ज्ञानबाबू चौक स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंघ सभा में खालसा पंथ का 324वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ वैशाखी पर्व रुप में मनाया गया। इस अवसर पर अनेक लोगों ने बड़ी संख्या में गुरुद्वारे में मत्था टेका और अपने परिवार,समाज व देश में अमन-चैन की कामना की। कार्यक्रम को लेकर सहज पाठ की समाप्ति के बाद पटना साहिब से पधारे हजूरी रागी हरभजन सिंह के जत्थे ने संगीतमय गुरुवाणी कीर्तन कर गुरुद्वारा सहित आसपास के वातावरण को पूरा भक्तिमय बना दिया था। वहीं गुरुवाणी विचार के क्रम में उपस्थित लोगों को वैशाखी की बधाई देते हुए गुरुद्वारा श्री गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष सतपाल सिंह छाबड़ा ने खालसा पंथ की स्थापना दिवस पर चर्चा करते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने मानवता की रक्षा के लिए पंच प्यारे के रुप में खालसा पंथ की स्थापना कर एक आदर्श स्थापित किया था और सिख गुरुओं के सभी उपदेशों को गुरुग्रंथ साहिब में संगृहित किया था। खालसा पंथ की स्थापना हो जाने पर उनदिनों समाज में व्यापत रुढ़िवादिता आदि बाधाएं अपने आप दूर हो गयी।

वर्तमान में अग्निशमन महकमा के पास छोटी, बड़ी और एरियल हाइड्रोलिक लैडर प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक गाड़ियां मौजूद हैं। सभी तरह की गाड़ियों की संख्या करीब 700 है। ये गाड़ियां जिला स्तर से लेकर मुख्यालय तक मौजूद हैं। हालांकि जरूरत के हिसाब से इनकी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे ज्यादा आवश्यकता ऊंचे भवनों तक पहुंचने के लिए आधुनिक हाइड्रोलिक दमकल वाहनों की है। अब आवश्यकता है अग्निशमन महकमा को आधुनिक बनाने की। खासकर पटना जैसे शहरों के लिए आधुनिक बड़े वाहनों के साथ ही छोटे आधुनिक वाहन की जरूरत अधिक है। क्योंकि यहां ऊंचे भवनों के अलावा संकीर्ण गलियां भी हैं, जिनकी जरूरत के आधार पर अग्निशमन वाहन होने चाहिए। पानी के अलावा गैस या कार्बन डाई-ऑक्साइड आधारित अग्निशमन वाले छोटे वाहनों की भी यहां ज्यादा आवश्यकता है। ये वाहन छोटे या भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर किसी आग पर तेजी से काबू पाने में बेहद सहायक साबित होते हैं। घरों में भी आग लगने पर ये आसानी से पहुंच सकते हैं। ऐसी गाड़ियां यहां जरूरत के आधार पर कम हैं। अभी यहां करीब डेढ़ दर्जन ऐसे वाहन हैं। इनके खरीद के लिए पर्याप्त फंड नहीं होने के कारण इनकी खरीद तेजी से नहीं हो रही है।

पीपराकोठी एसएसबी 71वीं बटालियन के द्वारा सीमा क्षेत्र विश्वकर्मा चौक पर निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सीमा क्षेत्र के  स्थानीय गांव अठमोहन और कोरेगावां के ग्रामीणों ने उक्त शिविर का लाभ उठाया। शिविर में डॉ. एससी सुखदेव कमांडेंट, पशु चिकत्सक क्षेत्रक मुख्यालय मुजफ्फरपुर के द्वारा बीमार पशुओं का इलाज कर उन्हें निःशुल्क दवा दिया गया। शिविर में लगभग 208 बीमार पशुपालकों के बीच दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया। स्थानीय मुखिया व अन्य ग्रामीणों में ऐसे मेडिकल कैम्प को सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बहुत ही लाभकारी बताया। चिकित्सा शिविर वाहिनीं कार्यवाहक कमांडेंट दिनेश कुमार ममोत्रा के निर्देशन में किया गया। शिविर में अठमोहन एसएसबी कैम्प प्रभारी निरीक्षक मुकुट दास, सहायक उपनिरीक्षक इजुम इत्ते, बिटु राम, अजय ठाकुर, मुख्य आरक्षी विकास कुमार, स्थानीय मुखिया एवं अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

