पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने आदापुर व दरपा थाने का किया औचक निरीक्षण जिले के नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने आदापुर व दरपा थाने का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को विधि व्यवस्था बनाए रखने व अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इसी क्रम में उन्होंने आदापुर तथा दरपा थाने में सभी पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्य का सही तरीके से निभाने की बात कही । साथ ही अपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए हर तरह की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मौके पर संबंधित थानों के पदाधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के क्रम में भारत नेपाल सीमा के स्थिति का पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने जायजा लिया और सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों के साथ सीमा संबंधित अपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए बात की। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि पूरी तरह से जिले में अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
कोटवा प्रखंड के बीडीओ ने दिलाई निष्पक्ष मतदान करने की शपथ प्रखंड के सभी बूथों पर मतदाता जागरूकता दिवस मनाया गया कोटवा:( पूर्वी चंपारण)।कोटवा प्रखंड कार्यालय में बुधवार को मतदाता दिवस मनाया गया।इस अवसर पर बीडीओ सरीना आजाद द्वारा लोगो को मतदान से संबंधित शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम में शामिल लोगो को बीडीओ सरीना आजाद ने देश की लोकतांत्रिक बनाए रखने तथा स्वतंत्र ,निष्पक्ष एवम शांतिपूर्ण गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर,धर्म,जाति,समुदाय, भाषा और किसी भी प्रलोभन से प्रभावित नही होकर मतदान करने की शपथ दिलाई गई।आगे बीडीओ ने बताया कि प्रखंड के सभी बूथों पर मतदाता दिवस के अवसर पर बीएलओ मौजूद रहे। मौके पर शिक्षक सुरेंद्र कुमार सिंह, मोहम्मद शमीम अख्तर, विवेकानंद कुमार, प्रमुख पति सुनील दास, सांख्यिकी पदाधिकारी श्री कुमार, मनकेश्वर प्रसाद, संतोष कुमार ,संतोष कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार, रामाधार शर्मा, सत्येंद्र प्रसाद यादव ,अमरेश कुमार, मोहम्मद नौशाद ,देवी लाल कुमार, मदन कुमार ,कन्हैया प्रसाद सिंह ,राजीव कुमार, प्रेम प्रकाश कुमार उर्फ गब्बर सिंह, दिलीप कुमार दुबे, अनिता कुमारी शारदा कुमारी संगीता कुमारी, आशु कुमारी, किरण खजूर, सहित कई प्रबुद्ध लोग शामिल थे।
नव दिवसीय शत चंडी महायज्ञ को लेकर निकाली गई जलयात्रा पट्टी जेसौली के सोना देवी,सुंदर देवी परिसर में आयोजित होंगा महायज्ञ जलयात्रा में उमड़ी जनसैलाब कोटवा:(पूर्वी चंपारण)। पट्टी जेसौली पंचायत के सोना देवी सुंदर देवी परिसर में आयोजित होने वाले नव दिवसीय शत चंडी महायज्ञ को लेकर जलयात्रा निकाली गई। जिसमे हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। निकली इस जलयात्रा में लगभग 3100 सौ कुआरी कन्याएं एवं महिलाओं ने माथे पर कलश लिए माता की जय कारा लगाते हुए सोना देवी सुंदर देवी सरैया परिसर से होते हुए तिरहुत मेन कनाल 495 आरडी के पास पहुंची। जहा प्रसिद्ध आचार्य पवन तिवारी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ जलबोझी कराया गया। जालबोझी के बाद पुन जलयात्रा सोना देवी सुंदर देवी परिसर में पहुंची । यात्रा में हाथी,घोड़ा सहित सैकड़ों की संख्या में गाडियां और हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।यजमान हरेंद्र किशोर सिंह,विपिन झा, गुड्डू सिंह ने बताया कि इस महायज्ञ में अयोध्या के सुप्रसिद्ध कथावाचक रामप्रवेश दास का कथा और वृदावन के प्रसिद्ध रासलीला का आयोजन किया जाएगा। मौके पर विधायक मनोज कुमार यादव,लाल बाबू झा, कमलेश सिंह ,सुनील सिंह, सुखारी सिंह ,लालबाबू सिंह, बिंदेश्वरी सिंह, प्रमुख पति सुनील दास, जिला परिषद सदस्य मनोज मुखिया, मुखिया पति संतोष सिंह, शिव चरण झा, सकलदीप सिंह, भूप नारायण सिंह, वीरेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, अश्विनी कुमार, रविंद्र सिंह ,धर्मेंद्र कुमार सिंह, मिस्टर सिंह ,जितेंद्र सिंह, सूचित पासवान, शंकर पंडित सत्येंद्र प्रसाद यादव सहित हजारों की संख्या लोग सामिल थे।
