पर महिलाओं की यौन उत्पीड़न के रोकथाम हेतु समस्तीपुर जिले के जीविका के सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधकों और जिला कार्यालय में कार्यरत सभी विषयगत प्रबंधकों को प्रशिक्षण दिया गया । भारत सरकार के कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के अंतर्गत सभी कार्यों में जहां महिलाएं काम करती है वहां पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम समिति का निर्माण होना है तथा वहां कार्य कर रहे हैं कर्मियों को यौन उत्पीड़न से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है ।कर्स्थल पर महिलाओं के यौन उत्पूर्ण को रोकने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाता है अगर बात करें मैं कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की तो इसके अंतर्गत कार्यरत पुरुष साथियों द्वारा महिलाओं के ऊपर की गई गैर मर्यादित टिप्पणी, अवांछित और अनुचित कार्य अशोभनीय व्यवहार, कपड़ों पर आपत्तिजनक टिप्पणी सहित अन्य टिप्पणियां, बगैर सहमति के शारीरिक संपर्क करने आदि जैसे व्यवहार पर रोक लगाने हेतु यह अधिनियम बनाया गया था।