सभी दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। खासकर शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का इन्हें सीधा लाभ मिलेगा। सबसे अहम तो इन्हें दिव्यांग पेंशन देने की योजना है। इसके पहले सरकार पूरे प्रदेश में सभी दिव्यांग बच्चों की पहचान करेगी। इसके लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। 25 मई तक ऐसे बच्चों की पहचान कर ली जाएगी और उन्हें 15 जून तक दिव्यांगता प्रमाणपत्र दे दिया जाएगा। इस योजना में 18 वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार ने दिव्यांग बच्चों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए इन्हें आधार कार्ड से जोड़ने की योजना पर भी कार्य कर रही है। इसके तहत 30 जून तक इनका आधार कार्ड बनवाने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभायन चलेगा। इसके पहले 25 मार्च से 25 मई तक उनकी आवश्यकताओं का आकलन किया जाएगा। फिर 16 जून से 30 जून तक इन्हें सहाय्य उपकरण और शैक्षणिक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही शैक्षणिक सामग्री मिलेगी। शिक्षा विभाग पहले ही दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभियान चला रहा है। इसके तहत 3 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों से जोड़ा जा रहा है जबकि इससे बड़े बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में कराया जा रहा है। लड़कियों का नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कराया जा रहा है। अब विभाग ने इसी योजना को और विस्तार दिया है। इसी वजह से दिव्यांग बच्चों को अध्ययन के साथ-साथ पढ़ने के लिए तमाम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है।

तुरकौलिया सीबीआई बैंक के समीप साइंस कैम्पस में कोचिंग में पढ़ा रहे शिक्षक सुबोध यादव पर चाकू से किए गए हमले में पुलिस ने बुधवार को एफआईआर दर्ज कर लिया है। जिसमे पांच लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। आरोपियों में ब्रह्म टोला के सोनू कुमार, मनोज साह, धनंजय साह, ओमप्रकाश कुमार व प्रमोद प्रसाद शामिल है। एफआईआर में शिक्षक पहाड़पुर के सरैया खाप टोला के शिक्षक सुबोध ने कहा है कि उसके कोचिंग में उक्त आरोपित मंगलवार को घुसकर चाकू से हमला कर दिए। जिससे वे जख्मी हो गए। शिक्षक का आरोप है कि उक्त लोग रंगदारी में दो लाख की मांग की थी। नहीं देने पर वे सब घटना को अंजाम दिए है। थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर छापेमारी की जा रही है।

वीरगंज महानगर पालिका द्वारा नेपाल के नव वर्ष के उपलक्ष्य में 13 से 15 अप्रैल तक लगने वाले त्रिदिवसीय वीरगंज नाइट बाजार का गुरुवार की संध्या शुभारंभ हुआ। वीरगंज मेयर राजेश मान सिंह व डिप्टी मेयर इम्तियाज अली के नेतृत्व में शुभारंभ हुआ। आदर्शनगर चौक से कैलास चौक होते हुए ओल्ड बस पार्क व चिल्ड्रेन पार्क तक जाने वाले रात्रि बाजार में 200 से अधिक स्टॉल हैं। रात भर खुला रहेगा बॉर्डर भारत नेपाल सीमा अमूमन रात को दस बजे से सुबह पांच बजे तक बंद हो जाती है। लोकल वाहनों की इंट्री चार बजे तक ही होती थी। लेकिन, नाइट मार्केट को ले कर वीरगंज महा नगर पालिका ने सीमा के दोनों ओर के प्रशासन की सहमति से बॉर्डर को रात भर खोलने की व्यवस्था की है। आज पहले दिन रात्रि के एक बजे तक मार्केट चालू रखने की योजना बनाई गई है,जिसको ले कर व्यापक सुरक्षा प्रबंध भी किया गया है। आम दिनों पुलिस रात्रि 9 बजे ही दुकानों को बंद करा देती थी।वीरगंज में महानगर संस्कृति अनुरूप रात्रि बाजार को विकसित करने की योजना बनाई गई है। तीन दिन का यह नाइट मार्केट ट्रायल के तौर पर है, सफल होने के बाद निरंतरता दी जाएगी। इसके पीछे वीरगंज की आर्थिक स्थिति मजबूती करना है।

जिले के 60 प्रतिशत बैंकों में बैंक का अपना सुरक्षा गार्ड नहीं है। कुछ बैंक निजी सुरक्षा एजेन्सी से गार्ड लिये हुये हैं तो कुछ बैंक सुरक्षा के लिये पेमेंट पर पुलिस बल लिये हैं। शेष बैंक पुलिस की गश्ती दल के भरोसे हैं। बताया जाता है कि जिले में विभिन्न बैंक और उनकी शाखा करीब 264 है। मगर सुरक्षा गार्ड मुख्यालय स्थित बैंक मै है। बैंक की शाखा में कम है। बताते हैं कि बैंक में सुरक्षा गार्ड की बहाली नहीं होने के कारण कुछ बैंक वाले निजी सुरक्षा एजेन्सी से पेमेंट पर गार्ड रख लिया है। कुछ थाना को आवेदन देकर होमगार्ड लिया है। क्या है बैंक का नियम हर बैंक में सुरक्षा गार्ड होना चाहिये। सायरन व सीसी कैमरा चालू हालत में होना चाहिए। इसकी हमेशा चेकिंग होते रहना चाहिए। स्थानीय थाना को भी बैंक के समय पेट्रोलिंग करना है। विशेष स्थिति में थाना से पेमेंट पर पुलिस की मांग करना चाहिए।