सरस्वती पूजा को लेकर मूर्तिकार ने मुर्ति का दिया गया अंतिम रूप सरस्वती पूजा की तिथि नजदीक आते ही मुर्तिकार ने मुर्ति का अंतिम रूप दिया , मूर्तिकार ने रात दिन एक कर के लगे हुए थे मूर्तिकार माता सरस्वती की प्रतिमाओं को युद्धस्तर पर लगकर अंतिम रूप दे दिया है भक्तो ने मूर्ति की खरीदारी भी करना सुरु कर दिया है , पवन पांडे मूर्तिकार ने कहा कि कड़ाके की ठंड, कुहासा और धूप ना उगने से बनाने में परेशानी हुई है लेकिन फिर भी समय पर सभी भक्तों के लिए मूर्ति का निर्माण ससमय हो गया है पिछले साल की अपेक्षा इस साल सभी मूर्ति भी बिक गई । इस बार प्लास्टर ऑफ पेरिस से भी मूर्ति निर्माण की गई है मूर्तिकार पवन पांडे से सुनते है
जिले में धान की खरीदारी लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। जिले में विगत पंद्रह नवम्बर से शुरू की गयी धान की खरीद धीमी गति से चल रही है। जिले में 2.51 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। 15 फरवरी तक ही किसानों से धान खरीद की अंतिम तिथि निर्धारित की गयी है। करीब 25 दिन का समय बचा है। इस समय सीमा के अंदर धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य पूरा करने में विभाग का पसीना छूट रहा है। जिले के सभी 27 प्रखंडों में समितियों के माध्यम से धान की खरीदारी चल रही है। विगत 15 नवम्बर से धान की अधिप्राप्ति शुरू की गयी है। जिला सहकारिता विभाग के अनुसार जिले में अभी तक 1.08 मीट्रिक टन ही धान की खरीदारी हो पायी है। लिहाजा धान खरीद की रफ्तार सुस्त होने से अभीतक जिले के मिले लक्ष्य का पचास प्रतिशत भी अधिप्राप्ति नहीं हो पायी है। धान खरीद में विलंब से किसानों के घर में रखे धान का नुकसान हो रहा है। जिले में 379 क्रियाशील पैक्स हैं। धान बेचने के लिए जिले के करीब 32 हजार किसानों ने निबंधन कराया है। करीब 18 हजार एमटी सीएमआर गिराया जा चुका है। समितियों के द्वारा धान की खरीदारी करने व सीएमआर गिराने के बाद ही भुगतान करने का प्रावधान किया गया है। जिसके लिए बीसीओ की अनुशंसा को अनिवार्य किया गया है। सहकारिता बैंक के एमडी राजेश कुमार ने बताया कि धान अधिप्राप्ति की गति को तेज करने का निर्देश दिया गया है।
जाति आधारित गणना की जानकारी अब विशेष पोर्टल पर भी देखी जा सकती है। पहले चरण की गणना से संबंधित सभी जानकारी इस पर जल्द ही देखी जा सकेगी। संबंधित पोर्टल को मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने मुख्य सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में सोमवार को जारी किया। सीबीएस डॉट जीओवी डॉट इन नामक इस वेबसाइट पर जल्द ही सभी आंकड़ों को जारी कर दिया जाएगा। यह पोर्टल सर्वेक्षण कार्य से संबंधित सभी तरह के डिजिटल प्रबंधन के लिए भी बेहद उपयोगी होगा। इस पर मौजूद सभी आंकड़ों को एक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से सभी प्रगणकों को मुहैया कराया जाएगा। इसकी मदद से प्रगणक दूसरे चरण में जाति और सामाजिक-आर्थिक सर्वे के टास्क को पूरा करेंगे। इस मोबाइल एप पर भी निर्धारित प्रश्नावली के साथ ही सभी आंकड़ों को दर्ज किया जाएगा। इससे दूसरे चरण की गणना के बाद सभी डाटा एकत्र कर समेकित रिपोर्ट तैयार करना सरल होगा। दूसरे चरण की गणना के लिए यह बेहद कारगर साबित होगा।
