जमुई जिले के जय शगुन वाटिका महिसौड़ी रोड में आगामी 26 फरवरी 2023 को सक्षम के द्वारा जिला अधिवेशन का कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

भारत सरकार , सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सहयोग से अगामी 28 फ़रवरी 2023 को सुबह 10:00 बजे से प्रखण्ड कार्यालय झाझा परिसर में एडिप योजना के तहत पूर्व में पंजीकृत प्रखंड के कुल 317 दिव्यांगजनों को निः शुल्क सहायक उपकरण के रूप में कृत्रिम अंग का वितरण किया जाएगा। विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

जमदलिपहाड़पुर में मनाया गया AHWD

बिहार राज्य के जमुई जिला के जामा प्रखंड के बिजयबन्ध में ग्रामीणों को दिया गया जलवायु परिवर्तन पर प्रशिक्षण

बिहार राज्य के जिला जमुई से रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि पहले के मुकाबले अब खेती में अधिक नुक्सान होती है। आगे कह रहे है कि खेती सही से हो इसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाए चलाई जा रही है। आगे कह रहे है कि बहुत से लोग योजनाओं का लाभ नहीं उठा प् रहे है क्यूंकि उनको योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं

जमुई जिले में सड़क दुर्घटना रुकने का नाम नहीं ले रही है और इसका कारण बन रहे है बालू लदे ट्रक। जिसके कारण युवक छात्र-छात्रा आदि उसका शिकार हो रहे हैं। ओवरलोड गाड़ी जब अपनी तीव्र गति से सड़क पर चलता है तो वह आगे पीछे कुछ नहीं देखता है और जो भी आगे से आता है उसे वह कुचलते हुए निकल जाता है। प्रशासन पकड़ने का प्रयास भी करता है, तब तक वह बहुत आगे निकल जाता। इसलिए जब भी लोगों को घर से बाइक लेकर निकले तो वह 30 से 25 के बीच रफ़्तार में ही गाड़ी चला कर निकले

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से दिनेश कुमार से बातचीत की। बातचीत में दिनेश कुमार ने बताया अब खेती में ज्यादा फायदा नहीं हो रहा है जिससे गुजारा सही से नहीं हो रहा है इसलिए वे अब खेती नहीं करते। साथ ही दिनेश कुमार ने बताया बहुत सारे योजनाये किसानों तक नहीं पहुँच पाते हैं इसलिए वे पलायन करने के लिए मजबूर हो गए हैं

बिहार राज्य के जमुई जिला के गिद्धौर प्रखंड से निकिता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि जलवायु परिवर्तन का सीधा असर बच्चों पर पड़ रहा है.इन दिनों किसान रासायनिक खादों का इस्तेमाल अधिक कर रहे हैं जिससे पैदावार बढ़ रही है लेकिन वह फसल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो रहा है। मिटटी की उर्वरा शक्ति में भी कमी आ रही है। बारिश कम हो रही है जिससे किसानों को सिंचाई की सुविधा नहीं मिलती।