अगलगी की घटनाओं से निपटने के लिये अग्निशमन विभाग की 34 गाड़ियां चौबीस घंटे तैयार रहती है। सरकार के निर्णय के अनुसार जिले के सभी थानों में फायर व्रिगेड की गाड़ियां उपलब्ध नहीं करायी गयी है। अभी 27 थानों व छह अनुमंडलों में फायर व्रिगेड की गाड़ियां उपलब्ध रहती है। आग की सूचना या मैसेज आते ही गाड़ी दो मिनट में फायर स्टेशन से बाहर निकल जाती है। घटनास्थल पर पांच मिनट के अंदर उसे पहुंच जाना है। गाड़ियों को विभिन्न थानों से इस तरह से सेटिंग है कि आग वाली घटनास्थल पर पहुंचने में उसे सात मिनट से अधिक नहीं लग सकता है। अग्निशामालय अधिकारी रंजीत कुमार का कहना है कि हॉट स्पॉट चिन्हित कर वहां अग्निशमन की गाड़ियां भेजी गयी है। वहां रेडी पॉजिशन में फायर वाहन उपलब्ध रहते है। सूचना मिलते ही गाड़िया पहुंच आग पर काबू पायेगी। 14 अप्रैल से 20 तक अग्निशमन विभाग सेवा सप्ताह मना रहा है। जिसमें कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।

जिले में अगलगी की 75 प्रतिशत घटनाएं शॉटसर्किट से होती है। वहीं हाईटेंशन तार के लुज शटिंग के बाद स्पार्क करने से फसलों व घरों में आग लग जाती है। इसके अलावा हॉट समय में चूल्हा जलाने, बीड़ी व सिगरेट पीकर यत्र-तत्र फेंकने से आग लगने की घटनाएं होती है। यह सर्वे जिला फायर स्टेशन की है। अग्निशामालय अधिकारी रंजीत कुमार का कहना है कि फायर स्टेशन की जो रिपोर्ट है उसमें पचहतर प्रतिशत घटनाएं शॉटसर्किट से होती है। इस संबंध में कार्यपालक अभियंता विद्युत को पत्र भेजकर यह अगाह किया गया था कि सर्वे कराकर लुज तार को ठीक किया जाये। जहां वायर बार-बार लुज होने की आशंका है उस पर नजर रखी जाये। सुझाव गेहूं कटनी के समय बीड़ी व सिगरेट नहीं पीये। मकई का बुटा खेत में पकाने की कोशिश नहीं करें। खेत से हाईटेंशन तार गुजरने की स्थिति में विभाग को लुज शटिंग दूर करने की शिकायत करें। दोपहर में गांव में चूल्हा पर खाना नहीं बनाएं।

ताड़ी कारोबार से जुड़े ग्रामीण परिवारों के जीविकोपार्जन के लिए जिले के हर पंचायतों में नीरा बिक्री केन्द्र खुलेंगे। जिले में नीरा बिक्री केन्द्र खुलने से जीविका दीदियों को भी रोजगार मिलेगा। इसकी कवायद जीविका के द्वारा शुरू की गयी है। जिले के सभी प्रखंडों में 26 नीरा जीविका उत्पादक समूहों के द्वारा 98 नीरा बिक्री केंद्र की स्थापना की जा चुकी है। सबसे अधिक चिरैया प्रखंड में 12 नीरा बिक्री केन्द्र खोले गये हैं। इसके अलावा मधुबन में 7, केसरिया में 6, तुरकौलिया, कल्याणपुर, अरेराज व बंजरिया प्रखंड में 5 - 5 नीरा बिक्री केंद्र खोले गये हैं। मोतिहारी निबंधन कार्यालय परिसर में नीरा बिक्री केन्द्र खोला गया है। इस सीजन में 3 लाख 2400 लीटर नीरा बिक्री का लक्ष्य जिले में इस सीजन में नीरा बिक्री केन्द्र के माध्यम से 3 लाख 2400 लीटर नीरा बिक्री करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य का ेपूरा करने के लिए 27 प्रखंडों करीब 25 हजार लीटर नीरा का संग्रह व बिक्री की गयी है। 60 रुपये प्रति लीटर की दर से नीरा की बिक्री की जाती है। नीरा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मद्य निषेध व उत्पाद विभाग के द्वारा नीरा टैपरों को नीरा उत्पादन के लिए लाइसेंस निर्गत किया जा रहा है। लाइसेंस के लिए करीब 552 आवेदन मिले हैं। जिसमें अधिकांश लोगों को लाइसेंस निर्गत किया जा चुका है। क्या है नीरा प्रतिदिन सूर्यास्त के बाद व सूर्योदय के पहले ताड़ व खजूर के पेड़ से एक प्रकार का रस निकलता है। इस रस को काफी निम्न तापमान पर संग्रह कर स्टॉक किया जाता है। इसे रखने के लिए आइस बॉक्स आद का उपयोग किया जाता है। इससे यह ठंडा रहता है। ताड़ व खजूर के पेड़ से निकले रस से पेड़ा व गुड़ भी बनाया जा सकता है। कोटवा सहित तीन प्रखंडों में इस रस से पेड़ा व गुड़ का निर्माण किया जा रहा है।