उर्दू, फारसी एवं अरबी विषयों के लिए विशेष टीईटी व एसटीईटी की परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न विद्यालयों में उर्दू,फारसी तथा अरबी विषयों के शिक्षकों की भारी कमी है जबकि पर्याप्त संख्या में इस विषय में पढ़ाई किए हुए छात्र-छात्राएं उपलब्ध हैं। वहीं कई छात्र-छात्राओं ने शिक्षा मंत्री से मिलकर यह भी बताया गया कि इनमें से कुछ विषयों के लिए आज तक शिक्षक पात्रता परीक्षा,जो कि शिक्षकों की भर्ती के लिए अनिवार्य योग्यता है, आयोजित नहीं की गई। जिसके कारण इस विषयों को रखकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के बीच गहरी निराशा तथा क्षोभ व्याप्त है। विभाग ने विशेष टीईटी तथा एसटीइटी आयोजित करने संबंधी नियमावली के साथ पूरी कार्य योजना बनाने का निर्देश शिक्षा विभाग को दिया है। साथ ही इन विषयों की कुल पदों की संख्या, कार्यरत बल, रिक्त पदों का विवरण भी मांगा है ताकि व्यवहारिक निर्णय लिया जा सके। टीईटी परीक्षा के लिए उर्दू,फारसी और अरबी विषयों के कक्षा एक से पांच तक के पेपर एक तथा कक्षा 6 से 8 पेपर दो का आयोजन होगा। इसी प्रकार, एसटीईटी के उर्दू,फारसी और अरबी विषय के कक्षा 9 से 10 पेपर एक तथा कक्षा 11 से 12 पेपर दो आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है।
जिले के चयनित किसानों को जैविक खेती का बढ़ावा देने के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी। चयनित किसानों को वित्तीय वर्ष 2022 से 2025 तक तीन किस्त में राशि दी जाएगी। किसानो को पहले साल खेती के लिए मिलेंगे 11500 रुपये प्रत्येक किसान को एक एकड़ में खेती करने के लिए 11 हजार 500 रुपये पहले वर्ष में तथा दूसरे एवं तीसरे वर्ष में 6500-6500 रुपये का भुगतान किया जाएगा। जैविक खेती का पहला चरण वित्तीय वर्ष 2019 से 2022 तक चला था। दूसरे चरण के पहले वर्ष में सब्जी की जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। उसके बाद अन्य फसलों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। पूर्व चयनित को नहीं मिलेगा लाभ जैविक खेती के पहले चरण में जिन-जिन किसानों को योजना का लाभ मिल चुका है, उनका चयन दूसरे चरण के लिए नहीं किया जाएगा। दूसरे चरण के लिए नए प्लॉटों एवं किसानों का चयन किया जाना है। वैसे किसानों को भी इस योजना से वंचित किया जाएगा, जो जैविक कोरिडोर, नमामि गंगे एवं परंपरागत कृषि विकास योजना से लाभान्वित हैं। किसानों एवं उत्पादकों का समूह बनाकर जैविक विधि से खेती की जानी है। जैविक खेती के लिए पंजीकरण का कार्य एवं संबंधित जिले के जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा। एक किसान को अधिकतम 2.5 एकड़ का लाभ दिया जाएगा। कलस्टर में न्यूनतम रकबा सौ एकड़ होगा।
अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकों की कमी व छात्रों की कक्षाओं से पलायन ने शैक्षणिक माहौल को काफी प्रभावित किया है। शिक्षकों की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के नौ अंगीभूत कॉलेजों में 398 स्वीकृत पद के विरुद्ध मात्र 91 नियमित शिक्षक हैं। कई कॉलेजों में महत्वपूर्ण विषयों में एक भी शिक्षक नहीं हैं। जिन विषयों में शिक्षक हैं, उनमें कक्षाएं तो हो रही हैं। लेकिन छात्रों की उपस्थिति पूरी नहीं रहती। ऐसे में कुछ गिने-चुने कॉलेज ही हैं जहां से टॉपर निकल रहे हैं। ऐसे में कॉलेजों में नाम लिखा कर डिग्री लेना ही उद्देश्य बनता जा रहा है। वहीं कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स भी संचालित हो रहे हैं। इनके माध्यम से कई छात्रों को जॉब भी मिले। लेकिन ऐसे छात्रों की संख्या भी कम है। प्लेसमेंट सेल पूरी तरह सक्रिय नहीं नैक से मूल्यांकन में छात्रों का प्लेसमेंट भी प्रमुख मुद्दा है। इसके लिए बकायदा कॉलेजों में प्लेसमेंट सेल का गठन किया गया। लेकिन यह पूरी तरह फंक्शनल नहीं हो पाया। कोरोनाकाल में इसकी गतिविधि तो पूरी तरह से ठप रही। कुछ कॉलेजों में तो विगत सालों में इसको लेकर कुछ पहल भी हुई। शहर के प्रीमियर कॉलेज में शुमार एमएस कॉलेज में कोरोनाकाल के पहले कैंपस सेलेक्शन हुए थे। यहां के वरीय शिक्षक डॉ. इकबाल हुसैन के अनुसार, हाल के वर्षों में यहां के कई छात्र बैंक, रेलवे, अग्निवीर सहित विभिन्न पदों को सुशोभित किया है। इधर, एलएनडी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार ने बताया कि उनके यहां प्लेसमेंट सेल में तीन सदस्यीय टीम बनी हुई है। इनमें, डॉ. सुबोध कुमार, प्रो. दूर्गेश मणि तिवारी व प्रो. पिनाकी लाहा शामिल हैं। उनके अनुसार, पिछले साल 6-7 अप्रैल को दिल्ली की कंपनी की ओर से प्लेसमेंट को लेकर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमें ट्रेनिंग के लिए सेलेक्शन भी हुआ। इधर, एसएनएस कॉलेज के मीडिया प्रभारी प्रो. नीतेश कुमार के अनुसार उनके यहां वर्ष 2021 में स्वामान माइक्रो फाइनेंस कंपनी में 16 बच्चों का सेलेक्शन हुआ। वहीं, यहां के फिश एण्ड फिशरिज विभाग के छात्र रहे अभिषेक कुमार, अनुष्का जोशी, सत्यम कुमार, सोनू कुमार बैठा, अमृता कुमारी, धनंनजीत तिवारी व कमोद प्रियदर्शिनी का चयन बिहार सरकार के फिशरिज डेवलमेंट ऑफिसर के रूप में हुआ है।
दस महाविद्याओं की आराधना के दिन 22 जनवरी से गुप्त नवरात्रि प्रारंभ हो गई हैं। यह 30 जनवरी तक हैं। माघ शुक्ल पक्ष से शुरू हुई गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं—मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, घूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करना जरूरी होता है। असल में मौसम में जब-जब परिवर्तन होता है, सेहत को लेकर परेशानी खड़ी होती है। इससे बचने के लिए नवरात्रि का विधान हमारे ऋषियों ने किया। नवरात्रि से शरीर निरोगी और आध्यात्मिक शक्ति भी प्राप्त करता है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि तो जाग्रत नवरात्रि हैं, जिसे सनातन धर्म के अनुयायी बहुत धूमधाम से मनाते हैं। इनमें गुप्त नवरात्रि आषाढ़ और माघ के महीने में आती हैं। त्रेतायुग में गुप्त नवरात्रि को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता था। आदिशक्ति के भक्त मुख्यत शाक्त संप्रदाय के माननेवाले और संन्यासी इसे गुप्त ही मनाते हैं। गुप्त नवरात्रि की महिमा का गान ऋषि शृंगी ने किया है। वे एक बार जब अपने भक्तों को प्रवचन दे रहे थे, तब एक महिला ने हाथ जोड़कर ऋषि से कहा, ‘मेरे पति अनीतिपूर्ण कार्यों में लिप्त हैं। इस कारण मैं व्रत-उपवास नहीं कर पाती हूं। मां दुर्गा की कृपा मुझ पर नहीं है। मुझे मां की कृपा प्राप्त हो इसके लिए मुझे उपाय बताएं।’ तब ऋषि ने कहा, ‘गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याएं हैं, उनकी प्रसन्नतापूर्वक उपासना-पूजा करो। निश्चित ही लाभ होगा। महिला ने गुप्त नवरात्रि का व्रत किया। माताएं उसकी निश्छल भक्ति से प्रसन्न हो गईं। इस व्रत को करने से उसका पति सुधर गया और उस पर मां की कृपा हो गई। प्राय तंत्र साधना वाले इन महाविद्याओं की आराधना करते हैं। पूजा का नियम, विधि-विधान, जाग्रत नवरात्रों-सा ही है। पूरे नवरात्रि में ब्रह्ममुहूर्त में उठकर मंत्र जाप करें। मंत्र में सिद्धि प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले गुप्त नवरात्रों का लाभ लें। हर दिन दुर्गा सप्तशती या देवी भागवत का पाठ करें। हर दिन संभव हो तो गणेश को मोदक, तिल के लड्डू, बेल, दूर्वा, शमी आदि अर्पित करें। कुलदेवी या कुलदेवता की पूजा भी अवश्य करें। उल्लेखनीय है कि दस महाविद्याओं के साथ देवी भगवती ने असुरों चंड-मुंड और शुंभ-निशुंभ का वध किया था। उस समय देवी की यही दस महाविद्या युद्ध करती रहीं। वृष, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न वालों को मातृशक्ति की आराधना करने से तत्काल लाभ होता है। जो लोग शनि की साढ़ेसाती— मकर, कुंभ और मीन एवं ढैय्या- कर्क और वृश्चिक से परेशान हैं, उन्हें गुप्त नवरात्रि में व्रत करने से लाभ होगा।
